मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा के अनुभवों को पुस्तक में देंगी साहित्यिक रूप; कहा—“अपनी आस्था को मानते हुए दूसरे की आस्था का सम्मान करना ही भारत की खूबसूरती है”
आगरा डेस्क | 🌐 tajnews.in | 24 सितंबर 2026 | 8:29 बजे

आगरा। फतेहाबाद रोड स्थित जेपी वेडिंग ग्राउंड में 15 से 23 सितंबर 2026 तक आयोजित संत मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा का समापन हो चुका है। आगरा में 23 वर्ष बाद आयोजित इस रामकथा के दौरान भक्ति, सेवा, त्याग, वैराग्य, सत्य, प्रेम और करुणा जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
कथा के समापन अवसर पर लेखिका एवं मनोविज्ञान शोधार्थी राहत जहाँ ख़ानम ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनके लिए यह आयोजन केवल रामकथा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सर्वधर्म सम्मान, मानवीय संवेदना और आपसी सद्भाव की अनुभूति भी लेकर आया।

राहत जहाँ ख़ानम ने कहा, “रामकथा करने आए थे, सर्वधर्म कथा करके हिंदुस्तान को एक धागे में पिरोकर चले गए।” उनके अनुसार कथा के दौरान भगवान राम के चरित्र के साथ-साथ कबीर और गुरु परंपरा की सुगंध भी महसूस हुई। उन्होंने कहा कि मोरारी बापू की कथा के मूल संदेश में सत्य, प्रेम और करुणा प्रमुख रूप से दिखाई देते हैं।
उन्होंने अपने अनुभव को व्यक्त करते हुए कहा, “अपनी आस्था को मानते हुए दूसरे की आस्था का सम्मान करना ही भारत की खूबसूरती है।”
- आगरा में 15 से 23 सितंबर तक मोरारी बापू की नौ दिवसीय रामकथा आयोजित हुई।
- राहत जहाँ ख़ानम ने कथा के अनुभवों को ‘कथा एक, राहत अनेक’ नाम से पुस्तक का रूप देने की योजना बताई।
- पुस्तक में सत्य, प्रेम, करुणा और मानवीय संवेदना से जुड़े अनुभवों को साहित्यिक शैली में प्रस्तुत किया जाएगा।
- राहत जहाँ ख़ानम ने अपनी आस्था के साथ दूसरे की आस्था के सम्मान को भारत की खूबसूरती बताया।
‘कथा एक, राहत अनेक’ के नाम से लिखेंगी पुस्तक
राहत जहाँ ख़ानम ने बताया कि वह मोरारी बापू की आगरा रामकथा से प्राप्त अपने अनुभवों और अनुभूतियों को पुस्तक का रूप दे रही हैं। प्रस्तावित पुस्तक का नाम ‘कथा एक, राहत अनेक’ रखा गया है।
उनके अनुसार पुस्तक में नौ दिवसीय कथा के दौरान महसूस किए गए भावों, आध्यात्मिक अनुभूतियों तथा सत्य, प्रेम और करुणा के संदेश को ग़ज़लों और साहित्यिक शैली के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। पुस्तक का केंद्र केवल कथा के प्रसंग नहीं, बल्कि उनसे जुड़े व्यक्तिगत अनुभव और उन अनुभवों से उपजे मानवीय विचार होंगे।
राहत जहाँ ख़ानम ने कहा, “सारी कथाएं सुनिए, फिर चुनिए कि आपको किस पर विश्वास करना है। बापू की कथा में मुझे धर्म से अधिक सत्य, प्रेम और करुणा का संदेश मिला।”
समापन दिवस पर सत्य, प्रेम, करुणा और वैराग्य पर जोर
मोरारी बापू की आगरा रामकथा के अंतिम दिन भक्ति, ज्ञान और वैराग्य से जुड़े प्रसंगों के साथ कथा का समापन हुआ। उन्होंने वैराग्य को संसार से भागने के बजाय संसार में रहते हुए भीतर से मुक्त रहने के भाव से जोड़ा।
समापन दिवस की कथा में उन्होंने कहा कि राम का स्मरण सत्य, राम को गाना प्रेम और राम को सुनना करुणा है। कथा के दौरान सेवा, त्याग, साधुता और मानवीय मूल्यों से जुड़े विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से आध्यात्मिक जीवन के पक्षों पर भी चर्चा हुई।
23 वर्ष बाद आगरा में हुई नौ दिवसीय रामकथा
मोरारी बापू की यह नौ दिवसीय रामकथा 15 से 23 सितंबर 2026 तक फतेहाबाद रोड स्थित जेपी वेडिंग ग्राउंड में आयोजित हुई। 23 वर्ष बाद आगरा में हुई इस कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कथा के समापन के बाद राहत जहाँ ख़ानम द्वारा प्रस्तावित ‘कथा एक, राहत अनेक’ पुस्तक के जरिए इस आयोजन से जुड़े उनके व्यक्तिगत अनुभवों और मानवीय संदेशों को साहित्यिक रूप दिए जाने की योजना है। पुस्तक के प्रकाशन की तिथि और प्रकाशक की जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

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