INDIA ब्लॉक का चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली में प्रदर्शन, राहुल गांधी समेत कई नेता हिरासत में

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SIR और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग; संसद से निर्वाचन आयोग तक मार्च रोका गया, राहुल-प्रियंका गांधी ने आकाशवाणी भवन परिसर में धरना दिया

राष्ट्रीय डेस्क | 🌐 tajnews.in | 6 अक्टूबर 2026 | 18:31 बजे

राष्ट्रीय डेस्क

नई दिल्ली में मंगलवार को INDIA ब्लॉक के विपक्षी सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन किया। सांसद संसद के मकर द्वार से निर्वाचन आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर जवाब देने की थी। दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने मार्च को निर्वाचन सदन तक पहुंचने से पहले रोक दिया, जिसके बाद विपक्षी नेताओं ने सड़क पर धरना दिया।

चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी

चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी।

प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी सांसद शामिल हुए। मार्च को रोके जाने के बाद राहुल गांधी और अन्य सांसदों ने पुलिस बैरिकेड के पास धरना दिया। बाद में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा आकाशवाणी भवन परिसर के भीतर भी पहुंचे और वहां विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी प्रदर्शन के दौरान

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा प्रदर्शन के दौरान।

मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और रास्ते में बैरिकेड लगाए गए थे। प्रदर्शनकारियों को निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक जाने की अनुमति नहीं दी गई। राहुल गांधी ने मौके पर सवाल उठाया कि जब विपक्ष के बड़ी संख्या में सांसद निर्वाचन आयुक्तों से मिलने आए हैं तो उन्हें उनसे मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसद देश के करोड़ों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

HIGHLIGHTS
  • INDIA ब्लॉक के सांसदों ने संसद से निर्वाचन आयोग तक मार्च किया।
  • दिल्ली पुलिस ने मार्च को निर्वाचन सदन पहुंचने से पहले रोक दिया।
  • राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कई विपक्षी नेता हिरासत में लिए गए।
  • विपक्ष ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
  • SIR और Form 6 से जुड़े विवाद को प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा बनाया गया।
राहुल गांधी चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन में

राहुल गांधी चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान।

बैरिकेड पर चढ़े राहुल गांधी, हाथ में तिरंगा

मार्च रोके जाने के दौरान राहुल गांधी पुलिस बैरिकेड पर चढ़ते दिखाई दिए। उनके हाथ में तिरंगा था। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने सड़क पर बैठकर धरना दिया। प्रदर्शन के दौरान मतदाता सूची, लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े नारे लगाए गए। विपक्षी नेताओं ने कहा कि उनका उद्देश्य चुनाव आयोग तक पहुंचकर अपनी आपत्तियां सीधे निर्वाचन आयुक्तों के सामने रखना था।

दिल्ली में INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन

दिल्ली में INDIA ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन का दृश्य।

आकाशवाणी भवन परिसर में भी हुआ धरना

मार्च रोके जाने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा आकाशवाणी भवन के रिसेप्शन गेट से परिसर में दाखिल हुए। वहां भी विपक्षी नेताओं ने धरना दिया। क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू होने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने परिसर में मौजूद कुछ कार्यकर्ताओं को हटने के लिए कहा और कुछ लोगों को हिरासत में लिया।

आकाशवाणी भवन जहां विपक्षी नेताओं ने धरना दिया

आकाशवाणी भवन परिसर, जहां विपक्षी नेताओं ने धरना दिया।

प्रियंका गांधी और राहुल गांधी प्रदर्शन के दौरान

प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी प्रदर्शन के दौरान।

राहुल गांधी ने निर्वाचन आयुक्तों से मुलाकात नहीं होने पर उठाए सवाल

प्रदर्शन स्थल पर राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष के 300 से अधिक सांसद संसद से निर्वाचन आयोग तक आए हैं और वे निर्वाचन आयुक्तों से मुलाकात करना चाहते हैं। उन्होंने सवाल किया कि उन्हें आयोग तक जाने से क्यों रोका जा रहा है। उनका कहना था कि विपक्षी सांसद देश की जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों का जवाब मिलना चाहिए।

राहुल गांधी का प्रदर्शन के दौरान दृश्य

प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी।

SIR और Form 6 विवाद बना प्रदर्शन का केंद्र

INDIA ब्लॉक का यह प्रदर्शन मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) और नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े Form 6 को लेकर चल रहे विवाद की पृष्ठभूमि में हुआ। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है और इससे पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं। विपक्षी दलों ने इसी मुद्दे को आधार बनाकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज की है।

वहीं, चुनाव आयोग ने अनियमितता के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना और डुप्लीकेट या अपात्र प्रविष्टियों को हटाना है। Form 6 को लेकर आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि वैधानिक Form 6 में बदलाव नहीं किया गया, जबकि SIR के संदर्भ में अतिरिक्त घोषणा की व्यवस्था को लेकर विवाद सामने आया है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद

Form 6 विवाद को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसने Form 6 के किसी संशोधित प्रारूप को मंजूरी नहीं दी है और रिकॉर्ड सामने आने पर यह देखा जाएगा कि बदलाव किस स्तर पर और किसकी अनुमति से किए गए। अदालत ने संबंधित रिकॉर्ड मांगे हैं। हालांकि, अदालत ने अभी यह निष्कर्ष नहीं दिया है कि निर्वाचन आयोग ने कानून का उल्लंघन किया है या मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने एकतरफा फैसला लिया है।

इस न्यायिक कार्यवाही को विपक्ष ने अपने आरोपों के समर्थन के रूप में पेश किया है, जबकि चुनाव आयोग का पक्ष है कि SIR से संबंधित अतिरिक्त घोषणा को वैधानिक Form 6 में बदलाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आयोग ने कहा है कि SIR पूरा हो चुके राज्यों में सामान्य वैधानिक Form 6 का इस्तेमाल किया जा रहा है।

दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी प्रदर्शन

चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली में विपक्षी प्रदर्शन।

INDIA ब्लॉक प्रदर्शन में विपक्षी नेता

INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन में शामिल विपक्षी नेता।

अखिलेश यादव समेत कई नेता हिरासत में

प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया और कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से निर्वाचन आयोग तक जाना चाहते थे। प्रदर्शन में तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के नेता भी शामिल हुए।

INDIA ब्लॉक के प्रदर्शन में विपक्षी सांसद

प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसद।

BJD ने भी प्रदर्शन में लिया हिस्सा, AAP और DMK दूर रहे

इस प्रदर्शन में बीजू जनता दल के सांसदों की भागीदारी को विपक्षी एकजुटता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी और DMK ने इस मार्च में हिस्सा नहीं लिया। इससे पहले भी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्षी दलों के बीच रणनीति और भागीदारी को लेकर अलग-अलग रुख सामने आते रहे हैं।

दिल्ली में विपक्षी दलों का प्रदर्शन

दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रदर्शन का एक और दृश्य।

विपक्ष ने आंदोलन आगे बढ़ाने का ऐलान किया

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि विपक्षी दल SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे को आगे भी उठाते रहेंगे। कांग्रेस ने देशभर में पदयात्राओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों की योजना की जानकारी दी है। पार्टी की ओर से ब्लॉक स्तर पर अभियान और नवंबर में दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली की घोषणा भी की गई है।

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी विपक्षी प्रदर्शन में

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा विपक्षी प्रदर्शन के दौरान।

चुनाव प्रक्रिया पर राजनीतिक टकराव और तेज

दिल्ली का यह प्रदर्शन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी पारदर्शिता को लेकर सरकार, निर्वाचन आयोग और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव का नया चरण है। विपक्ष इसे मतदाताओं के अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता का मुद्दा बता रहा है, जबकि निर्वाचन आयोग SIR को मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध करने की प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।

राहुल गांधी प्रदर्शन के दौरान

प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी।

अब राजनीतिक विवाद का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही से भी जुड़ गया है। अदालत द्वारा रिकॉर्ड मांगे जाने के बाद Form 6 और SIR से जुड़े फैसलों की प्रक्रिया पर आगे की न्यायिक जांच महत्वपूर्ण होगी। इस बीच विपक्ष ने सड़क से संसद तक इस मुद्दे को उठाने का फैसला किया है और चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग जारी रखने की बात कही है।

चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन

चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन का दृश्य।

Pawan Singh
Pawan Singh
Editor in chief, Taj News Network
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