अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा ने हिंदी विषय में उच्च अंक पाने वाले हाईस्कूल-इंटरमीडिएट 2026 के विद्यार्थियों को किया सम्मानित
आगरा डेस्क | 🌐 tajnews.in | 28 सितंबर 2026 | 04:23 बजे

आगरा में अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में रविवार को आगरा पब्लिक स्कूल, विजय नगर कॉलोनी में प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में हिंदी विषय में उच्च अंक प्राप्त करने वाले 18 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान देने वाली पांच विभूतियों को भी सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि वरिष्ठ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. डी.वी. शर्मा रहे, जबकि अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. कुसुम चतुर्वेदी ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे एवं भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। डॉ. कुसुम चतुर्वेदी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, जिसके बाद भगवान परशुराम की सामूहिक आरती की गई।
- हिंदी विषय में उच्च अंक पाने वाले 18 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
- हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान देने वाली पांच विभूतियों को भी सम्मान मिला।
- समारोह में हिंदी की भूमिका और बदलते शैक्षिक परिवेश पर विचार रखे गए।
- शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई।
हिंदी में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान
अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मधु भारद्वाज ने कहा कि देश में हर वर्ष 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। इसी क्रम में महासभा सितंबर माह में विभिन्न बोर्ड परीक्षाओं में हिंदी विषय में उच्च अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करती है। उन्होंने बताया कि हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान देने वाली विभूतियों को भी इस आयोजन के माध्यम से सम्मानित किया जाता है।
वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में हिंदी विषय में उच्च अंक प्राप्त करने पर मिष्ठी गौड़, वैष्णवी शर्मा, आयुष्वी गौतम, चाणक्य गोस्वामी, पर्व जैन, मौलिक सिंघल, अंश त्रिपाठी, आराध्या गोयल, प्रिंसी, चहक अग्रवाल, कार्तिक चौधरी, मनीषा गोयल, आरुष भारद्वाज, आर्यन गोयल, अदिति शर्मा, अरुनि भार्गव, अलौकिक कौशिक और यशवी शर्मा को सम्मानित किया गया।
हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान देने वाली विभूतियां भी सम्मानित
समारोह में हिंदी के प्रचार-प्रसार में योगदान के लिए पूनम माहेश्वरी, अनुराधा शर्मा, रिचा चौधरी, शिल्पी गुप्ता और कृतिका गुप्ता को भी सम्मानित किया गया।
अति विशिष्ट अतिथि डॉ. चंद्रशेखर शर्मा ने हिंदी की स्वाभाविक विस्तार क्षमता पर विचार रखते हुए कहा कि भाषा अपना स्थान स्वयं बना लेती है, जिस प्रकार नदियां अपना रास्ता स्वयं बना लेती हैं।
बदलते परिवेश में हिंदी की भूमिका पर चर्चा
मुख्य अतिथि डॉ. डी.वी. शर्मा ने बदलते परिवेश में हिंदी की भूमिका पर विचार रखे। उन्होंने हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित किए जाने की मांग किए जाने की बात कही। यह उनका व्यक्तिगत विचार था, जिसे उन्होंने समारोह के दौरान व्यक्त किया।
कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. कुसुम चतुर्वेदी ने शिक्षा व्यवस्था में शिक्षक की भूमिका पर विचार रखते हुए कहा कि शिक्षक को प्रजातांत्रिक एवं मनोवैज्ञानिक होना चाहिए।
आयोजन में बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में डॉ. मधु भारद्वाज, दीप्ति भार्गव, ममता पचौरी, वंदना तिवारी, विजया तिवारी, किरण शर्मा, डॉ. अरुणा भार्गव, अनुपम चतुर्वेदी, रेखा तिवारी, राजकुमारी पाराशर, आरती शर्मा, अर्चना पाठक, अनीता शर्मा, पूजा भारद्वाज, अरुण कुमार सारस्वत, प्रवीण कटारा, अभिषेक दीक्षित, शाहतोष गौतम और डॉ. आभा चतुर्वेदी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन आकांक्षा शर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन वंदना तिवारी ने किया।





