कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए चार वर्गों में होगी परीक्षा, 13 दिसंबर को सूरसदन में पुरस्कार वितरण समारोह
आगरा डेस्क | 🌐 tajnews.in | 3 अक्टूबर 2026 | 23:31 बजे

आगरा। युवा पीढ़ी में भारतीय परंपराओं, संस्कृति और उच्च संस्कारों का बीजारोपण करने के उद्देश्य से इस्कॉन द्वारा ताजनगरी आगरा में इंटरनेशनल गीता ओलम्पियाड की शुरुआत की गई है। आयोजन के माध्यम से कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों को श्रीमद्भगवद्गीता के सार और उससे जुड़े नैतिक, सामाजिक एवं पारिवारिक मूल्यों से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है। इस आयोजन का पुरस्कार वितरण समारोह 13 दिसंबर को सूरसदन प्रेक्षागृह में होगा।
श्रीजगन्नाथ मंदिर परिसर में आयोजित पोस्टर एवं आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम में इस्कॉन मंदिर के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप प्रभु ने बताया कि गीता जीवन की कठिन परिस्थितियों, संशय और दुविधाओं में मार्गदर्शन देने वाली शिक्षाओं का महत्वपूर्ण स्रोत है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी भारतीय परंपराओं, संस्कृति और संस्कारों से जुड़ी रहे, इसके लिए शहर के विभिन्न स्कूलों में विद्यार्थियों को गीता सार पढ़ाया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार इस वर्ष आगरा के लगभग 40 हजार विद्यार्थियों को गीता ओलम्पियाड से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए शहर के करीब 100 स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए गीता सार की कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं।

आगरा में इंटरनेशनल गीता ओलम्पियाड के पोस्टर एवं आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम की तस्वीर।
- आगरा में इस्कॉन ने इंटरनेशनल गीता ओलम्पियाड की शुरुआत की।
- करीब 40 हजार विद्यार्थियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
- कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए चार वर्ग बनाए गए हैं।
- गीता सार की कक्षाओं के बाद 50 अंकों की परीक्षा होगी।
- 13 दिसंबर को सूरसदन में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित होगा।
चार वर्गों में आयोजित होगी परीक्षा
इस्कॉन की प्रतिनिधि अदिति गौरांगी ने बताया कि गीता ओलम्पियाड को विद्यार्थियों की कक्षाओं के आधार पर चार वर्गों में विभाजित किया गया है। प्रथम वर्ग में कक्षा 1 और 2, द्वितीय वर्ग में कक्षा 3 से 5, तृतीय वर्ग में कक्षा 6 से 8 और चतुर्थ वर्ग में कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थी शामिल होंगे।
स्कूलों में करीब एक सप्ताह तक गीता सार की कक्षाएं चलाने के बाद 50 अंकों की परीक्षा ली जाएगी। परीक्षा में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिए जाने की जानकारी आयोजकों ने दी है।
स्कूल में अनुमति नहीं मिलने पर ऑनलाइन माध्यम की सुविधा
आयोजकों के अनुसार जिन स्कूलों में सीधे कक्षाएं संचालित करने की अनुमति नहीं मिलती, वहां विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन माध्यम से गीता सार की पढ़ाई और परीक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों को कार्यक्रम से जोड़ना है।
पंजीकरण के लिए विद्यार्थियों से 40 रुपये शुल्क लिया जा रहा है। आयोजकों की ओर से दिए गए संपर्क नंबर 9927091147, 8958982047 और 9897646412 पर जानकारी लेकर भी पंजीकरण कराया जा सकता है।
सामाजिक समस्याओं के समाधान में गीता की शिक्षाओं पर जोर
कार्यक्रम में समाजसेवी नितेश अग्रवाल एवं सेन्ट एन्ट्रूज पब्लिक स्कूल के निदेशक गिरधर शर्मा ने कहा कि आधुनिक दौर में बच्चे अपनी मूल संस्कृति और संस्कारों से दूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को शुरुआती उम्र से ही नैतिक और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने के प्रयास किए जाने चाहिए।
वक्ताओं ने गीता के ‘कर्मण्येवाधिकारस्ते’ सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति का अधिकार अपने कर्म और प्रयास पर है, परिणाम पर नहीं। उनके अनुसार यह दृष्टिकोण तनाव और असफलता के भय जैसी परिस्थितियों से निपटने में सहायक हो सकता है।
बच्चों में संस्कार और जीवन मूल्यों का प्रयास
आयोजकों ने कहा कि गीता ओलम्पियाड को केवल प्रतियोगिता के रूप में नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों से परिचित कराने वाले अध्ययन कार्यक्रम के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है। गीता सार की कक्षाओं के माध्यम से बच्चों को नैतिक, सामाजिक और पारिवारिक मूल्यों से परिचित कराने पर जोर दिया जा रहा है।
13 दिसंबर को सूरसदन में होगा पुरस्कार वितरण
गीता ओलम्पियाड के विभिन्न चरण पूरे होने के बाद 13 दिसंबर को सूरसदन प्रेक्षागृह में पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे और प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र भी दिए जाएंगे।
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ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य रूप से आशू मित्तल, ओमप्रकाश अग्रवाल, राजेश उपाध्याय, रवि नारंग विश्वास, शाश्वत नन्दलाल, सुशील अग्रवाल, शशि सारस्वत, मनमोहिनी, अदिति गौरांगी, राजेश, सूरज और यश सहित अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।






