बहावड़ी गांव में विवेक मलिक उर्फ विक्की की हत्या के बाद प्रधानी चुनाव की रंजिश

बहावड़ी की खूनी प्रधानी रंजिश: 27 साल में 11 हत्याएं, विक्की मलिक की हत्या से फिर सुलगा पश्चिम यूपी

उत्तर प्रदेश

Crime Desk, Taj News | Updated: Wednesday, 11 March 2026, 09:46 PM IST

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शामली जिले के बहावड़ी गांव में पंचायत चुनाव की पुरानी रंजिश ने एक बार फिर खून का रूप ले लिया है। Pawan Singh की रिपोर्ट के अनुसार बागपत जिले के दोघट क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गए पूर्व प्रधान बबली के पति विवेक मलिक उर्फ विक्की की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद बहावड़ी गांव में पिछले करीब 27 वर्षों से चली आ रही प्रधानी की रंजिश एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पंचायत चुनाव अब लोकतांत्रिक प्रक्रिया से ज्यादा वर्चस्व और प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है।

पुलिस के अनुसार विक्की मलिक अपने परिवार के साथ दोघट क्षेत्र में रिश्तेदारी में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। समारोह के दौरान अचानक कुछ हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाते हुए गोली चला दी। गोली लगने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

HIGHLIGHTS
  1. शामली के बहावड़ी गांव में पंचायत चुनाव की रंजिश में फिर हत्या।
  2. पूर्व प्रधान बबली के पति विवेक मलिक उर्फ विक्की की गोली मारकर हत्या।
  3. 1999 से अब तक चुनावी रंजिश में 11 लोगों की जान जा चुकी है।
  4. पुलिस ने आरोपियों की तलाश में कई टीमें गठित कीं।

प्रधानी चुनाव से जुड़ी पुरानी दुश्मनी

बहावड़ी गांव में पंचायत चुनाव कई वर्षों से दो गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का कारण बना हुआ है। गांव में यशपाल मलिक और देवेंद्र मलिक गुट के बीच शुरू हुई चुनावी प्रतिस्पर्धा धीरे-धीरे खूनी रंजिश में बदल गई। हर पंचायत चुनाव के समय गांव में तनाव बढ़ जाता है और कई बार यह विवाद हिंसक रूप ले लेता है।

1999 में शुरू हुआ था खून का सिलसिला

गांव में हिंसा का यह सिलसिला वर्ष 1999 में शुरू हुआ था। उस समय ग्राम प्रधान के चुनाव को लेकर विवाद हुआ और जितेंद्र कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हालांकि उस समय दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हुआ, लेकिन दुश्मनी खत्म नहीं हुई।

एक के बाद एक होती रहीं हत्याएं

इसके बाद वर्ष 2000 में सुरेश मलिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अगले ही वर्ष उनके भाई यशपाल मलिक की खेत में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके बाद तेजपाल पुत्र आनंद की हत्या हुई और फिर छह वर्षीय बच्चे को भी गोली मारकर मार दिया गया।

इन घटनाओं के बाद दोनों पक्षों के बीच बदले की कार्रवाई का दौर शुरू हो गया और समय-समय पर एक के बाद एक हत्याएं होती चली गईं।

कई परिवारों पर टूटा कहर

पिछले लगभग तीन दशकों में इस रंजिश ने कई परिवारों को तबाह कर दिया। रणवीर पुत्र महेंद्र, बिजेंद्र, धर्मेंद्र और देविंद्र जैसे कई लोग इसी दुश्मनी का शिकार बने।

कचहरी परिसर में भी हुई सनसनीखेज हत्या

11 जुलाई 2013 को इस रंजिश की सबसे चर्चित घटनाओं में से एक सामने आई जब पूर्व प्रधान के पति देवेंद्र मलिक की कचहरी परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई।

कोर्ट परिसर में भी गूंजी गोलियां

वर्ष 2015 में मुजफ्फरनगर कोर्ट परिसर में हिस्ट्रीशीटर विक्की त्यागी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

गांव में तनाव, पुलिस अलर्ट

ताजा हत्या के बाद बहावड़ी गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस ने गांव में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया है और आरोपियों की तलाश में कई टीमें गठित की गई हैं।

Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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