पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हमज़ा बुरहान PoK में ढेर, अज्ञात हमलावरों ने फिल्मी अंदाज़ में मारी गोली

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National Desk, tajnews.in | Thursday, May 21, 2026, 03:49:00 PM IST

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National Desk | Global Counter-Terrorism, Strategic Defense & Intelligence Alerts

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा पार चल रहे आतंकवाद विरोधी मोर्चे से इस समय की एक बहुत ही बड़ी, सनसनीखेज और खलबली मचाने वाली खबर सामने आ रही है। वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर के लेथपोरा में हुए भीषण पुलवामा आत्मघाती आतंकी हमले से जुड़े कथित मास्टरमाइंड और वांटेड कमांडर हमज़ा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के मुज़फ्फराबाद इलाके में अज्ञात हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या कर दी गई है। खुफिया और रक्षा सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के अनुसार, मुज़फ्फराबाद के एक सुरक्षित ठिकाने में छिपे बैठे हमज़ा बुरहान को बाइक सवार अज्ञात बंदूकधारियों ने बेहद नज़दीक से ताबड़तोड़ गोलियां मारीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सोशल मीडिया और रक्षा विश्लेषक इस बेहद सटीक ऑपरेशन को “धुरंधर स्टाइल” (Dhurandhar Style) यानी फिल्मी अंदाज़ में की गई क्लोज-रेंज टारगेटेड किलिंग कहकर पेश कर रहे हैं। हालांकि, इस हाई-प्रोफाइल खात्मे को लेकर भारत सरकार या भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से फिलहाल किसी भी प्रकार के ऑपरेशन की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इस सनसनीखेज वारदात के बाद सीमा पार के आतंकी कैंपों और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के महकमे में भारी हड़कंप मच गया है।

आतंकी के खात्मे के मुख्य बिंदु
  • मुज़फ्फराबाद में हुआ कड़ा प्रहार: PoK के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले मुज़फ्फराबाद इलाके में छिपे आतंकी हमज़ा बुरहान को अज्ञात हमलावरों ने मौत के घाट उतारा।
  • फिल्मी अंदाज़ में टारगेटेड किलिंग: रक्षा हलकों में इस गुप्त ऑपरेशन को ‘धुरंधर स्टाइल’ क्लोज-रेंज एक्शन कहा जा रहा है, जिसमें हमलावर वारदात के बाद सुरक्षित भाग निकले।
  • पुलवामा हमले का कथित मास्टरमाइंड: हमज़ा बुरहान 14 फरवरी 2019 को हुए उस आत्मघाती हमले की साजिश का मुख्य हिस्सा था, जिसमें देश के 40 वीर जवान शहीद हुए थे।
  • जैश-ए-मोहम्मद को बड़ा झटका: पिछले कुछ वर्षों में मुदासिर अहमद खान सहित पुलवामा साजिश से जुड़े कई शीर्ष आतंकियों को अलग-अलग खुफिया ऑपरेशनों में मटियामेट किया जा चुका है।

मुज़फ्फराबाद में छिपे जैश कमांडर पर अज्ञात बंदूकधारियों का घातक हमला

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के प्रशासनिक केंद्र मुज़फ्फराबाद से गुरुवार दोपहर जो रणनीतिक इनपुट सामने आए हैं, वे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के नजरिए से अत्यंत संवेदनशील और कड़े हैं। प्रतिबंधित वैश्विक आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का शीर्ष रणनीतिकार और भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी हमज़ा बुरहान पिछले काफी समय से पाकिस्तानी सेना और आईएसआई के कड़े सुरक्षा घेरे में मुज़फ्फराबाद के एक रिहायशी इलाके में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गुरुवार को जब वह अपने सुरक्षित ठिकाने के पास से गुजर रहा था, तभी अत्याधुनिक हथियारों से लैस अज्ञात बंदूकधारियों ने उसे घेर लिया।

हमलावरों ने बिना कोई वक्त गंवाए हमज़ा बुरहान पर बेहद नज़दीक से कड़ा प्रहार करते हुए उसके सिर और छाती में कई गोलियां दाग दीं। गोलीबारी की इस भीषण आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। जब तक स्थानीय सुरक्षा बल और उसके सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचते, तब तक कथित ‘धुरंधर स्टाइल’ में आए हमलावर बेहद फिल्मी और सटीक अंदाज़ में वारदात को अंजाम देकर वहां से पूरी तरह रफूचक्कर हो चुके थे। लहुलूहान हालत में आतंकी को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हमले के पीछे वास्तव में किसका हाथ है और इसे किस एजेंसी ने अंजाम दिया है, इसकी कोई भी आधिकारिक पुष्टि सीमा पार के प्रशासन या अंतरराष्ट्रीय खुफिया विंग द्वारा अभी तक कतई नहीं की गई है, लेकिन इस सटीक किलिंग ने साबित कर दिया है कि भारत के दुश्मनों के लिए अब कोई भी कोना सुरक्षित बिल्कुल नहीं बचा है।

14 फरवरी 2019 का काला दिन, 40 वीर जवानों की शहादत का हिसाब शुरू

इस बड़े खात्मे के बाद भारतीय जनमानस में एक बार फिर 14 फरवरी 2019 के उस काले और दुखद दिन की यादें ताजा हो गई हैं, जब जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाकर एक भीषण आत्मघाती बम धमाका किया गया था। उस कायराना हमले में हमारे देश के 40 जांबाज जवान शहीद हो गए थे, जिसके बाद पूरे देश का खून खौल उठा था। उस जघन्य और निंदनीय हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान प्रायोजित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी और हमज़ा बुरहान को उस पूरी साजिश को रचने, बारूद इकट्ठा करने और आत्मघाती हमलावर को तैयार करने का मुख्य कथित मास्टरमाइंड माना जाता था।

ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, भारत सरकार और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पुलवामा के शहीदों के एक-एक बूंद खून का हिसाब लेने का जो कड़ा संकल्प व्यक्त किया था, वह पिछले कुछ वर्षों में धरातल पर साफ दिखाई दे रहा है। सुरक्षा बलों ने कश्मीर घाटी और सीमा पार चल रहे विभिन्न कड़े खुफिया ऑपरेशनों के माध्यम से पुलवामा साजिश में शामिल लगभग सभी मुख्य चेहरों को एक-एक करके मटियामेट कर दिया है। इसी कड़ी में इससे पहले जैश के खूंखार कमांडर मुदासिर अहमद खान जैसे बड़े और दुर्दांत नामों को भी भारतीय सेना ने घाटी के भीतर ही ढेर कर दिया था। अब मुज़फ्फराबाद की धरती पर हमज़ा बुरहान का यह रहस्यमयी खात्मा इस बात का कड़ा और अकाट्य प्रमाण है कि भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले हर एक गुनहगार का अंत बेहद खौफनाक होना पूरी तरह से तय है। कलेक्ट्रेट और प्रशासनिक महकमों में भी इस अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम को लेकर सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार कड़ा और बारीक विश्लेषण कर रहे हैं।

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आईएसआई (ISI) के सेफ हाउस फेल, वैश्विक स्तर पर आतंक के आकाओं में मची भारी खलबली

पाकिस्तान के भीतर पिछले कुछ महीनों में भारत विरोधी आतंकियों की इस तरह रहस्यमयी और कड़े ढंग से होने वाली मौतों ने वैश्विक खुफिया एजेंसियों का ध्यान भी अपनी तरफ पूरी मजबूती से खींचा है। लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिद्दीन जैसे बड़े आतंकी संगठनों के शीर्ष आका अब पाकिस्तान के भीतर भी पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। आईएसआई द्वारा प्रदान किए गए कड़े सुरक्षा घेरे और सेफ हाउस भी इन अज्ञात हमलावरों की बारीक और अचूक प्लानिंग को भेदने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहे हैं।

वैश्विक रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि हमज़ा बुरहान का यह खात्मा सीमा पार पनप रहे आतंकवाद की कमर तोड़ने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण कूटनीतिक और सामरिक घटना है। यद्यपि आधिकारिक स्तर पर नई दिल्ली या सेना मुख्यालय ने इस पर पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय रक्षा गलियारों में यह संदेश पूरी मजबूती से चला गया है कि आधुनिक भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने का कड़ा माद्दा रखता है। मुज़फ्फराबाद में हुई इस बड़ी वारदात के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों और कश्मीर घाटी में सुरक्षा ग्रिड (Security Grid) को कड़े स्तर पर अलर्ट कर दिया गया है ताकि किसी भी संभावित हताशा पूर्ण जवाबी कार्रवाई को पूरी तरह मटियामेट किया जा सके। ताज न्यूज़ इस पूरी बड़ी अंतरराष्ट्रीय घटना, रक्षा मंत्रालय की रणनीतियों और सीमा पार की हर एक कड़क और व्यावहारिक हलचल पर अपनी पैनी और बारीक नजर लगातार बनाए हुए है।

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News


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