Agra Desk, tajnews.in | Thursday, April 23, 2026, 08:15:30 PM IST

आगरा: ताजनगरी आगरा के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित सरोजनी नायडू (एसएन) मेडिकल कॉलेज में शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित किए जा रहे हैं। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, एसएन मेडिकल कॉलेज के बायोकेमिस्ट्री (Biochemistry) विभाग द्वारा गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को ‘लैब प्रोफेशनल वीक’ (Lab Professional Week) के अंतर्गत एक बेहद भव्य और ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष और महत्वपूर्ण कार्यक्रम की थीम “लैब स्टोरी: एडवांसिंग बियॉन्ड लिमिट्स फॉर आवर पेशेंट केयर” (Lab Story Advancing Beyond Limits for Our Patient Care) रखी गई थी। यह थीम इस बात को प्रमुखता से दर्शाती है कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में पैथोलॉजी और प्रयोगशाला की भूमिका कितनी अधिक महत्वपूर्ण हो चुकी है। बिना सटीक जांच के किसी भी बीमारी का सही इलाज संभव नहीं है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लैब टेक्नीशियंस, मेडिकल छात्रों और प्रोफेशनल्स के योगदान को सम्मानित करना और उन्हें चिकित्सा के क्षेत्र में नई तकनीकों से अवगत कराना था। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत कर अपनी मेधा और रचनात्मकता का शानदार प्रदर्शन किया। आइए, इस पूरे कार्यक्रम की विस्तृत झलकियों और एसएन मेडिकल कॉलेज की उन्नत सुविधाओं पर एक नजर डालते हैं।
प्राचार्य का कुशल मार्गदर्शन और थीम की प्रासंगिकता
किसी भी बड़े और सफल आयोजन के पीछे एक मजबूत और कुशल नेतृत्व का हाथ होता है। एसएन मेडिकल कॉलेज में आयोजित यह ‘लैब प्रोफेशनल वीक’ कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता के कुशल और प्रेरणादायक मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। डॉक्टर प्रशांत गुप्ता लगातार इस बात पर जोर देते रहे हैं कि मेडिकल छात्रों को न केवल किताबी ज्ञान मिले, बल्कि उन्हें व्यावहारिक और तकनीकी स्तर पर भी पूरी तरह से दक्ष बनाया जाए। इसी सोच के साथ इस पूरे कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार की गई थी। कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने की अहम जिम्मेदारी बायोकेमिस्ट्री विभाग (Biochemistry Department) की विभागाध्यक्षा और 24 घंटे चलने वाली सेंट्रल लैब की नोडल ऑफिसर (Nodal Officer) डॉक्टर कामना सिंह ने निभाई। उनके अथक प्रयासों से यह कार्यक्रम अपने सभी उद्देश्यों में पूरी तरह से सफल रहा।
इस वर्ष की थीम “लैब स्टोरी: एडवांसिंग बियॉन्ड लिमिट्स फॉर आवर पेशेंट केयर” अपने आप में बहुत कुछ कहती है। आज के समय में जब नई-नई बीमारियां सामने आ रही हैं, ऐसे में मरीजों की जान बचाने के लिए लेबोरेटरी (Laboratory) की रिपोर्ट सबसे अहम कड़ी होती है। लैब प्रोफेशनल्स अक्सर पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं, लेकिन उनकी जांच रिपोर्ट ही डॉक्टरों को सही दिशा में इलाज करने का मार्ग दिखाती है। यह सप्ताह उन सभी लैब तकनीशियनों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के सम्मान में मनाया जाता है, जो सीमाओं से परे जाकर मरीजों की देखभाल और उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
12 टीमों का रचनात्मक प्रदर्शन: मॉडल्स ने जीता सबका दिल
मेडिकल शिक्षा को रोचक और इंटरैक्टिव (Interactive) बनाने के लिए इस कार्यक्रम में कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में कुल 12 टीमों के होनहार प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इन टीमों ने न केवल अपनी अकादमिक प्रतिभा दिखाई, बल्कि रचनात्मकता के मामले में भी सभी को चौंका दिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मॉडल प्रेजेंटेशन, रोचक क्विज प्रतियोगिताएं, अवार्ड सेरेमनी और फैसिलिटेशन (सम्मान समारोह) जैसी गतिविधियां शामिल रहीं।
सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए गए वैज्ञानिक मॉडल (Scientific Models) रहे। प्रतिभागी बच्चों ने मानव शरीर की जटिल कार्यप्रणालियों को समझाने के लिए बेहतरीन मॉडल तैयार किए थे। इनमें मुख्य रूप से मॉडल ऑफ हार्ट (मानव हृदय), यूरिनरी सिस्टम (मूत्र प्रणाली), एलआईएस सिस्टम (LIS System – Laboratory Information System), ब्लड सर्कुलेटरी सिस्टम (रक्त संचार प्रणाली) और बायोमेडिकल वेस्ट (Biomedical Waste) मैनेजमेंट जैसे अति-महत्वपूर्ण मॉडल शामिल थे। बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण अस्पतालों के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती होता है, और छात्रों ने अपने मॉडल के जरिए यह समझाया कि किस प्रकार लाल, पीले, नीले और काले डिब्बों का सही उपयोग करके संक्रमण को फैलने से रोका जा सकता है। वहीं एलआईएस (LIS) सिस्टम के मॉडल ने यह दर्शाया कि कैसे डिजिटल तकनीक की मदद से लैब की रिपोर्ट सीधे डॉक्टरों और मरीजों के मोबाइल तक बिना किसी त्रुटि के पहुंचाई जा सकती है।
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एम्स में सेवाएं दे रहे पूर्व छात्रों का हुआ भव्य सम्मान
कार्यक्रम के दौरान मॉडल्स और क्विज का मूल्यांकन करने के लिए वरिष्ठ और अनुभवी चिकित्सकों का एक पैनल जजों की भूमिका में मौजूद रहा। इस निर्णायक मंडल (Judging Panel) में मुख्य रूप से डॉक्टर अंकुर गोयल, डॉक्टर रिचा गुप्ता, डॉक्टर गरिमा, डॉक्टर संतोष, डॉक्टर अमृत गोयल, डॉक्टर जूही सिंघल, डॉक्टर प्रीति भारद्वाज, डॉक्टर योगिता और डॉक्टर रेनु शामिल रहे। इन सभी जजों ने छात्रों के ज्ञान और उनके द्वारा बनाए गए मॉडल्स की बारीकी से जांच की और उन्हें भविष्य के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
इस शानदार कार्यक्रम का एक बेहद भावुक और गर्व करने वाला पल वह था, जब एसएन मेडिकल कॉलेज से शिक्षा प्राप्त कर चुके पूर्व होनहार छात्रों का सम्मान किया गया। आज यह कॉलेज इस बात पर गर्व कर रहा है कि यहां से डीएमएलटी (DMLT – Diploma in Medical Laboratory Technology) की शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं देश के सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों में अपनी शानदार सेवाएं दे रहे हैं। सम्मानित होने वाले पूर्व छात्रों में एम्स रायबरेली (AIIMS Raebareli) में कार्यरत संकेत कुमार, एम्स ऋषिकेश (AIIMS Rishikesh) में कार्यरत चित्रा राजपूत और ईएसआईसी राजस्थान (ESIC Rajasthan) में सेवाएं दे रहे मानवेंद्र त्यागी का नाम प्रमुखता से लिया गया। इनके अतिरिक्त भी कई अन्य छात्र-छात्राएं इस संस्थान से अपना कोर्स पूरा करने के बाद देश के अन्य प्रतिष्ठित अस्पतालों और प्रयोगशालाओं में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यह एसएन मेडिकल कॉलेज के शिक्षकों की कड़ी मेहनत और यहां की उच्च स्तरीय शैक्षणिक व्यवस्था का ही परिणाम है कि यहां के छात्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
रोजाना 7000 टेस्ट: एसएन की सेंट्रल लैब बनी मिसाल
एसएन मेडिकल कॉलेज केवल शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं के मामले में भी उत्तर प्रदेश के अग्रणी संस्थानों में शुमार हो चुका है। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की सेंट्रल लैब (Central Lab) की उपलब्धियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया। आपको जानकर हैरानी होगी कि वर्तमान में इस लैब के अंदर अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से 150 से अधिक विभिन्न पैरामीटर्स (Parameters) पर जांच की जा रही है। यह लैब 24 घंटे और सातों दिन काम करती है, ताकि गंभीर मरीजों की रिपोर्ट बिना किसी देरी के मिल सके।
आंकड़ों की बात करें तो इस लैब में प्रतिदिन लगभग 7000 टेस्ट (Tests) लगाए जाते हैं। इनमें सीबीसी, लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT), किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) से लेकर कई जटिल हार्मोनल और बायोकेमिकल जांचें शामिल हैं। आगरा और आस-पास के जिलों से आने वाले हजारों गरीब और असहाय मरीजों के लिए यह लैब किसी वरदान से कम नहीं है, जहां उन्हें महंगी से महंगी जांचें मुफ्त या बेहद मामूली शुल्क पर उपलब्ध कराई जाती हैं। इतनी बड़ी संख्या में टेस्ट को पूरी सटीकता (Accuracy) के साथ पूरा करना लैब टेक्नीशियंस की मेहनत और उनके प्रति समर्पण को दर्शाता है।
इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में मेडिकल कॉलेज के कई अन्य वरिष्ठ डॉक्टरों और कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में विशेष रूप से डॉक्टर पवन गौतम, डॉक्टर रितिका श्रीवास्तव, डॉक्टर कामिनी, डॉक्टर ज्योति के साथ-साथ वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन मुकेश कुमार और हेमराज सिंह आदि लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे। अंत में सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए अपनी लैब सेवाओं को और भी अधिक उन्नत और तेज बनाने की दिशा में निरंतर काम करते रहेंगे। ‘लैब प्रोफेशनल वीक’ का यह आयोजन वास्तव में चिकित्सा विज्ञान के उन अनसुने नायकों को समर्पित एक बेहद सच्ची श्रद्धांजलि थी, जो दिन-रात माइक्रोस्कोप के पीछे रहकर जिंदगियां बचाने का काम करते हैं।
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Thakur Pawan Singh
Editor in Chief, Taj News
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