फिरोजाबाद: जमीन के लिए बेटे ने पिता को मारा, पुलिस मुठभेड़

Uttar Pradesh Desk, tajnews.in | Friday, April 24, 2026, 07:15:30 PM IST

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Uttar Pradesh Desk | Crime Report

फिरोजाबाद: समाज में जब रिश्तों की डोर कमजोर पड़ जाती है और संपत्ति का लालच इंसान के दिमाग पर हावी हो जाता है, तो वह किसी भी खौफनाक और अमानवीय कृत्य को अंजाम देने से पीछे नहीं हटता। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद क्षेत्र से एक ऐसा ही रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पिता-पुत्र के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, शिकोहाबाद में पिछले दिनों हुए बहुचर्चित सुघर सिंह हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक पर्दाफाश कर दिया है। चंद बीघा जमीन के लालच में एक कलियुगी बेटे ने ही अपने सगे बुजुर्ग पिता को सोते समय मौत के घाट उतार दिया था। बुधवार रात पुलिस और इस खूंखार हत्यारे के बीच एक जबरदस्त मुठभेड़ हुई, जिसमें पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी ने अपना गुनाह कबूल करते हुए हत्या की जो खौफनाक पटकथा पुलिस को सुनाई है, उसे सुनकर किसी की भी रूह कांप जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि संपत्ति के विवाद इंसान को किस हद तक अंधा और क्रूर बना सकते हैं। आइए, इस पूरे घटनाक्रम, हत्या की साजिश और पुलिस के सफल ऑपरेशन का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।

HIGHLIGHTS
  1. पिता-पुत्र का रिश्ता कलंकित: फिरोजाबाद के शिकोहाबाद में जमीन के विवाद में बेटे जर्मन सिंह ने अपने ही पिता सुघर सिंह की निर्मम हत्या कर दी।
  2. बड़े भाई को जमीन देने से था नाराज: पिता अपनी पूरी जमीन बड़े बेटे मलखान सिंह और पोते के नाम करने वाले थे, इसी बात से खफा था हत्यारा बेटा।
  3. सोते समय सब्बल से किया वार: आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से रात के अंधेरे में खेत पर चारपाई पर सो रहे पिता के सिर पर भारी सब्बल से प्रहार किया।
  4. पुलिस मुठभेड़ में पैर में लगी गोली: कोर्ट में सरेंडर करने से पहले हथियार छिपाने जा रहे आरोपी को पुलिस ने घेरा, फायरिंग में घायल होकर हुआ गिरफ्तार।

जमीन का लालच और खौफनाक साजिश की शुरुआत

इस पूरे खौफनाक और हृदयविदारक हत्याकांड की जड़ में केवल और केवल जमीन का लालच और पारिवारिक कलह छिपी हुई थी। पुलिस पूछताछ में आरोपी जर्मन सिंह ने बताया कि उसके पिता सुघर सिंह पिछले काफी समय से उससे नाराज चल रहे थे और उनका झुकाव पूरी तरह से बड़े बेटे मलखान सिंह की तरफ हो गया था। आरोपी को इस बात की पुख्ता भनक लग चुकी थी कि पिता सुघर सिंह अपने हिस्से की पूरी कृषि भूमि और संपत्ति बड़े भाई मलखान सिंह और उसके बेटे रत्नेश के नाम करने की तैयारी कर रहे हैं। इस बात ने जर्मन सिंह के मन में ईर्ष्या और बदले की एक भयानक आग भड़का दी।

आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे अपने विश्वस्त सूत्रों से यह पक्की जानकारी मिल गई थी कि आने वाले सोमवार को पिता सुघर सिंह तहसील जाकर पूरी जमीन की रजिस्ट्री बड़े भाई और भतीजे के नाम पर करने वाले हैं। जमीन हाथ से फिसलती देख जर्मन सिंह ने इंसानियत की सारी हदें पार करते हुए अपने ही जन्मदाता को रास्ते से हटाने का खौफनाक फैसला कर लिया। उसने तय किया कि वह सोमवार को रजिस्ट्री होने से पहले ही रविवार को इस खूनी खेल को अंजाम दे देगा, ताकि न पिता जिंदा रहेंगे और न ही जमीन की रजिस्ट्री हो पाएगी। संपत्ति के लालच ने एक बेटे की आंखों पर ऐसी पट्टी बांध दी कि उसे अपने पिता का प्यार और उनके बुढ़ापे का भी कोई लिहाज नहीं रहा।

खौफनाक रविवार: खेत में छिपकर किया मौत का इंतजार

अपनी शैतानी योजना को अंजाम देने के लिए जर्मन सिंह ने रविवार के दिन को चुना। रविवार दोपहर करीब 2 बजे उसने अपने घर से एक भारी और लोहे का सब्बल (निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाला औजार) उठाया और परिवार वालों से यह बहाना बनाया कि वह खेत पर तारबंदी का काम करने जा रहा है। घर से निकलने के बाद वह सीधा अपने खेत पर पहुंचा और वहां एक सुरक्षित जगह देखकर छिप गया। वह एक शिकारी की तरह अपने ही पिता के अकेले होने का इंतजार कर रहा था। उस दिन बड़ा भाई मलखान सिंह और पिता सुघर सिंह दोनों खेत पर ही मौजूद थे।

रात के करीब 8 बज चुके थे और चारों तरफ अंधेरा घिर आया था। तभी बड़ा भाई मलखान सिंह खेत का काम खत्म करके वापस अपने घर की ओर चला गया। अब खेत पर केवल बुजुर्ग पिता सुघर सिंह अकेले बचे थे, जो थकान के कारण अपनी चारपाई पर गहरी नींद में सो रहे थे। यही वह पल था जिसका जर्मन सिंह कई घंटों से इंतजार कर रहा था। अंधेरे का फायदा उठाते हुए वह दबे पांव चारपाई के पास पहुंचा और उसने बिना किसी रहम के अपने पिता के सिर और चेहरे पर लोहे के भारी सब्बल से कई ताबड़तोड़ प्रहार किए। सिर पर गंभीर चोटें लगने के कारण सुघर सिंह की मौके पर ही तड़प-तड़प कर दर्दनाक मौत हो गई। एक बेटे ने चंद गज जमीन के लिए अपने पिता के खून से अपने हाथ हमेशा के लिए लाल कर लिए।

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रात के अंधेरे में फरारी और कोर्ट में सरेंडर की साजिश

पिता की हत्या करने के बाद जर्मन सिंह को यह भली-भांति एहसास हो गया था कि पुलिस अब उसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगी। उसने तुरंत अपनी पत्नी सुनीता को फोन किया और उसे पूरी घटना की जानकारी देते हुए कहा कि वह बच्चों को लेकर तुरंत घर से कहीं दूर भाग जाए। इसके बाद वह खुद भी गिरफ्तारी से बचने के लिए रात के घने अंधेरे में लगभग 10 किलोमीटर तक पैदल चलकर जंगलों के रास्ते भाग निकला। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुट गई थीं, लेकिन वह चकमा देकर आगरा पहुंच गया और वहां अपने एक दूर के रिश्तेदार के पास फरारी काटने लगा।

आगरा में फरारी के दौरान उसने अपने बचाव की एक और शातिर चाल चली। उसने एक स्थानीय अधिवक्ता (Lawyer) से संपर्क किया और उसके माध्यम से कोर्ट में सरेंडर (Surrender) की अर्जी दाखिल करवा दी। इस अर्जी पर शुक्रवार को कोर्ट में सुनवाई होनी थी। जर्मन सिंह जानता था कि अगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, तो उसे पुलिस रिमांड और सख्ती का सामना करना पड़ेगा, लेकिन अगर वह सीधे कोर्ट में सरेंडर कर देता है, तो वह पुलिस के थर्ड डिग्री टॉर्चर से बच सकता है। अपने वकील की कानूनी सलाह पर उसने यह भी तय किया कि सरेंडर करने से पहले वह हत्या में इस्तेमाल किए गए मुख्य सुबूत यानी उस खून से सने ‘सब्बल’ को हमेशा के लिए ठिकाने लगा देगा, ताकि पुलिस के पास उसके खिलाफ कोई ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य (Forensic Evidence) न बचे।

पुलिस का एक्शन: एनकाउंटर में पैर में लगी गोली, खेल खत्म

अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, पुलिस की पैनी नजरों से वह ज्यादा दिन तक बच नहीं सकता। शिकोहाबाद पुलिस को इस जघन्य हत्याकांड को सुलझाने का सख्त अल्टीमेटम मिल चुका था। इंस्पेक्टर अनुज कुमार के नेतृत्व में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन विशेष टीमों का गठन किया गया था। पुलिस ने अपने मुखबिरों का जाल बिछा रखा था। बुधवार की रात पुलिस को एक सटीक और गुप्त सूचना मिली कि आरोपी जर्मन सिंह अपना हत्या का हथियार (सब्बल) ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने के मकसद से बूढ़ा नहर की ओर जा रहा है।

सूचना मिलते ही इंस्पेक्टर अनुज कुमार अपनी भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए और उन्होंने इलाके की सख्त घेराबंदी कर ली। जब पुलिस ने जर्मन सिंह को सरेंडर करने के लिए ललकारा, तो उसने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर अपने पास मौजूद अवैध तमंचे से जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा (Self-defense) में जवाबी फायरिंग की। इस क्रॉस-फायरिंग में एक गोली जर्मन सिंह के पैर में जा लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस ने तुरंत उसे दबोच लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने झाड़ियों में छिपाकर रखा गया हत्या में प्रयुक्त खून से सना सब्बल, एक 315 बोर का अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद कर लिया है। घायल आरोपी को कड़ी सुरक्षा के बीच इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस सफल एनकाउंटर के बाद पूरे इलाके के लोगों ने राहत की सांस ली है, वहीं इस खौफनाक घटना ने समाज के सामने गिरते पारिवारिक मूल्यों का एक बेहद डरावना चेहरा भी पेश किया है।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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