आगरा के एकता थाना क्षेत्र में ओवरलोडिंग के आरोप में सीज किया गया ट्रक थाना परिसर के बाहर से गायब हो गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और लोकेशन के आधार पर ट्रक को बरामद कर लिया, लेकिन घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज नहीं की गई। डीसीपी सिटी ने मामले की जांच और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | शनिवार, 29 अगस्त 2026, 11:00:13 AM IST

tajnews.in | आगरा: सीज किए गए वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक मामला आगरा में सामने आया है। ओवरलोडिंग के आरोप में सीज किया गया एक ट्रक एकता थाना क्षेत्र में थाने के बाहर खड़ा था, जहां से वह गायब हो गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ट्रक को बाद में बरामद कर लिया। हालांकि, ट्रक के गायब होने और उसके बाद बरामद होने के बावजूद इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मामला एकता थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, दो अगस्त को राजस्थान के अलवर निवासी कालूराम ट्रक लेकर आगरा आए थे। एकता थाना क्षेत्र में आरटीओ के कर अधिकारी वीके आनंद ने ओवरलोडिंग के आरोप में ट्रक को रोककर सीज कर दिया था।
बताया गया कि ट्रक पर 69,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था। कार्रवाई के बाद ट्रक की चाबी पुलिस के कब्जे में ली गई और वाहन को थाने के बाहर खड़ा कराया गया।
पांच अगस्त की रात थाने के बाहर से गायब हुआ ट्रक
जानकारी के अनुसार, पांच अगस्त की रात सीज किया गया ट्रक थाने के बाहर से गायब हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने ट्रक की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। बताया गया कि लखनऊ एक्सप्रेसवे के एक टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज में ट्रक रात करीब 12:28 बजे गुजरता दिखाई दिया।
इसके बाद पुलिस ने अन्य स्थानों की फुटेज और ट्रक की लोकेशन से जुड़े तथ्यों के आधार पर उसकी तलाश आगे बढ़ाई।
दूसरी चाबी से ट्रक ले जाने की बात जांच में सामने आने का दावा
ट्रक की तलाश के दौरान पुलिस ने सिद्धार्थनगर पुलिस का भी सहयोग लिया, जिसके बाद वाहन को बरामद कर लिया गया।
पुलिस जांच के दौरान ट्रक मालिक और उसके बेटे को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई। पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर जानकारी मिली कि ट्रक मालिक का बेटा दूसरी चाबी का इस्तेमाल कर वाहन को वहां से ले गया था।
हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से किसी प्राथमिकी के दर्ज होने की जानकारी सामने नहीं आई। ट्रक बरामद होने के बाद मालिक और उसके बेटे से पूछताछ की गई और बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
इसके बाद जुर्माना जमा होने पर ट्रक को निर्धारित प्रक्रिया के तहत रिलीज करा लिया गया।
सीज वाहन की सुरक्षा और पुलिस की जिम्मेदारी पर सवाल
इस घटनाक्रम के बाद सबसे बड़ा सवाल सीज किए गए वाहन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। जिस वाहन को सरकारी कार्रवाई के तहत सीज किया गया था, वह थाने के बाहर से कैसे गायब हो गया और उस दौरान उसकी निगरानी और सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी, इसकी जांच अब महत्वपूर्ण हो गई है।
वाहन के गायब होने के बाद उसे बरामद कर लिया जाना अलग बात है, लेकिन घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज नहीं होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
सीज वाहनों और पुलिस अभिरक्षा में रखे गए वाहनों की सुरक्षा से जुड़े नियमों और जिम्मेदारियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस मामले में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।
डीसीपी सिटी बोले—जांच होगी, दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच में यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही या दोष सामने आता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले में जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सीज ट्रक थाने के बाहर से किन परिस्थितियों में वहां से चला गया, उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी और घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज क्यों नहीं की गई।
ट्रक के गायब होने, उसकी बरामदगी और उसे दूसरी चाबी से ले जाने से संबंधित तथ्य उपलब्ध पुलिस जांच और अधिकारियों के बयानों के आधार पर हैं। मामले में अंतिम स्थिति जांच पूरी होने और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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