National Desk, 🌐 tajnews.in | Tuesday, 21 July, 2026, 10:35:00 PM IST.

tajnews.in | नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए विपक्षी एकजुटता के प्रमुख चेहरों को दिल्ली पुलिस ने देर शाम रिहा कर दिया है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को छत्रसाल स्टेडियम से रिहा किया गया, जहां उन्हें अस्थाई डिटेंशन सेंटर में रखा गया था। वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को मंदिर मार्ग थाने से रिहा कर दिया गया। दिल्ली पुलिस के शिकंजे से बाहर आते ही विपक्षी नेताओं के तेवर और अधिक तल्ख तथा आक्रामक हो गए हैं। रिहा होते ही अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने बड़ा ऐलान करते हुए स्पष्ट कर दिया है कि पुलिसिया कार्रवाई और लाठीतंत्र के सामने विपक्ष झुकने वाला नहीं है तथा संसद के चालू मानसूनी सत्र में इस मुद्दे पर सरकार को चौतरफा घेरा जाएगा।
छत्रसाल स्टेडियम से बाहर आते ही बरसे अखिलेश, सरकार की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
रिहाई की औपचारिकताओं के बाद छत्रसाल स्टेडियम परिसर के बाहर मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ा रुख अपनाया। अखिलेश यादव ने कहा कि युवाओं, छात्रों और अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेताओं को जिस प्रकार पुलिस बल के दम पर हिरासत में लिया गया, वह लोकतंत्र की मर्यादा पर गहरा कुठाराघात है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जनता और पीड़ित छात्रों की बेबाक आवाज को जेल या स्टेडियम की चारदीवारी में कैद करके नहीं दबाया जा सकता।
सपा प्रमुख ने कहा कि विपक्षी इंडिया गठबंधन इस पूरे घटनाक्रम और पुलिसिया तानाशाही के रवैये को संसद के भीतर पूरे जोर-शोर से उठाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी असफलताओं और पेपर लीक माफियाओं को बचाने के लिए विपक्ष पर दमनकारी हथकंडे अपना रही है, लेकिन इंडिया गठबंधन का हर सिपाही संसद की कार्यवाही के दौरान सदन में इस मुद्दे को पूरी प्रखरता के साथ रखेगा और सरकार से जवाब मांगकर रहेगा।
प्रियंका गांधी की दो टूक, संसद सत्र में सरकार के सामने खड़ी होगी बड़ी चुनौती
दूसरी ओर, मंदिर मार्ग थाने से रिहा होने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब-जब देश के युवा अपने अधिकारों और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की मांग करेंगे, तब-तब यह सरकार पुलिस को आगे कर अपनी जिम्मेदारियों से भागने का प्रयास करेगी। प्रियंका गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और पुलिस के इस दमनचक्र से विपक्ष के हौसले कमजोर होने वाले नहीं हैं।
उल्लेखनीय है कि नीट पेपर लीक विवाद, छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांगों को लेकर दोपहर के समय राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव सहित तमाम विपक्षी सांसद लोक कल्याण मार्ग पर प्रधानमंत्री आवास का घेराव करने के लिए निकले थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया था। अब नेताओं की रिहाई के बाद राष्ट्रीय राजधानी की राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है। विपक्षी दल संसद के दोनों सदनों में कार्यस्थगन प्रस्ताव लाकर बहस कराने और सरकार को कटघरे में खड़ा करने की अपनी संयुक्त रणनीति को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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