Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Thursday, 2 July 2026, 03:25:10 PM IST

आगरा: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आगरा की ऐतिहासिक पहचान और पर्यावरण संरक्षण को लेकर रिवर कनेक्ट कैंपेन ने एक बेहद महत्वपूर्ण पहल की है। कैंपेन के प्रतिनिधि और पर्यावरणविद डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने लखनऊ में राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आगरा में यमुना नदी की बदहाली, नदी के पुनर्जीवन और आगरा को ‘विरासत नगर’ घोषित कर यूनेस्को विश्व धरोहर शहर का दर्जा दिलाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा, जिसमें आगरा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को देखते हुए ठोस कदम उठाने की मांग की गई।
ज्ञापन प्राप्त करते ही प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने इसे एक संवेदनशील और अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बताया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इस पर तत्काल सरकारी कार्रवाई होनी चाहिए। जब प्रतिनिधिमंडल ने उनका ध्यान आकृष्ट कराते हुए बताया कि यह मामला लंबे समय से सर्वोच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है, तो प्रमुख सचिव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोर्ट-कचहरी की प्रक्रिया अपनी जगह चलती रहेगी, लेकिन हम अपनी प्रशासनिक कार्रवाई करेंगे। हर विषय पर हम केवल अदालत के भरोसे निर्भर क्यों रहें? इसके बाद उन्होंने तुरंत महानिदेशक पर्यटन वेदपति मिश्र को ज्ञापन सौंपते हुए निर्देश दिया कि आगरा को यूनेस्को विश्व धरोहर शहर का दर्जा दिलाने के लिए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाए। उन्होंने यह भी भरोसा दिया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री को भी जल्द ही एक विशेष प्रस्ताव भेजा जाएगा।
उच्चस्तरीय बैठक के दौरान डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने यमुना नदी के लगातार घटते जलस्तर और प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने मांग रखी कि आगरा में यमुना पर बैराज का निर्माण किया जाए, नदी में न्यूनतम पर्यावरणीय प्रवाह सुनिश्चित हो और नदी के समग्र पुनर्जीवन के लिए एक विशेष कार्ययोजना लागू की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि यमुना को पुनर्जीवित नहीं किया गया, तो ताजमहल सहित शहर की अन्य ऐतिहासिक धरोहरों की नींव और उनकी सुरक्षा पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक बृज खंडेलवाल द्वारा प्रस्तुत इस ज्ञापन में कहा गया है कि आगरा केवल ताजमहल का शहर नहीं है, बल्कि यह भारत की बहुरंगी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत केंद्र है। तीन-तीन यूनेस्को विश्व धरोहर स्मारक होने के बावजूद आज यह शहर अनियोजित शहरीकरण, अतिक्रमण, प्रदूषण और उपेक्षित विरासत क्षेत्रों जैसी गंभीर चुनौतियों से घिर गया है। ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार से मांग की गई है कि एक समग्र विरासत संरक्षण नीति लागू की जाए, विरासत क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाया जाए और इसमें आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने और आगरा के हक की आवाज बुलंद करने के लिए रिवर कनेक्ट कैंपेन की पूरी टीम एकजुट नजर आई। इस अवसर पर निवेदक के रूप में बृज खंडेलवाल, डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, महंत नंदन श्रोत्रिय, चतुर्भुज तिवारी, विशाल झा, डॉ. ज्योति खंडेलवाल, पद्मिनी अय्यर, दीपक राजपूत और राहुल राज ने अपना समर्थन दिया। इनके साथ ही पंडित जुगल, अभिनव लाला, डॉ. हरेंद्र गुप्ता, दिनेश शर्मा, डॉ. मुकुल पांड्या, राज कुमार माहेश्वरी, मुकेेश चौधरी एवं समस्त रिवर कनेक्ट टीम ने आशा व्यक्त की है कि प्रदेश सरकार इस दिशा में जल्द ही कोई ठोस और ऐतिहासिक कदम उठाएगी।
यह भी पढ़ें
AgraHeritageCity, RiverConnectCampaign, YamunaConservationAgra, AmritAbhijatIAS, BrijKhandelwalAgra, DrDevashishBhattacharya, UnescoWorldHeritageAgra, YamunaBarrageAgra, AgraTourismProposal, TajNews

Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
7579990777



