आत्मनिर्भरता के नाम पर लूट-खसोट : एम ए बेबी (अनुवाद : संजय पराते)

MA Baby and Sanjay Parate analytical article on corporate loan haircut Subhash Chandra NCLT and Atmanirbhar Bharat economic reality 2026

आर्टिकल डेस्क, 🌐 tajnews.in | शनिवार, 5 सितंबर 2026, 08:00:00 AM IST Taj News Article Desk आत्मनिर्भरता के नाम पर लूट-खसोट (आलेख : एम ए बेबी | अनुवाद : संजय पराते) प्रमुख अंश (Highlights): 99.97% का अभूतपूर्व हेयरकट: एनसीएलटी द्वारा सुभाष चंद्रा के 22,006 करोड़ रुपये के बकाये को मात्र 6.25 करोड़ रुपये में निपटाने … Read more

श्रीकृष्ण: प्रकृति के रक्षक और यमुना के प्रियतम :

Brij Khandelwal environmental article on Shri Krishna Janmashtami 2026 Save Yamuna River campaign Braj ecology and Govardhan heritage

आर्टिकल डेस्क, 🌐 tajnews.in | गुरुवार, 3 सितंबर 2026, 01:40:00 PM IST Taj News Article Desk श्रीकृष्ण: प्रकृति के रक्षक और यमुना के प्रियतम क्या इस जन्माष्टमी हम कृष्ण को केवल याद ही नहीं, बल्कि उनकी प्रिय यमुना को बचाने का संकल्प भी ले सकते हैं? | बृज खंडेलवाल | 4 सितंबर 2026 प्रमुख अंश … Read more

बाजार में आग और जख्मों पर नमक! : संजय पराते

Sanjay Parate political analysis on food inflation sugar and onion price hike corporate ethanol blending policy 2026

आर्टिकल डेस्क, 🌐 tajnews.in | शनिवार, 5 सितंबर 2026, 05:30:00 AM IST Taj News Article Desk बाजार में आग और जख्मों पर नमक! (आलेख : संजय पराते) प्रमुख अंश (Highlights): त्योहारी सीजन में महंगाई की मार: प्याज के दाम दोगुने, शक्कर 70 रुपये और गुड़ 65 रुपये किलो पार; रोजमर्रा के जरूरी खाद्यान्नों की कीमतों … Read more

प्रधान संपादक की कलम से : सिंधु का पानी और भारत का फैसला: अदालत के आदेश से आगे की असली लड़ाई

Pawan Singh editorial analysis on Indus Waters Treaty Permanent Court of Arbitration Hague verdict and India strategic water diplomacy 2026

संपादकीय डेस्क, 🌐 tajnews.in | गुरुवार, 3 सितंबर 2026, 01:40:00 PM IST Taj News Editorial Desk प्रधान संपादक की कलम सेसिंधु का पानी और भारत का फैसला: अदालत के आदेश से आगे की असली लड़ाई (विशेष संपादकीय : पवन सिंह, प्रधान संपादक, ताज न्यूज़) प्रमुख अंश (Highlights): हेग अदालत का फैसला और भारत का कड़ा … Read more

कब तक पुकारें? प्रिय आगरा के नेताओं, कुछ तो शर्म करो : बृज खंडेलवाल

Brij Khandelwal civic article on Agra urban crisis Yamuna pollution road cave-ins and tourist season preparations 2026

आर्टिकल डेस्क, 🌐 tajnews.in | बुधवार, 2 सितंबर 2026, 04:00:00 AM IST Taj News Article Desk कब तक पुकारें? प्रिय आगरा के नेताओं, कुछ तो शर्म करो अब ताज की आड़ में मत छिपिए! नया टूरिस्ट सीजन शुरू होने को है | बृज खंडेलवाल द्वारा | 2 सितंबर 2026 प्रमुख अंश (Highlights): पर्यटन सीजन से … Read more

जनरेशन ज़ेड के आंदोलन पर मनुवादी एजेंडे का हमला : विक्रम सिंह

ikram Singh political analysis on Gen-Z student youth protests anti-reservation agenda Manusmriti and social justice 2026

आर्टिकल डेस्क, 🌐 tajnews.in | बुधवार, 2 सितंबर 2026, 03:30:00 AM IST Taj News Article Desk जनरेशन ज़ेड के आंदोलन पर मनुवादी एजेंडे का हमला (आलेख : विक्रम सिंह) प्रमुख अंश (Highlights): जेन-ज़ी की समावेशी ताकत: शिक्षा, रोजगार और व्यवस्थागत जवाबदेही को लेकर उभरे छात्र आंदोलन के सामने सत्ता तंत्र की बेचैनी का यथार्थ। आरक्षण … Read more

अमेरिका में भागवत : विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन! : राजेंद्र शर्मा

Rajendra Sharma analytical article on Mohan Bhagwat US visit Madison Square Garden speech and RSS secular makeover debate 2026

आर्टिकल डेस्क, 🌐 tajnews.in | बुधवार, 2 सितंबर 2026, 03:15:00 AM IST Taj News Article Desk अमेरिका में भागवत : विवेकानंद नंबर टू या पाखंडी नंबर वन! (आलेख : राजेंद्र शर्मा) प्रमुख अंश (Highlights): अमेरिका में उदारवादी मेकओवर: न्यूयॉर्क के मेडिसन स्क्वायर और सर्वधर्म सम्मेलन में संघ प्रमुख द्वारा सर्वसमावेशी हिंदुत्व और अल्पसंख्यकों के सह-अस्तित्व … Read more

प्रधान संपादक की कलम से: जाति की गिनती से आगे, न्याय की गिनती जरूरी : ठाकुर पवन सिंह

Editorial by Chief Editor Thakur Pawan Singh on Caste Census and Social Justice Policy in India 2026

Editorial Desk, 🌐 tajnews.in | Thursday, 20 August, 2026, 01:10:00 AM IST. Taj News Editorial Desk ठाकुर पवन सिंह प्रधान संपादक, ताज न्यूज़ ताज न्यूज़ के प्रधान संपादक ठाकुर पवन सिंह समकालीन सामाजिक विमर्श, राष्ट्रीय नीतियों, लोकतांत्रिक अधिकारों और जन-सरोकारों पर अपने प्रखर, संतुलित व नीतिगत संपादकीय दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। प्रधान संपादक … Read more