300 CCTV कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों से पुलिस आरोपियों तक पहुंची; 2760 किलो तार को कोटपूतली में गलाकर करीब 8 लाख रुपये में बेचने का दावा, तीन आरोपी फरार
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | गुरुवार, 17 सितंबर 2026, 05:49:15 PM IST

tajnews.in | आगरा। खेरागढ़ क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन से करीब 1700 मीटर एल्युमिनियम तार चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार चोरी किए गए करीब 2760 किलोग्राम तार को राजस्थान के कोटपूतली स्थित एक कबाड़ फर्म में ले जाकर गलाया गया और उसका स्वरूप बदलकर बेच दिया गया। पुलिस का दावा है कि इससे करीब 8 लाख रुपये की रकम मिली।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हुकम चंद उर्फ गोलू, संदीप और सचिन के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक इनके कब्जे से 2.80 लाख रुपये नकद, करीब 55 किलो एल्युमिनियम तार, महिंद्रा मैक्स पिकअप, एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस और तार काटने के उपकरण बरामद किए गए हैं। मामले में नावेद, जाकिर और निसामुद्दीन फरार बताए गए हैं।
7/8 सितंबर की रात हुई थी तार चोरी
पुलिस के अनुसार 7/8 सितंबर की रात ग्राम भिलावली-खानपुर के पास हाईटेंशन लाइन से तार काटकर चोरी किया गया था। चोरों ने करीब 1700 मीटर तार काटा, जिसका वजन लगभग 2760 किलो बताया गया है।
घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल के साथ-साथ वारदात के बाद संभावित भागने के रास्तों और संदिग्ध वाहनों की भी जांच शुरू की।
300 CCTV कैमरों से मिला सुराग
डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस टीमों ने आगरा से राजस्थान के अलवर और कोटपूतली क्षेत्र तक करीब 300 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया गया।
पुलिस के मुताबिक कई दिनों की जांच के बाद संदिग्धों और चोरी के तार को दूसरे स्थान तक ले जाने की कड़ी सामने आई।
भिलावली मोड़ से तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार 17 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली कि हाईटेंशन तार चोरी की घटना में शामिल कुछ आरोपी भिलावली मोड़ से बरुहरा जाने वाली सड़क के पास मौजूद हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर हुकम चंद उर्फ गोलू, संदीप और सचिन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक उनके पास से चोरी के तार का एक बंडल, नकदी, पिकअप वाहन, अवैध हथियार और तार काटने के उपकरण बरामद किए गए।
कबाड़ कारोबार की आड़ में तार चोरी का आरोप
पुलिस के अनुसार पूछताछ में हुकम चंद उर्फ गोलू ने बताया कि वह राजस्थान के कोटपूतली में बालाजी एंटरप्राइजेज नाम से कबाड़ का कारोबार करता है। पुलिस का कहना है कि उसके कारोबार में कबाड़ खरीदने-बेचने और धातु गलाने का काम शामिल है।
पुलिस के मुताबिक संदीप और सचिन भी छोटे स्तर पर कबाड़ का काम करते थे और हुकम चंद के लिए फेरी से कबाड़ लाते थे। पुलिस का दावा है कि इसी नेटवर्क के जरिए हाईटेंशन तार चोरी की योजना तैयार की गई।
कोटपूतली में तार गलाकर बदला स्वरूप
पुलिस के अनुसार चोरी किया गया तार राजस्थान के कोटपूतली स्थित बालाजी एंटरप्राइजेज ले जाया गया। वहां तार को गलाकर उसका मूल स्वरूप बदल दिया गया और उसे एल्युमिनियम कबाड़ के रूप में बेच दिया गया।
पुलिस का दावा है कि करीब 2760 किलो तार को गलाकर बेचने से आरोपियों को लगभग 8 लाख रुपये मिले।
पुलिस के मुताबिक रकम का किया गया बंटवारा
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने रकम के बंटवारे की जानकारी भी दी। पुलिस का दावा है कि हुकम चंद और नावेद को दो-दो लाख रुपये, जबकि संदीप, सचिन, जाकिर और निसामुद्दीन को एक-एक लाख रुपये दिए गए।
पुलिस के अनुसार बरामद 2.80 लाख रुपये इसी रकम का हिस्सा हैं और बाकी राशि खर्च किए जाने की बात सामने आई है।
पिकअप में तार रखकर पुलिस को गुमराह करने की योजना का दावा
पुलिस के मुताबिक चोरी के बाद एल्युमिनियम तार का एक बंडल महिंद्रा मैक्स पिकअप में रखा गया था। पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि रास्ते में पुलिस द्वारा वाहन रोकने पर आरोपी खुद को बिजली का काम करने वाला बताकर तार के संबंध में पुलिस को गुमराह करने की योजना बना रहे थे।
पुलिस के अनुसार हाईटेंशन तार काटने के लिए आरी ब्लेड, वायर कटर और रस्सी जैसे उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।
तीन आरोपी अभी फरार
मामले में नावेद, जाकिर और निसामुद्दीन की गिरफ्तारी अभी बाकी है। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों का नेटवर्क इससे पहले हाईटेंशन तार या अन्य धातु चोरी की कितनी वारदातों में शामिल रहा है। साथ ही चोरी के माल को गलाने और खपाने की प्रक्रिया में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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