लखनऊ में समन्वय बैठक में बीएल संतोष, विनोद तावड़े और अरुण कुमार ने लिया जमीनी फीडबैक; युवाओं, रोजगार और कार्यकर्ताओं की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा
लखनऊ डेस्क, 🌐 tajnews.in | गुरुवार, 17 सितंबर 2026, 02:08:

tajnews.in | लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच संगठनात्मक समन्वय की गतिविधियां तेज हो गई हैं। बुधवार को लखनऊ में संघ और भाजपा के बीच हुई समन्वय बैठक में क्षेत्रवार जमीनी फीडबैक, संगठन की तैयारियों, कार्यकर्ताओं की समस्याओं और बूथ स्तर तक समन्वय मजबूत करने पर चर्चा हुई।
बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े और संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार समेत वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हुए। भाजपा की ओर से प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी और प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह सहित संबंधित क्षेत्रीय पदाधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
तीन चरणों में हुई बैठक
लखनऊ में हुई समन्वय बैठक को तीन चरणों में आयोजित किया गया। पहले चरण में सभी संबंधित पदाधिकारियों के साथ सामूहिक बैठक हुई, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जमीनी फीडबैक लिया गया। इसके बाद अवध और कानपुर क्षेत्र से जुड़े पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग चर्चा की गई।
बैठक में सरकार, भाजपा संगठन और संघ के बीच निचले स्तर तक बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया। पदाधिकारियों से क्षेत्रवार संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की समस्याओं और जनता के बीच उठ रहे प्रमुख मुद्दों की जानकारी ली गई।
युवाओं, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर फीडबैक
बैठक से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार युवाओं के मुद्दे, शिक्षा, रोजगार और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े सवाल भी जमीनी फीडबैक का हिस्सा रहे। पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं के बीच बनी धारणाओं पर भी चर्चा हुई।
संगठन के स्तर पर यह बात सामने आई कि सरकार की योजनाओं और उसके कामकाज की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर जनता और कार्यकर्ताओं की शिकायतों को भी गंभीरता से समझना जरूरी है।
कार्यकर्ताओं की शिकायतों और स्थानीय समस्याओं पर भी चर्चा
बैठक में संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं की समस्याओं और स्थानीय स्तर पर अधिकारियों के साथ समन्वय से जुड़े मुद्दों पर भी फीडबैक लिया गया। निचले स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतें और जनता से जुड़े स्थानीय विषय भी चर्चा में रहे।
इस तरह बैठक का फोकस केवल चुनावी कार्यक्रम तय करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संगठन और सरकार के बीच जमीनी स्तर पर संवाद को मजबूत करने की जरूरत पर भी रहा।
विपक्ष के मुद्दों पर तथ्यात्मक जवाब देने की बात
बैठक में विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते समय तथ्यात्मक तरीके से जवाब देने और संगठन को अपने कार्यक्रमों तथा सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित करने की बात सामने आई।
बैठक से जुड़े समाचारों के अनुसार पदाधिकारियों को राजनीतिक विमर्श में अनावश्यक रूप से उलझने के बजाय संगठन के मुद्दों और सरकार के कामकाज को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने की तैयारी
बैठक का एक महत्वपूर्ण पक्ष बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और सरकार, भाजपा तथा संघ के बीच समन्वय को मजबूत करने से जुड़ा रहा।
संगठन के सामने आने वाले महीनों में विभिन्न सामाजिक वर्गों तक पहुंच बढ़ाने, कार्यकर्ताओं के साथ संवाद मजबूत करने और स्थानीय स्तर से मिलने वाले फीडबैक को आगे तक पहुंचाने की जिम्मेदारी होगी।
तावड़े का गोरखपुर से शुरू होगा क्षेत्रीय दौरा
लखनऊ की बैठक के बाद भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े का क्षेत्रीय दौरा भी प्रस्तावित है। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार वह 17 और 18 सितंबर को गोरखपुर में गोरक्ष क्षेत्र की बैठकों में शामिल होंगे।
इसके बाद 19 और 20 सितंबर को अयोध्या में अवध क्षेत्र की बैठकें और 21 तथा 22 सितंबर को प्रयागराज में काशी क्षेत्र की बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में क्षेत्रीय पदाधिकारियों के अलावा जिलाध्यक्षों और अन्य संगठनात्मक पदाधिकारियों से भी जमीनी स्थिति का फीडबैक लिया जाना है।
यानी लखनऊ की बैठक के बाद संगठनात्मक समीक्षा अब अलग-अलग क्षेत्रों तक ले जाने की तैयारी है।
कई क्षेत्रों में चरणबद्ध समीक्षा
भाजपा और संघ की ओर से उत्तर प्रदेश को अलग-अलग संगठनात्मक क्षेत्रों में देखते हुए चरणबद्ध बैठकों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इसका उद्देश्य क्षेत्रवार संगठन की स्थिति, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और स्थानीय मुद्दों की जानकारी शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाना है।
इस प्रक्रिया में गोरखपुर, अवध और काशी के बाद कानपुर, ब्रज और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़े क्षेत्रों में भी संगठनात्मक समीक्षा की दिशा में गतिविधियां आगे बढ़ने की जानकारी सामने आई है।
2027 से पहले संगठन और जमीनी फीडबैक पर जोर
उत्तर प्रदेश में अगला विधानसभा चुनाव 2027 में होना है। उससे पहले भाजपा और संघ की मौजूदा गतिविधियों में दो पहलू स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं—संगठनात्मक समन्वय और जमीनी फीडबैक।
लखनऊ की बैठक में कार्यकर्ताओं, संगठन और सरकार से जुड़े विषयों की समीक्षा के बाद अब क्षेत्रीय स्तर पर बैठकों का सिलसिला आगे बढ़ना है। इन बैठकों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर आने वाले महीनों में संगठन की प्राथमिकताओं और स्थानीय कार्यक्रमों की दिशा और स्पष्ट हो सकती है।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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