तगादा करने गए बीसी संचालक की संदिग्ध मौत पर रक्ताश्रम: आगरा में छह घंटे तक पथराव और भारी बवाल, तीन नामजद आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज

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Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Monday, 13 July, 2026, 05:20:15 PM IST.

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tajnews.in | आगरा: महानगर के थाना एतमादुद्दौला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले यमुनापार के व्यस्ततम भगवती बाग इलाके में रविवार को उस समय भयावह खूनी संघर्ष और सांप्रदायिक तनाव जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पांच लाख रुपये का कड़ा तगादा करने गए एक बीसी संचालक की पड़ोसी के घर पर संदिग्ध परिस्थितियों में दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय निवासियों ने हत्या का कड़ा आरोप लगाते हुए आरोपी के घर को चारों तरफ से घेर लिया और जमकर पथराव व ईंट-रोड़े बरसाए। उग्र भीड़ ने कानून व्यवस्था को ठेंगे पर रखकर लगभग छह घंटे तक सड़क जाम कर भारी बवाल काटा और मौके पर पहुंची पुलिस टीम के साथ भी कडी धक्का-मुक्की व तीखी झड़प की। क्षेत्र में फैले इस भारी बवाल को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को आसपास के कई थानों का अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी बुलानी पड़ी, जिसके बाद शव को विधिक रूप से पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका।

HIGHLIGHTS
  1. यमुनापार में खूनी तांडव: पांच लाख रुपये के तगादे पर गए बीसी संचालक दिनेश शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद भारी बवाल।
  2. करंट लगाने का संगीन आरोप: पीड़ित परिवार ने विपक्षी उदय अग्रवाल पर डंडों से पीटने और पैरों में कड़ा बिजली का करंट देकर हत्या करने का लगाया आरोप।
  3. छह घंटे तक बंधक रहा इलाका: उग्र भीड़ ने आरोपी के घर पर किया भीषण पथराव, पुलिस ने सूझबूझ से छत के रास्ते आरोपी परिवार को सुरक्षित निकाला।
  4. क्राइम केस पंजीकृत: डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के निर्देश पर उदय अग्रवाल और उसके दो बेटों आकाशलखन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज।

स्थानीय गामीणों और पुलिस नियंत्रण कक्ष से प्राप्त विस्तृत प्रशासनिक विवरण के अनुसार, मूल रूप से सीता नगर स्थित एक खराद कारखाने में मैकेनिक के रूप में कार्यरत दिनेश शर्मा (52) पिछले 15-20 वर्षों से अपने पैतृक निवास से बीसी (बचत सिंडिकेट) संचालित करने का विधिक काम करते थे। मृतक के बेटे आकाश ने रोते हुए बताया कि उनके मोहल्ले में ही महज 100 मीटर की दूरी पर रहने वाले रसूखदार स्टेशनरी दुकानदार उदय अग्रवाल ने कुछ समय पूर्व घरेलू काम का हवाला देकर पांच लाख रुपये की बड़ी रकम उधार मांगी थी। इस पर दिनेश शर्मा ने अपने सगे भाई देवेश की बीसी की जमा पूंजी से उक्त रकम निकालकर 15 दिन में वापस करने के कड़े वादे पर उदय को सौंप दी थी, परंतु निर्धारित समय बीत जाने के महीनों बाद भी आरोपी द्वारा रकम वापस नहीं की जा रही थी।

इसी कड़े आर्थिक तगादे को लेकर रविवार की सुबह करीब 9:30 बजे दिनेश शर्मा अकेले ही उदय अग्रवाल के मुख्य आवास पर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां पैसे मांगने की बात पर दोनों पक्षों में तीखी कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। पीड़ित परिजनों का विधिक आरोप है कि उदय और उसके बेटों ने दिनेश शर्मा को बंधक बनाकर डंडों से बर्बरतापूर्वक पीटा और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उनके पैरों में बिजली का कड़ा करंट लगा दिया। वारदात के बाद पड़ोस के कुछ सजग लोगों ने फोन पर परिवार को सूचना दी कि दिनेश शर्मा बेसुध अवस्था में उदय के घर के बाहर फर्श पर पड़े हुए हैं। परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्हें जीवन रक्षा के लिए निजी चिकित्सालय ले गए, जहां आपातकालीन डॉक्टरों ने उन्हें विधिक रूप से मृत घोषित कर दिया। इसके बाद आक्रोशित परिजन शव को वापस घर लाकर मुख्य मार्ग पर धरने पर बैठ गए और आरोपियों की तत्काल फांसी की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया।

सुबह ठीक 10:00 बजे जैसे ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुँचा, उग्र भीड़ का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक अमले पर कड़ा पथराव शुरू कर दिया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। भीड़ ने उदय अग्रवाल के मकान को चारों तरफ से घेरकर भीतर घुसने और आगजनी करने का पुरजोर प्रयास किया। स्थिति बेकाबू होते देख मुस्तैद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए स्वयं को आरोपी की छत पर तैनात किया और पीछे के गोपनीय रास्ते से छत के जरिए आरोपी परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला। इस बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के मध्य तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और लाठियां चटकने की खबरें भी सामने आईं। मृतक चिकित्सक की पत्नी मंजू शर्मा, दो बेटे विष्णुआकाश तथा दो बेटियां रश्मिप्रांशी शव से लिपटकर रोते रहे। बेटी प्रांशी ने रोते हुए यह कड़ा आरोप भी लगाया कि वारदात के तुरंत बाद आरोपी उदय अग्रवाल ने भाई आकाश को फोन कर गुमराह करने की साजिश रची थी कि तुम्हारे पापा को अचानक उल्टियां हो रही हैं और तबीयत बिगड़ गई है, जबकि वे उन्हें पहले ही मार चुके थे। स्थानीय नागरिकों ने यह भी खुलासा किया कि आरोपी क्षेत्र में अवैध रूप से कड़े ब्याज पर रकम देने और लोगों के मकान व जेवर गिरवी रखकर उन्हें हड़पने का एक बड़ा रैकेट चलाता है।

इस अत्यंत संवेदनशील और जघन्य मामले की विधिक और तकनीकी मॉनिटरिंग कर रहे डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने अपना आधिकारिक वर्जन जारी करते हुए बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं। पुलिस को प्राप्त हुए घटनास्थल के महत्वपूर्ण सीसीटीवी (CCTV) फुटेज में आरोपी पक्ष के लोग मृतक को अपने घर के समीप फर्श पर बैठाते हुए स्पष्ट नजर आ रहे हैं, हालांकि प्राथमिक स्तर पर बाहरी चोटों या मारपीट की विधिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी। निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टरों के विशेष पैनल और वीडियोग्राफी के जरिए शव का कड़ा पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पीड़ित परिवार की लिखित तहरीर के आधार पर मुख्य आरोपी उदय अग्रवाल और उसके दो सगे बेटों आकाश तथा लखन के खिलाफ बीएनएस की सुसंगत और कड़ी हत्या की धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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