Uttar Pradesh Desk, Taj News | Monday, April 27, 2026, 06:25:30 PM IST

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले का खुर्जा शहर एक ऐसी खूनी वारदात का गवाह बना है, जिसने मानवीय संवेदनाओं और कानून-व्यवस्था दोनों को झकझोर कर रख दिया है। एक मामूली सा मजाक, जो हंसी-खुशी के माहौल में शुरू हुआ था, वह कुछ ही पलों में तीन जिंदगियों के खात्मे का कारण बन गया। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, खुर्जा के एक जिम में जन्मदिन की पार्टी के दौरान चेहरे पर केक लगाने को लेकर हुए विवाद ने इतना हिंसक मोड़ ले लिया कि पूर्व भाजपा सभासद के दो भाइयों और एक भतीजे की निर्मम तरीके से गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस तिहरे हत्याकांड (Triple Murder) के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और मृतकों के घरों में चीख-पुकार मची हुई है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जिम संचालक सहित तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश के लिए पुलिस की आठ टीमें दिन-रात छापेमारी कर रही हैं। आइए, इस रूह कंपा देने वाली घटना की पूरी क्रोनोलॉजी, पुलिस की तफ्तीश और पीड़ित परिवारों के दर्द का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।

जिम में हंसी-मजाक से शुरू हुआ मौत का तांडव
इस पूरी घटना की शुरुआत शनिवार रात बुलंदशहर के खुर्जा स्थित सुभाष मार्ग पर स्थित आरजेएस फिटनेस जिम (RJS Fitness Gym) में हुई। पूर्व भाजपा सभासद संजय सैनी के अनुसार, उनके चाचा सरूप सैनी का 35 वर्षीय बेटा अमरदीप इसी जिम में नियमित रूप से जाता था। वहां उसकी दोस्ती जिम में आने वाले जीतू सैनी से हो गई थी। रविवार को जीतू का जन्मदिन था, लेकिन दोस्तों ने शनिवार की रात को ही जिम के भीतर पार्टी का आयोजन रखा था। इस पार्टी में लगभग 35 से 40 युवक मौजूद थे। रात करीब 11:30 बजे जब जीतू ने केक काटा, तो मस्ती-मजाक के दौरान अमरदीप ने जीतू के चेहरे पर थोड़ा सा केक लगा दिया।

बस यही एक छोटी सी बात विवाद की जड़ बन गई। जीतू और उसका दोस्त मयंक सैनी इस बात पर बुरी तरह भड़क उठे और अमरदीप से गाली-गलौज करने लगे। विवाद बढ़ता देख अमरदीप ने अपने ताऊ के बेटे मनीष (32 वर्ष) और भतीजे आकाश (20 वर्ष) को फोन करके जिम पर बुला लिया। जब ये दोनों वहां पहुंचे, तो बहस और तेज हो गई। मनीष ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अपने बड़े भाई संजय सैनी को फोन पर सूचना दी। संजय ने उन्हें वहां से तुरंत निकलने के लिए कहा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

लाइसेंसी हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग, तीन की मौत
आरोप है कि विवाद के कुछ ही देर बाद मयंक, उसका भाई रिंकू, जीतू, उसका भाई रवि सैनी, नरेश, भारत, मनीष, रुपेश, अनुज और सौरभ अवैध और लाइसेंसी हथियारों के साथ जिम में दाखिल हुए। इन लोगों ने मनीष, अमरदीप और आकाश को चारों तरफ से घेर लिया और उन्हें पकड़कर उनके ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। हमलावरों ने बेहद करीब से गोलियां चलाईं। आकाश की पीठ में गोली लगी, जबकि मनीष के सिर में गोली लगने से उसके मस्तिष्क के अवशेष बाहर निकल आए। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

सूचना मिलते ही संजय सैनी मौके पर पहुंचे, जहां तीनों खून से लथपथ हालत में पड़े थे। पुलिस ने तुरंत तीनों को कैलाश अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने पूरे बुलंदशहर पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने पांच अलग-अलग स्पॉट (A, B, C, D, E) चिन्हित किए। जांच के दौरान मौके से पिस्टल और राइफल के कई खाली कारतूस बरामद हुए हैं। पुलिस को अंदेशा है कि इस हत्याकांड में 32 बोर के हथियारों के साथ-साथ एक से अधिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया है।

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परिजनों का विलाप: ‘कल शादी में गए थे, आज कफन में क्यों आए’
रविवार दोपहर जब तीनों के शव पोस्टमार्टम के बाद खुर्जा के पंजाबियान मोहल्ला स्थित घर पहुंचे, तो वहां का मंजर देखकर पत्थर दिल इंसान भी रो पड़े। एक साथ तीन अर्थियां उठते देख पूरे मोहल्ले की चीत्कार से आसमान कांप उठा। मृतकों के घर के बाहर हजारों की भीड़ जमा थी। मनीष की पत्नी हेमलता का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार मनीष के शव से लिपटकर कह रही थीं, “कल तो आप शादी में जाने के लिए तैयार होकर गए थे, आज कफन ओढ़कर क्यों आए हो? उठो, देखो आपकी बेटी गुन्ना पूछ रही है कि पापा कहां हैं।” उनकी बेसुध हालत देखकर वहां मौजूद हर आंख नम थी。

यही हाल अमरदीप की पत्नी सिमरन का था, जिन्होंने आरोप लगाया कि यह कोई तात्कालिक विवाद नहीं था, बल्कि उनके पति की साजिश के तहत हत्या की गई है। मनीष की वृद्ध मां जगबीरी अपने बेटे ‘मन्नू’ को पुकारती रही और ईश्वर से उसे भी अपने साथ ले जाने की गुहार लगाती रही। इस हत्याकांड ने एक ही झटके में दो सुहागिनों का सुहाग छीन लिया और तीन माताओं की गोद सूनी कर दी। आकाश की मां सविता अपने जवान बेटे को खोने के गम में बार-बार बेहोश हो रही थीं। खुर्जा विधायक मीनाक्षी सिंह सहित कई राजनीतिक दलों के नेताओं ने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी।




आरोपियों पर सख्त कार्रवाई और बुलडोजर की मांग
गुस्साए परिजनों और मोहल्ले वासियों ने अंतिम संस्कार से पहले शवों को रोक दिया और आरोपियों के घरों व फैक्ट्रियों पर बुलडोजर चलाने की मांग की। बहन राधा और रजनी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “हमें न्याय चाहिए, हमें खून के बदले खून चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाइयों को दावत के बहाने बुलाकर धोखे से मारा गया है। प्रशासन और स्थानीय गणमान्य लोगों के काफी समझाने-बुझाते के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। देर शाम गमगीन माहौल में माता घाट कॉलोनी स्थित श्मशान घाट पर तीनों का अंतिम संस्कार किया गया। मनीष को उसके भतीजे रोहित ने, जबकि अमरदीप और आकाश को बड़े भाई बादल ने मुखाग्नि दी।




पुलिस की तफ्तीश: 8 टीमें कर रही हैं छापेमारी
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर और डीआईजी कलानिधि नैथानी ने खुद मोर्चा संभाल लिया है। पुलिस ने अमरदीप के पिता सरूप सैनी की तहरीर पर मयंक, जीतू, रूपेश और रिंकू सहित 10 लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। डीआईजी ने एसपी देहात अंतरिक्ष जैन के नेतृत्व में पुलिस की आठ विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें खुर्जा, सिकंदराबाद, अनूपशहर, शिकारपुर और बुलंदशहर सहित संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।



सीओ शोभित कुमार ने बताया कि अब तक तीन आरोपियों—जिम संचालक रूपेश सैनी, मयंक सैनी और नरेश सैनी को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस का सहारा लिया जा रहा है। एडीजी भानु भास्कर ने आश्वासन दिया है कि इस मामले का जल्द ही पूर्ण रूप से खुलासा किया जाएगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। खुर्जा शहर में शांति बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस और पीएसी बल तैनात किया गया है। स्थानीय लोगों के बीच चर्चा है कि आकाश और उसके चाचा अमरदीप की दोस्ती पूरे मोहल्ले में प्रसिद्ध थी, और दोनों हमेशा साये की तरह साथ रहते थे। आज उन दोनों की चिताएं भी एक साथ जलीं, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया।



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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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