पारा युक्त स्किन-लाइटनिंग क्रीमों पर देशभर में प्रतिबंध की मांग, टॉक्सिक्स लिंक ने केंद्र से की अपील

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National Desk, 🌐 tajnews.in | Friday, 24 July, 2026, 02:15:00 PM IST.

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tajnews.in | नई दिल्ली: पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्यरत संगठन टॉक्सिक्स लिंक ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा पारा (मरकरी) की अधिक मात्रा वाले स्किन-लाइटनिंग उत्पादों के खिलाफ की गई कार्रवाई का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार से ऐसे सभी उत्पादों के निर्माण, आयात, बिक्री और ऑनलाइन वितरण पर देशभर में तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

HIGHLIGHTS
  1. देशभर में प्रतिबंध की मांग: टॉक्सिक्स लिंक ने केंद्र सरकार से पारा युक्त स्किन-लाइटनिंग क्रीमों पर रोक लगाने की अपील की।
  2. महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई: 10 जुलाई 2026 को नौ स्किन-लाइटनिंग उत्पादों में निर्धारित सीमा से अधिक पारा मिलने पर लगाई गई रोक।
  3. स्वास्थ्य के लिए जोखिम: पारा से मस्तिष्क, गुर्दों और तंत्रिका तंत्र को गंभीर नुकसान का खतरा।
  4. अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता: मिनामाटा कन्वेंशन ऑन मरकरी के तहत पारा जनित प्रदूषण से सुरक्षा आवश्यक।

संगठन ने बताया कि महाराष्ट्र FDA ने 10 जुलाई 2026 को जारी सार्वजनिक चेतावनी में प्रयोगशाला जांच के बाद नौ स्किन-लाइटनिंग उत्पादों में निर्धारित सीमा से अधिक पारा पाए जाने पर उन्हें “मानक गुणवत्ता के अनुरूप नहीं” घोषित किया था। इसके बाद विभाग ने इन उत्पादों की बिक्री, भंडारण और वितरण पर रोक लगाने के साथ ही उन्हें बाजार से वापस मंगाने के निर्देश दिए।

प्रतिबंधित उत्पादों में Skinia Korean Goree Beauty Cream, Face Fresh Gold Plus Beauty Cream, Dazller Eterna Day Care Light Cream, Parley Beauty Cream, Malika Premium Beauty Cream, Goree Beauty Cream with Lycopene, Goree Whitening Soap, Parley Goldie Advanced Beauty Cream Pearl Shine और Hania Beauty Cream शामिल हैं।

टॉक्सिक्स लिंक के अनुसार, इनमें से अधिकांश उत्पाद पाकिस्तान में निर्मित हैं और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, खुदरा दुकानों तथा अनौपचारिक बाजारों के माध्यम से आसानी से उपलब्ध हैं। संगठन का कहना है कि कई उत्पादों पर निर्माता का नाम, बैच नंबर, निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि जैसी अनिवार्य जानकारियां भी अंकित नहीं थीं, जो उपभोक्ता सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है।

टॉक्सिक्स लिंक के एसोसिएट डायरेक्टर सतीश सिन्हा ने कहा कि महाराष्ट्र की कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन केवल एक राज्य तक सीमित कदम पर्याप्त नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्पादों का कारोबार देश के विभिन्न हिस्सों में फैला हुआ है, इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंध, नियमित निगरानी और प्रभावी प्रवर्तन आवश्यक है।

संगठन ने चेतावनी दी कि पारा एक अत्यंत विषैला तत्व है, जो मस्तिष्क, गुर्दों और तंत्रिका तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। बार-बार ऐसे उत्पादों के उपयोग से पारा शरीर में अवशोषित होकर लंबे समय तक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। संगठन के अनुसार, गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और छोटे बच्चों के लिए इसका जोखिम अधिक है। इसके अलावा इन उत्पादों से निकलने वाला पारा जल स्रोतों तक पहुंचकर पर्यावरण को भी दीर्घकालिक नुकसान पहुंचा सकता है।

टॉक्सिक्स लिंक का कहना है कि गोरी त्वचा की सामाजिक मानसिकता का लाभ उठाकर उपभोक्ताओं को ऐसे सौंदर्य प्रसाधन बेचे जा रहे हैं, जो जनस्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।

संगठन ने यह भी कहा कि भारत मिनामाटा कन्वेंशन ऑन मरकरी का हस्ताक्षरकर्ता है, जिसका उद्देश्य पारा प्रदूषण से मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण की रक्षा करना है। ऐसे में पारा युक्त सौंदर्य प्रसाधनों की खुलेआम बिक्री अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं के अनुरूप नहीं मानी जा सकती।

टॉक्सिक्स लिंक ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) से मांग की है कि पारा युक्त स्किन-लाइटनिंग उत्पादों के निर्माण, आयात, बिक्री और वितरण पर देशभर में तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए। साथ ही बाजार और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध ऐसे उत्पादों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए, सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा गैर-मानक उत्पादों के आयात पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सीमा शुल्क व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए।

संगठन का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए अब राष्ट्रीय स्तर पर त्वरित एवं प्रभावी कदम उठाना आवश्यक है।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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