परखम में तीन दिवसीय गौशाला संचालक बैठक का समापन; 650 से अधिक प्रतिनिधियों ने गौसंरक्षण, प्राकृतिक खेती और पंचगव्य पर किया मंथन
मथुरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | सोमवार, 21 सितंबर 2026, 02:15:10 PM IST

मथुरा/परखम, 21 सितंबर 2026। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय गौसेवा गतिविधि की ओर से देशभर के प्रमुख गौशाला संचालकों और गौसेवा कार्यकर्ताओं की तीन दिवसीय बैठक का रविवार को दीनदयाल गौ विज्ञान अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, गऊ ग्राम परखम में समापन हुआ। समापन कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक अग्निहोत्र और गौपूजन के साथ हुई। आयोजकों के अनुसार, बैठक में विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों से करीब 650 गौशाला संचालकों एवं गौसेवा कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।

बैठक के दौरान गौशालाओं के बेहतर संचालन, गौसंरक्षण, प्रबंधन और गौआधारित गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव रखे।
गौसंरक्षण, प्राकृतिक खेती और पंचगव्य पर मंथन
तीन दिवसीय बैठक में गौसंरक्षण, पंचगव्य की उपयोगिता, प्राकृतिक खेती, भूमि सुधार तथा गौआधारित उत्पादों के निर्माण और उपयोग जैसे विषयों पर गहन चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित गौशालाओं और गौसेवा से जुड़े कार्यों के अनुभव भी साझा किए।

बैठक में आदर्श गौपालन, गौसंरक्षण और गौसंवर्धन से जुड़े विषयों पर प्रस्तुतियां भी हुईं। आयोजकों के अनुसार, ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य गौशाला संचालकों और कार्यकर्ताओं को अनुभव साझा करने तथा व्यवस्थाओं में सुधार के लिए संवाद का सशक्त मंच उपलब्ध कराना है।
भैयाजी जोशी ने कहा—भारत विश्व का मार्गदर्शन करने की क्षमता रखता है
समापन कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह भैयाजी जोशी ने विभिन्न राज्यों से आए गौशाला संचालकों तथा क्षेत्र और प्रांत संयोजकों का मार्गदर्शन किया।
भैयाजी जोशी ने कहा कि भारत केवल अपने लिए नहीं, बल्कि विश्व कल्याण के लिए कार्य करने वाला देश है। उन्होंने कहा कि भारत की सनातन परंपरा और धर्म की समझ विश्व के लिए महत्वपूर्ण है तथा संतों और साधु-संतों ने समय-समय पर समाज को दिशा देने का कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि समाज परिवर्तन का लक्ष्य कठिन जरूर है, लेकिन भारतीय समाज में इसके लिए पर्याप्त सामर्थ्य है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में विश्व कठिन दौर से गुजर रहा है और ऐसे समय में भारत विश्व का मार्गदर्शन करने की क्षमता रखता है। उन्होंने गौसेवा और गौसंरक्षण से जुड़े कार्यों को समाज में व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने का आह्वान किया और समाज को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने के संकल्प पर जोर दिया।
स्वामी अनंत वीर दास ने गौसेवा में धैर्य और समर्पण को बताया जरूरी
कार्यक्रम की अध्यक्षता अक्षय पात्र वृंदावन के अध्यक्ष स्वामी अनंत वीर दास ने की। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में गौसेवा धैर्य और समर्पण का कार्य है। उन्होंने सनातन संस्कृति में गौ के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इस प्रकार की बैठकें युवा पीढ़ी को गौसेवा, समाजसेवा और संस्कृति के प्रति प्रेरित करने में भूमिका निभा सकती हैं। उन्होंने आयोजन से जुड़े कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की।
बैठक में प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
बैठक में अजीत महापात्र (अखिल भारतीय गौसेवा संयोजक), शंकरलाल, नवल किशोर, के.ए.एन. राघवन, महेंद्र (क्षेत्र प्रचारक), धर्मेंद्र (प्रांत प्रचारक ब्रज प्रांत), हरिशंकर शर्मा (क्षेत्र संयोजक गौसेवा गतिविधि एवं मंत्री दीनदयाल कामधेनु गौशाला समिति), मनोज (प्रांत संयोजक गौसेवा गतिविधि ब्रज प्रांत) तथा सोनपाल (निदेशक दीनदयाल धाम) सहित अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
व्यवस्थाओं में जगदीश, अवधेश, नत्थीलाल, उमेश शर्मा, डॉ. अनुराग शर्मा, विनोद, नरेंद्र, राम पाठक, बृजेश, ऋषभ, देवेंद्र प्रताप, संजय शर्मा, शशिकांत और गोविंद सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने सक्रिय सहयोग किया।

Sonu Kashyap
Reported by: Sonu Kashyap | Taj News
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Thakur Pawan Singh
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