Edited by: Thakur Pawan Singh | tajnews.in | 04 March 2026, 09:50 pm IST
Taj News International & Defense Desk
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कोलंबो (Colombo): ईरानी जहाज पर सबमरीन से हमला ने पूरी दुनिया में भारी खौफ पैदा कर दिया है। दरअसल, श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास यह भयानक वारदात हुई। ताज न्यूज़ (Taj News) की इंटरनेशनल डेस्क के अनुसार, एक अमेरिकी पनडुब्बी ने इस युद्धपोत को डुबो दिया है। इसके परिणामस्वरूप, हमले में 80 लोगों ने अपनी दर्दनाक जान गंवा दी। इसलिए, यह घटना द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अपनी तरह का पहला पनडुब्बी हमला है। अंततः, श्रीलंकाई नौसेना ने समुद्र से कई नाविकों के शव तुरंत बरामद कर लिए हैं。
▲ पनडुब्बी हमले के बाद ईरानी युद्धपोत से निकलता हुआ भयंकर धुआं।
180 लोग थे सवार, नौसेना का बचाव अभियान जारी
श्रीलंका के विदेश मंत्रालय ने जहाज पर 180 लोगों के सवार होने की पुष्टि की। इसके अलावा, संकट की सूचना मिलते ही श्रीलंका ने अपनी रेस्क्यू टीमें फौरन भेज दीं। मुख्य रूप से, नौसेना और वायुसेना के जवान बचाव मिशन में पूरी तरह जुट गए हैं। दूसरी ओर, डॉ. अनिल जयसिंघे ने 79 घायलों को अस्पताल लाने की बात कही। इनमें से एक व्यक्ति की हालत बहुत ज्यादा नाजुक बनी हुई है। अतः, डॉक्टर सात अन्य घायलों का आपातकालीन उपचार तेजी से कर रहे हैं。
▲ ईरानी जहाज पर अमेरिकी सबमरीन हमले और बचाव अभियान का एक दृश्य।
मिलन 2026 अभ्यास से लौट रहा था IRIS Dena
यह ईरानी जहाज IRIS Dena एक शक्तिशाली मौज-क्लास फ्रिगेट था। दरअसल, यह युद्धपोत भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित बहुराष्ट्रीय ‘मिलन 2026’ अभ्यास में गया था। वहां से लौटते समय ही अमेरिकी सेना (US Military) ने इसे अपना निशाना बना लिया। इसके परिणामस्वरूप, अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में यह भयंकर तबाही मच गई। इसलिए, इस खौफनाक हमले ने समुद्री सुरक्षा पर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं。
▲ ईरानी जहाज पर अमेरिकी सबमरीन हमले और बचाव अभियान का एक दृश्य।
अमेरिका ने स्वीकारा ईरानी जहाज पर सबमरीन से हमला
US डिफेंस सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने इस पूरे हमले की आधिकारिक जिम्मेदारी ली है। उन्होंने बताया कि एक अमेरिकी पनडुब्बी ने इस ईरानी युद्धपोत पर अचूक वार किया। हालांकि, अमेरिका ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद किसी दुश्मन पर ऐसा पहला सीधा हमला किया है। इससे पहले, श्रीलंकाई नौसेना ने हिंद महासागर में जहाज के डूबने की पक्की पुष्टि की थी। अंततः, अमेरिका ने इस महायुद्ध में अपनी आक्रामक भूमिका खुलकर दिखा दी है。
▲ ईरानी जहाज पर अमेरिकी सबमरीन हमले और बचाव अभियान का एक दृश्य।
अमेरिका और इजरायल का युद्ध में पांचवां दिन
पश्चिम एशिया में जारी इस भयंकर संघर्ष ने अब बहुत व्यापक रूप ले लिया है। दरअसल, अमेरिका और इजरायल ने तेहरान सहित कई शहरों पर हवाई बमबारी की है। अमेरिका ने 28 फरवरी 2026 को इस खूनी युद्ध की शुरुआत की थी। खामेनेई की मौत ने इस पूरे इलाके के हालात बहुत ज्यादा बिगाड़ दिए। इसके अलावा, दोनों देशों ने ईरान में लगभग 2000 ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है。
▲ ईरानी जहाज पर अमेरिकी सबमरीन हमले और बचाव अभियान का एक दृश्य।
परमाणु ठिकानों पर वार और ईरान का कड़ा पलटवार
हमलावरों ने ईरान की परमाणु सुविधाओं और बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चरों को मुख्य रूप से निशाना बनाया। जवाब में, ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर दिया है। साथ ही, तेहरान ने इजरायली शहरों पर अपनी खतरनाक मिसाइलें दाग दी हैं। उन्होंने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर भी भारी बमबारी की है। अतः, ईरानी जहाज पर सबमरीन से हमला जैसी सैन्य कार्रवाई ने समुद्री मार्गों पर गंभीर खतरा पैदा कर दिया है。
Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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