आंबेडकर विश्वविद्यालय के भाषाविज्ञान विभाग को राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी, आगरा में होगा SCONLI-17

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25 से 27 फरवरी 2027 तक प्रस्तावित सम्मेलन के लिए CIIL मैसूर ने शैक्षणिक सहयोग और ₹3 लाख की वित्तीय सहायता की सैद्धांतिक स्वीकृति दी

आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | मंगलवार, 22 सितंबर 2026, 02:30:15 PM IST

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आगरा डेस्क

आगरा, 22 सितंबर 2026। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के के.एम. इंस्टीट्यूट ऑफ हिंदी एवं भाषाविज्ञान के भाषाविज्ञान विभाग को राष्ट्रीय स्तर के अकादमिक आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है। विभाग को Students’ Conference of Linguistics in India (SCONLI-17) के आयोजन के लिए चयनित किया गया है। सम्मेलन का आयोजन 25 से 27 फरवरी 2027 तक के.एम. इंस्टीट्यूट ऑफ हिंदी एवं भाषाविज्ञान, पालीवाल पार्क परिसर, आगरा में प्रस्तावित है।

सम्मेलन के लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत भारतीय भाषा संस्थान (CIIL), मैसूर की ओर से शैक्षणिक सहयोग के साथ ₹3 लाख की वित्तीय सहायता प्रदान करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। विभाग के अनुसार यह सहायता नियमानुसार प्रतिपूर्ति के आधार पर PFMS के माध्यम से प्रदान की जाएगी।

HIGHLIGHTS
  • डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि के भाषाविज्ञान विभाग को मिली राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी।
  • पालीवाल पार्क परिसर में 25 से 27 फरवरी 2027 तक आयोजित होगा SCONLI-17।
  • CIIL मैसूर ने दी शैक्षणिक सहयोग व ₹3 लाख की वित्तीय सहायता की सैद्धांतिक स्वीकृति।
  • विभागाध्यक्ष प्रो. नीलम यादव के निर्देशन में शोधार्थी सूर्यमणि कुमार ने किया प्रतिनिधित्व।

शोधार्थियों की अकादमिक सहभागिता से मिला आयोजन का अवसर

SCONLI-17 की मेजबानी हासिल करने की प्रक्रिया में भाषाविज्ञान विभाग के शोधार्थियों की सक्रिय अकादमिक सहभागिता महत्वपूर्ण रही। विभिन्न संस्थानों और विश्वविद्यालयों के बीच हुई प्रक्रिया में मतदान के साथ-साथ तार्किक एवं अकादमिक प्रश्नों के उत्तरों के आधार पर मेजबान संस्थान का चयन किया गया।

विश्वविद्यालय के भाषाविज्ञान विभाग की ओर से शोधार्थी सूर्यमणि कुमार ने इस प्रक्रिया में विभाग का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने पूछे गए तार्किक एवं अकादमिक प्रश्नों के उत्तर प्रस्तुत किए और विभाग की अकादमिक क्षमता तथा सम्मेलन के आयोजन से जुड़े पक्षों को सामने रखा।

प्रो. नीलम यादव

इस पूरी चयन प्रक्रिया में शोधार्थी की शोध-निर्देशक एवं विभागाध्यक्ष प्रो. नीलम यादव का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन रहा। विभाग के अनुसार शोधार्थी और विभागाध्यक्ष के समन्वित एवं अकादमिक प्रयासों से ही आगरा को राष्ट्रीय स्तर के SCONLI-17 सम्मेलन की प्रतिष्ठित मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ है।

भारतीय भाषाओं और भाषाविज्ञान के समकालीन विषयों पर होगा मंथन

SCONLI-17 के माध्यम से देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों से भाषाविज्ञान के विद्यार्थियों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों को एक साझा अकादमिक मंच मिलने की उम्मीद है। सम्मेलन में भारतीय भाषाओं सहित भाषाविज्ञान से जुड़े विभिन्न समकालीन और शोधपरक विषयों पर विचार-विमर्श प्रस्तावित है।

इससे शोधार्थियों को अपने शोध कार्य प्रस्तुत करने, अन्य संस्थानों के विद्यार्थियों और विशेषज्ञों के साथ अकादमिक संवाद करने तथा भाषाविज्ञान के क्षेत्र में नए शोध और विचार साझा करने का अवसर मिलेगा।

CIIL के पत्र से वित्तीय सहयोग की जानकारी

विभाग के अनुसार 11 सितंबर 2026 को CIIL, मैसूर की ओर से जारी पत्र में सम्मेलन के लिए शैक्षणिक सहयोग स्वीकार किए जाने तथा ₹3,00,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करने पर सैद्धांतिक सहमति की जानकारी दी गई है। सहायता की राशि नियमानुसार प्रतिपूर्ति के आधार पर PFMS के माध्यम से प्रदान की जानी है।

भाषाविज्ञान विभाग के लिए SCONLI-17 की मेजबानी शोधार्थियों की अकादमिक सक्रियता और विभागीय शोध गतिविधियों से जुड़ा महत्वपूर्ण अवसर है। सम्मेलन के आयोजन से आगरा में भाषाविज्ञान के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर के अकादमिक संवाद का मंच तैयार होने की उम्मीद है।

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Pawan Kumar Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News


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