बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ रही थी स्कूल बस

आगरा का खौफनाक सच: बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ रही थी स्कूल बस, छात्रा की मौत के बाद नींद से जागे अधिकारी

आगरा समाचार

Reported by: Taj News Bureau | Edited by: Pawan Singh | tajnews.in | 13 March 2026, 05:10 PM IST

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Agra Investigation Desk

आगरा (Agra): बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ रही थी स्कूल बस और पूरा सिस्टम आंखें मूंदकर सोता रहा। आगरा में आरबीएस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भागूपुर की छात्रा नैना की दर्दनाक मौत के बाद अधिकारियों की भारी और जानलेवा लापरवाही उजागर हो गई है। परिवहन विभाग, पुलिस और शिक्षा विभाग के बीच समन्वय का ऐसा घोर अभाव सामने आया है कि 12 साल से एक खटारा बस सड़कों पर बच्चों की जान जोखिम में डालकर दौड़ रही थी और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।

HIGHLIGHTS
  • सिस्टम की पोल खुली: 12 सालों से बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ रही थी स्कूल बस, जिसने मासूम नैना की जान ले ली।
  • मान्यता रद्द करने की सिफारिश: उप परिवहन आयुक्त ने स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए BSA और DIOS को पत्र लिखा।
  • 56 बसें अनफिट: आगरा आरटीओ में पंजीकृत 1399 स्कूली बसों में से 56 की फिटनेस जांच पूरी तरह अधूरी है।
  • शिक्षा विभाग की लापरवाही: तीन साल से यूपी बोर्ड के स्कूलों ने परिवहन विभाग को अपने वाहनों की सूची ही नहीं दी है।

बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ रही थी स्कूल बस: 12 साल पुराने खटारा वाहन ने ले ली मासूम नैना की जान

आरबीएस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा नैना की मौत स्कूल बस की गली हुई फर्श टूटने और नीचे गिरकर पहिये से कुचलने के कारण हुई थी। जब इस दर्दनाक घटना की जांच शुरू हुई तो पता चला कि यह खटारा स्कूली बस पिछले 12 साल से सड़कों पर बेखौफ दौड़ रही थी। आश्चर्य की बात यह है कि इस बस का न तो कोई रजिस्ट्रेशन था और न ही कोई फिटनेस सर्टिफिकेट। आरटीओ (RTO), पुलिस और शिक्षा विभाग तीनों में से किसी के पास भी इस जानलेवा वाहन की कोई जानकारी नहीं थी।

उप परिवहन आयुक्त विदिशा सिंह का कड़ा एक्शन, स्कूल की मान्यता रद्द करने के लिए लिखा पत्र

हादसे के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। उप परिवहन आयुक्त विदिशा सिंह बृहस्पतिवार सुबह ही आरटीओ कार्यालय पहुंच गईं। उन्होंने अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक की और दुर्घटना करने वाली बस का रिकॉर्ड खंगालने का आदेश दिया। जब कोई जानकारी हाथ नहीं लगी, तो उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) को पत्र लिखकर आरबीएस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भागूपुर की मान्यता तुरंत रद्द करने की सिफारिश कर दी है।

1399 स्कूली बसों में से 56 अनफिट, तीन साल से शिक्षा विभाग ने नहीं दी वाहनों की सूची

विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि संभागीय परिवहन विभाग ने सभी बोर्ड के स्कूलों से तीन साल पहले उनके वाहनों की सूची मांगी थी। यूपी बोर्ड को छोड़कर अन्य सभी बोर्ड के स्कूलों ने सूची उपलब्ध करा दी थी। जिले में यूपी बोर्ड के करीब 925 विद्यालय और आठवीं तक के एक हजार विद्यालय हैं, लेकिन शिक्षा विभाग की घोर लापरवाही के कारण आज तक इनकी सूची तैयार नहीं हो सकी। जिले में कुल 1399 पंजीकृत स्कूली बसें हैं, जिनमें से 56 की फिटनेस जांच अधूरी है और सैकड़ों खटारा वाहन अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं।

आरआई संजीत सिंह की जांच में बस पूरी तरह अनफिट, प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज

उप परिवहन आयुक्त विदिशा सिंह ने स्पष्ट किया है कि स्कूल प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज करा दी गई है। आरआई संजीत सिंह ने मौके पर जाकर दुर्घटनाग्रस्त बस की तकनीकी जांच की है, जिसमें वह पूरी तरह से कबाड़ और सड़क पर चलने के अयोग्य पाई गई है। अब 56 अनफिट बसों वाले स्कूलों को सख्त नोटिस जारी किए जा रहे हैं। परिवहन विभाग (Transport Department) अब जाकर स्कूली वाहनों के खिलाफ सघन अभियान चलाने की बात कह रहा है। लेकिन यह सिस्टम के मुंह पर एक करारा तमाचा है कि मासूम नौनिहालों की जिंदगी दांव पर लगाकर बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ रही थी स्कूल बस और एक बेटी की जान जाने के बाद अधिकारी नींद से जागे हैं।

Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Pawan Singh

Chief Editor, Taj News

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