थाली में चावल नहीं, लेकिन सपनों में घी की कमी भी नहीं है!

Political satire on food politics religion debate education crisis and youth unemployment in West Bengal by Shamik Lahiri translated by Sanjay Parate 2026

मांस बनाम शाकाहार की नफरती बहस, दुर्गा प्रतिमा के हाथों की गिनती और बंगाल में चरमराती शिक्षा व बेरोजगारी के असल सवालों पर माकपा नेता शमिक लाहिड़ी का तीखा व्यंग्य आर्टिकल डेस्क | 🌐 tajnews.in | 26 सितंबर 2026 | 21:42 बजे आर्टिकल डेस्क 🌐 tajnews.in आलेख : शमिक लाहिड़ी | अनुवाद : संजय पराते … Read more