आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | शुक्रवार, 4 सितंबर 2026, 06:00:05 AM IST

घटिया तेल में तले जा रहे थे फ्रेंच फ्राइज! आगरा के बर्गर किंग पर 1.60 लाख रुपये का जुर्माना
सर्व एसआरके मॉल स्थित आउटलेट पर खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की कार्रवाई; जांच में फ्रेंच फ्राइज तलने में इस्तेमाल रिफाइंड पामोलीन तेल अधोमानक मिला, कोर्ट ने कंपनी की दलीलें खारिज कीं
tajnews.in | आगरा। शहर के सर्व एसआरके मॉल स्थित बर्गर किंग आउटलेट पर फ्रेंच फ्राइज तलने में इस्तेमाल किया जा रहा रिफाइंड पामोलीन तेल अधोमानक पाए जाने के मामले में एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान की कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर प्रतिष्ठान समेत तीन लोगों पर कुल 1.60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
कार्रवाई आउटलेट, कंपनी के नॉमिनी केके जैन और सहायक प्रबंधक पूरन चंद्र यादव के खिलाफ की गई है। कोर्ट ने प्रतिष्ठान पर 75 हजार रुपये, केके जैन पर 50 हजार रुपये और सहायक प्रबंधक पूरन चंद्र यादव पर 35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
फ्रेंच फ्राइज तलने वाले तेल का लिया गया था नमूना
मामला 30 अगस्त 2022 का है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी आरपी गंगवार की टीम ने सर्व एसआरके मॉल स्थित बर्गर किंग आउटलेट का निरीक्षण किया था।
निरीक्षण के दौरान ग्राहकों के लिए फ्रेंच फ्राइज तलने में इस्तेमाल किए जा रहे रिफाइंड पामोलीन तेल की गुणवत्ता पर संदेह होने पर टीम ने मौके से 2000 मिलीलीटर तेल का नमूना लिया। नमूने को जांच के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषक, लखनऊ भेजा गया।
24 सितंबर 2022 को आई जांच रिपोर्ट में तेल खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार नमूना मानव उपभोग के लिए अधोमानक श्रेणी में था।
इसके आधार पर एडीएम सिटी कोर्ट ने 22 मई 2023 को कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।
कंपनी ने दी देरी और तलने की प्रक्रिया की दलील
सुनवाई के दौरान कंपनी प्रबंधन ने कार्रवाई का विरोध करते हुए अपना पक्ष रखा। कंपनी की ओर से कहा गया कि खाद्य पदार्थ तलने की प्रक्रिया के दौरान तेल के रासायनिक गुणों में बदलाव हो सकता है।
नमूने की जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया में हुई देरी का मुद्दा भी उठाया गया। हालांकि, अदालत ने कंपनी की इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और उन्हें खारिज कर दिया।
कोर्ट ने मामले को खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ताओं के हित से जुड़ा गंभीर विषय माना।
एक महीने में जुर्माना नहीं भरा तो भू-राजस्व की तरह होगी वसूली
अदालत के आदेश के अनुसार, यदि एक महीने के भीतर जुर्माने की राशि जमा नहीं की जाती है तो उसकी वसूली भू-राजस्व की तरह की जाएगी।
एक नजर में कार्रवाई
| प्रतिष्ठान / व्यक्ति | जुर्माना |
|---|---|
| बर्गर किंग आउटलेट | 75 हजार रुपये |
| कंपनी नॉमिनी केके जैन | 50 हजार रुपये |
| सहायक प्रबंधक पूरन चंद्र यादव | 35 हजार रुपये |
| कुल जुर्माना | 1.60 लाख रुपये |
यह कार्रवाई भले ही चार साल पुराने खाद्य नमूने की जांच रिपोर्ट से जुड़े मामले में हुई है, लेकिन फैसले ने एक बार फिर बड़े फूड ब्रांडों में इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेल की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामला इस बात की भी याद दिलाता है कि नाम और ब्रांड की पहचान से अलग, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर निगरानी और नियमित जांच उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए कितनी महत्वपूर्ण है।
यह भी पढ़ें

Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
7579990777




