Agra Desk, tajnews.in | Tuesday, May 19, 2026, 03:45:00 PM IST

ताजनगरी आगरा में कुदरत का कड़ा इम्तिहान शुरू हो चुका है। आसमान से बरसती आग और झुलसा देने वाली तेज गर्म हवाओं यानी गंभीर ‘हीट वेव’ के कारण पूरी ताजनगरी त्राहि-त्राहि कर रही है। दोपहर के समय शहर की मुख्य सड़कों, चौराहों और बाजारों में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ है। इस भयावह और आपातकालीन स्थिति को देखते हुए आगरा जिला प्रशासन पूरी तरह से Action मोड में आ गया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने आपदा प्रबंधन कोष से राहत और बचाव कार्यों के लिए 33 लाख रुपये की भारी धनराशि तत्काल प्रभाव से जारी कर दी है। इस सरकारी बजट से शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर ग्रीन नेट, अस्थायी शेड, पानी के टैंकर और बड़े कूलर लगाने की युद्धस्तर पर व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही एसएन मेडिकल कॉलेज और सभी जिला अस्पतालों में विशेष ‘हीट स्ट्रोक वार्ड’ को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है।
सूर्यदेव के रौद्र रूप से झुलसी ताजनगरी, मुख्य बाजारों में पसरा सन्नाटा
मई का महीना आगे बढ़ने के साथ ही आगरा में गर्मी का प्रकोप अपने चरम स्तर पर पहुंच गया है। सूर्यदेव सुबह से ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर देते हैं। दोपहर होते-होते आसमान से बरसती तेज धूप सीधे लोगों को झुलसा रही है। थार के रेगिस्तान की तरफ से आने वाली अत्यंत शुष्क और गर्म पछुआ हवाओं ने शहर को एक जलती हुई भट्टी में तब्दील कर दिया है। स्थिति इतनी ज्यादा गंभीर हो चुकी है कि दोपहर बारह बजे से लेकर शाम पांच बजे तक शहर की व्यस्ततम सड़कों जैसे एमजी रोड, संजय प्लेस, भगवान टॉकीज और शाह मार्केट में पूरी तरह से कर्फ्यू जैसा सन्नाटा पसरा दिखाई दे रहा है। लोग बहुत ज्यादा जरूरी काम होने पर ही पूरी सुरक्षा के साथ अपने घरों से बाहर कदम रख रहे हैं।
इस जानलेवा लू और अत्यधिक तापमान के खतरे को जिला प्रशासन बहुत ही बारीकी से मॉनिटर कर रहा था। बच्चों के कोमल स्वास्थ्य और सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कल ही एक बड़ा कदम उठाया था। उन्होंने जिले के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त सीबीएसई व आईसीएसई स्कूलों को कक्षा नर्सरी से 12वीं तक पूरी तरह बंद रखने का आदेश जारी किया था। प्रशासन का यह समयोचित फैसला बच्चों को हीट स्ट्रोक की चपेट में आने से बचाने के लिए बेहद जरूरी साबित हुआ है। आज शहर के सभी निजी और सरकारी विद्यालय पूरी तरह से बंद रहे, जिससे बच्चों को इस असहनीय तपन से बड़ी राहत मिली है।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने जारी किए 33 लाख रुपये, युद्धस्तर पर शुरू हुए कार्य
भीषण प्राकृतिक संकट के बीच आगरा के नागरिकों और राहगीरों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने अपने खजाने पूरी तरह से खोल दिए हैं। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक के बाद आपदा राहत कोष से 33 लाख रुपये की विशेष धनराशि तत्काल प्रभाव से स्वीकृत की है। इस भारी बजट का उपयोग शहर के उन गरीब और कामकाजी लोगों की मदद के लिए किया जाएगा जिन्हें पेट भरने के लिए इस तपती धूप में भी बाहर काम करना पड़ता है। जिलाधिकारी ने नगर निगम और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू करने के बेहद कड़े निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन की इस योजना के तहत आगरा के सभी प्रमुख बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों, सब्जी मंडियों, व्यस्ततम चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन स्थानों पर राहगीरों को सीधी धूप से बचाने के लिए बड़े पैमाने पर ‘ग्रीन नेट’ (हरा जाल) और अस्थायी टिन शेड लगाने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही इन सार्वजनिक शेडों के नीचे बड़े आकार के कूलर और पेयजल की अतिरिक्त व्यवस्था भी कराई जा रही है। शहर के जिन इलाकों में पानी की भारी किल्लत है, वहां नगर निगम के पानी के विशेष टैंकरों को तैनात किया जा रहा है ताकि किसी भी नागरिक को प्यासा न रहना पड़े। प्रशासन का यह मानवीय प्रयास आम जनता के लिए इस भीषण संकट में एक बड़ा संबल बनकर सामने आया है।
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स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर, एसएन मेडिकल कॉलेज में विशेष हीट स्ट्रोक वार्ड सक्रिय
भीषण गर्मी के कारण होने वाली संभावित चिकित्सा आपात स्थितियों से निपटने के लिए आगरा का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने जिले के सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं। आगरा के ऐतिहासिक और सबसे बड़े सरोजिनी नायडू (SN) मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ जिला अस्पताल में एक विशेष ‘हीट स्ट्रोक वार्ड’ को पूरी तरह से सुसज्जित कर दिया गया है। इन वार्डों में एयर कंडीशनर (AC), कूलर, विशेष वेंटिलेटर और जीवन रक्षक दवाओं की चौबीसों घंटे उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, डॉक्टरों और आपातकालीन मेडिकल स्टाफ की विशेष ड्यूटी लगाई गई है ताकि अस्पताल पहुंचने वाले लू के मरीजों को बिना किसी देरी के तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सके। डॉक्टरों का कहना है कि हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए शुरुआती एक घंटा (गोल्डन ऑवर) बेहद नाजुक होता है। इस समय त्वरित ड्रिप और ओआरएस का घोल चढ़ाना बहुत जरूरी होता है। स्वास्थ्य विभाग ने एम्बुलेंस सेवाओं को भी पूरी तरह से तैयार रहने को कहा है ताकि ग्रामीण इलाकों से आने वाले गंभीर मरीजों को समय पर बड़े अस्पताल शिफ्ट किया जा सके। आपातकालीन कंट्रोल रूम भी चालू कर दिया गया है जो लगातार मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के संपर्क में है।
जिलाधिकारी मनीष बंसल की जनता से भावुक अपील, ‘सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव’
आगरा के संवेदनशील जिलाधिकारी मनीष बंसल ने इस भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच जिले के समस्त नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की एक बहुत ही भावुक और जरूरी अपील की है। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनियों को बिल्कुल भी हल्के में न लें। अगले कुछ दिनों तक तापमान में और भी ज्यादा वृद्धि होने की पूरी संभावना है। इसलिए जब तक कोई बहुत ज्यादा जरूरी या आपातकालीन कार्य न हो, तब तक दोपहर के समय अपने घरों या दफ्तरों से बाहर बिल्कुल न निकलें। धूप की सीधी तपिश हमारे शरीर के अंगों को भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
डीएम ने नागरिकों को विशेष सलाह देते हुए कहा कि यदि किसी अनिवार्य कार्यवश बाहर निकलना भी पड़े, तो अपने सिर और चेहरे को सफेद सूती कपड़े, गमछे या टोपी से अच्छी तरह ढककर ही बाहर जाएं। अपने साथ पीने के पानी की बोतल hamesha रखें और प्यास न लगने पर भी थोड़े-थोड़े समय में पानी पीते रहें ताकि शरीर का हाइड्रेशन स्तर बना रहे। उन्होंने नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ और ओआरएस के घोल का अधिक से अधिक सेवन करने की सलाह दी है। इसके अलावा उन्होंने परिवार के बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से बीमार लोगों का इस मौसम में विशेष ध्यान रखने को कहा है क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। थोड़ी सी सजगता और अनुशासन से हम इस आसमानी आफत से खुद को और अपने परिवार को पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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