मीनाबाग के सांस्कृतिक सभागार में युवा और बाल कलाकारों ने दी प्रस्तुतियां; कविता, संकीर्तन और संगीत के बीच 18 अक्टूबर की डांडिया नाइट का पोस्टर भी जारी
आगरा डेस्क | 🌐 tajnews.in | 28 सितंबर 2026 | 04:03 बजे

तकनीक और तेजी से बदलती जीवनशैली के बीच परिवार के साथ संवाद और जुड़ाव बनाए रखने की जरूरत पर जोर देते हुए डॉ. नवीन गुप्ता ने समाज में ‘सेव फैमिली’ अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि तकनीकी रूप से समृद्ध दौर में परिवार कहीं पीछे छूटते जा रहे हैं और ऐसे समय में परिवार को बचाने तथा रिश्तों को मजबूत बनाए रखने पर सामूहिक रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है।
यह विचार उन्होंने धरा चेतना फाउंडेशन की ओर से 26 सितंबर 2026 की शाम मीनाबाग, दयालबाग स्थित धरा चेतना सांस्कृतिक सभागार में आयोजित सांस्कृतिक संध्या एवं विचार गोष्ठी ‘बैठकी’ में व्यक्त किए। कार्यक्रम में आगरा के युवा और बाल कलाकारों के साथ साहित्यकारों एवं समाजसेवियों ने भी अपनी प्रस्तुतियां दीं।

कार्यक्रम में परिवार, साहित्य, संगीत और सामाजिक सरोकारों से जुड़े विषयों पर विचार रखे गए। कविता, संकीर्तन और संगीत प्रस्तुतियों के बीच कलाकारों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। इसी अवसर पर 18 अक्टूबर को प्रस्तावित ‘धरा चेतना डांडिया नाइट’ के पोस्टर का भी विमोचन किया गया।
- डॉ. नवीन गुप्ता ने परिवारों में संवाद और रिश्तों को मजबूत बनाए रखने पर जोर दिया।
- धरा चेतना की ‘बैठकी’ में युवा और बाल कलाकारों ने कविता, संकीर्तन और संगीत की प्रस्तुतियां दीं।
- साहित्य को समाज को दिशा देने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया।
- 18 अक्टूबर की ‘धरा चेतना डांडिया नाइट’ का पोस्टर जारी किया गया।
शारदा वंदना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत शारदा वंदना से हुई। इसे हर्षित और उनके साथियों ने प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में टेबल पर आशु तथा बांसुरी पर अक्षय यादव ने संगत दी।
इसके बाद विशिष्ट अतिथि डॉ. नवीन गुप्ता ने तकनीक के बढ़ते प्रभाव और परिवारों में बदलते संबंधों पर अपनी बात रखी। उन्होंने साहित्य और संगीत की सामाजिक भूमिका पर भी चर्चा की। उनका कहना था कि कविता और गजल जैसी रचनाएं व्यक्ति पर मनोवैज्ञानिक प्रभाव डाल सकती हैं और भावनात्मक तनाव के बीच राहत का माध्यम बन सकती हैं।
उन्होंने कहा कि दुख भरे गीत भी कई बार मन को सुकून देते हैं और संगीत, साहित्य तथा कला का व्यक्ति के मन पर प्रभाव पड़ता है।

साहित्य को समाज की दिशा तय करने वाला माध्यम बताया
संस्था की अध्यक्ष दीपाली सिंह ने कहा कि साहित्य जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने धार्मिक और सामाजिक जीवन में पुस्तकों एवं साहित्य की भूमिका का उल्लेख करते हुए साहित्य को मानव जीवन के मार्गदर्शन से जोड़ा।
संस्था के सचिव अक्षय कुमार ने कहा कि साहित्य लंबे समय से समाज को नई दिशा देने का काम करता आया है। उन्होंने कबीर और रहीम जैसे रचनाकारों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके साहित्य ने आम लोगों को जीवन-दर्शन समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संकीर्तन और संगीत ने बांधा समां
कार्यक्रम में हर्षित पाठक, अक्षय और गति सिंह सहित युवा कलाकारों ने संकीर्तन की प्रस्तुति दी। राधा-कृष्ण भक्ति से जुड़े गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
गायिका बीके रश्मि सिंह ने भी संगीतमयी रचना प्रस्तुत की। उनकी प्रस्तुति में ईश्वर के प्रति कृतज्ञता और समर्पण का भाव प्रमुख रहा।
कविताओं में दिखे राष्ट्र, समाज और रिश्तों के सरोकार
कवि ईशान देव ने अपनी स्वरचित कविता के माध्यम से राष्ट्र, शौर्य और महिला शक्ति के विषयों को सामने रखा। उनकी रचना में रानी पद्मिनी और अहिल्याबाई जैसे ऐतिहासिक संदर्भों के साथ बेटियों को अवसर मिलने पर उनके आगे बढ़ने की कल्पना व्यक्त की गई।
वहीं ऋचा जैन ने रिश्तों में बढ़ती दूरी और आपसी संवाद की कमी को केंद्र में रखकर अपनी कविता प्रस्तुत की। उनकी रचना में बदलते सामाजिक संबंधों और एक-दूसरे से बढ़ती दूरी का भाव दिखाई दिया।
बाल कलाकारों ने भी दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम में बालिका समृद्धि माहेश्वरी ने ‘समय का महत्व’ विषय पर कहानी प्रस्तुत की। अनिरुद्ध गोयल ने की-बोर्ड पर संगीत प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम में डॉ. वेद त्रिपाठी, डॉ. विनोद यादव, बरखा सिंह, सतीश कुमार, रेणु सिंह, आहना और डॉ. महेश धाकड़ सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम संयोजक गति सिंह ने अंत में सभी अतिथियों, कलाकारों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया।
18 अक्टूबर की डांडिया नाइट का पोस्टर जारी
इसी अवसर पर धरा चेतना फाउंडेशन की ओर से 18 अक्टूबर को फतेहाबाद रोड स्थित सेल्फी प्वाइंट पर प्रस्तावित ‘धरा चेतना डांडिया नाइट’ के पोस्टर का भी विमोचन किया गया।
आयोजकों के अनुसार डांडिया नाइट में लोक नृत्य और संगीत के साथ प्रतिभागियों को डांडिया का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में युगल और अन्य प्रतिभागियों के लिए सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई।





