जितेंद्र मिश्र ने कार्यभार संभालते ही अधिकारियों और कर्मचारियों से लिया व्यवस्थाओं का फीडबैक; सुगम दर्शन, विनम्र व्यवहार और जिम्मेदारी के साथ सेवा पर जोर
अयोध्या डेस्क, 🌐 tajnews.in | बुधवार, 9 सितंबर 2026, 10:42:15 AM IST

tajnews.in | अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) जितेंद्र मिश्र ने मंगलवार को मंदिर की व्यवस्थाओं की कमान संभालने के बाद प्रशासनिक कामकाज को समझने की प्रक्रिया तेज कर दी। अधिकारियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने मंदिर की व्यवस्थाओं में लगे करीब एक हजार कर्मचारियों से भी सीधा संवाद किया। शुरुआती बैठकों में उनका जोर अनुशासन, श्रद्धालुओं के साथ विनम्र व्यवहार, सुगम दर्शन और जिम्मेदारी के साथ सेवा पर रहा।
जितेंद्र मिश्र की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब राम मंदिर की व्यवस्थाओं का विस्तार हो रहा है और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ प्रशासनिक तथा वित्तीय प्रबंधन को लगातार अधिक व्यवस्थित करने की जरूरत है। हालांकि नए सीईओ ने अभी अपनी विस्तृत कार्ययोजना सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन शुरुआती बैठकों में उनकी प्राथमिकताएं स्पष्ट दिखाई दीं।
सुबह अयोध्या पहुंचे, ट्रस्ट कार्यालय में ली पहली जानकारी
मंगलवार सुबह करीब 6:30 बजे कैफियत ट्रेन से अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद जितेंद्र मिश्र सीधे रामघाट स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष महेश भागचंदका और अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक में मंदिर की मौजूदा व्यवस्थाओं के साथ ट्रस्ट की लेखा व्यवस्था की जानकारी भी ली गई। अधिकारियों से यह समझने का प्रयास किया गया कि मंदिर की विभिन्न व्यवस्थाओं में कितने कर्मचारी तैनात हैं, उनकी जिम्मेदारियां क्या हैं और मौजूदा कार्यप्रणाली किस तरह संचालित हो रही है।
नए सीईओ के अधिकार और कार्यक्षेत्र को लेकर एसओपी तैयार किए जाने की प्रक्रिया भी चल रही है।
एक हजार कर्मचारियों से सीधा संवाद
अधिकारियों के साथ बैठक के बाद जितेंद्र मिश्र ने राम मंदिर में सेवा दे रहे करीब एक हजार कर्मचारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि मंदिर में ड्यूटी केवल नौकरी की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा से भी जुड़ी है।
उन्होंने अनुशासन के साथ काम करने, ड्यूटी को गंभीरता से निभाने और श्रद्धालुओं के साथ विनम्र एवं सम्मानजनक व्यवहार रखने पर जोर दिया। दर्शन व्यवस्था में लगे कर्मचारियों से विशेष रूप से श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देने को कहा गया।
सीईओ का जोर इस बात पर रहा कि राम मंदिर आने वाला श्रद्धालु अयोध्या से बेहतर अनुभव लेकर लौटे। इसके लिए प्रवेश, कतार, मार्गदर्शन, दर्शन और अन्य व्यवस्थाओं में लगे प्रत्येक कर्मचारी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
‘हर श्रद्धालु बेहतर अनुभव लेकर लौटे’
राम मंदिर में देशभर से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में व्यवस्था का कोई छोटा हिस्सा भी उनके पूरे अनुभव को प्रभावित कर सकता है। सीईओ ने कर्मचारियों को इसी जिम्मेदारी का अहसास कराया।
श्रद्धालुओं की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और अपनी ड्यूटी का गंभीरता से पालन करने पर जोर दिया गया। अनुशासन और व्यवहार को मंदिर प्रशासन की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।
अभी परिचय और व्यवस्था समझने का दौर
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में जितेंद्र मिश्र ने कहा कि फिलहाल उनकी परिचयात्मक बैठकें चल रही हैं। सीईओ पद की घोषणा हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं, इसलिए मंदिर की पूरी व्यवस्था को समझने के लिए समय दिया जाना चाहिए।
उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में मंदिर प्रशासन की भविष्य की कार्ययोजना और रणनीति को लेकर विस्तार से जानकारी दी जाएगी। ट्रस्ट की ओर से उनके आवास समेत आवश्यक व्यवस्थाएं भी पूरी कर दी गई हैं।
जितेंद्र मिश्र श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के पहले सीईओ हैं। उनके सामने मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने की जिम्मेदारी है।
चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी सुभाष के पेंशन खाते से रोक हटी
इसी बीच राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन खाते को लेकर अदालत से भी महत्वपूर्ण आदेश आया है। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट रजत वर्मा ने मंगलवार को आरोपी के केनरा बैंक स्थित पेंशन खाते पर लगी रोक हटाने का आदेश दिया।
यह आदेश विवेचक की सहमति और बैंक स्टेटमेंट के आधार पर दिया गया। अदालत में पांच सितंबर को विवेचक आशुतोष तिवारी की ओर से प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। इसमें कहा गया कि सुभाष के पेंशन खाते में जमा रकम की जांच में कोई संदिग्ध धनराशि नहीं मिली है।
बैंक स्टेटमेंट के आधार पर यह भी सामने आया कि पिछले कुछ महीनों में खाते में नकद के रूप में कोई असामान्य बड़ी रकम जमा नहीं हुई और न ही किसी दूसरे खाते से संदिग्ध क्रेडिट दर्ज हुआ। इसी आधार पर विवेचक ने खाते को अनफ्रीज किए जाने पर आपत्ति नहीं जताई।
परिवार के भरण-पोषण का दिया था हवाला
सुभाष श्रीवास्तव ने इससे पहले 18 जुलाई को अदालत में प्रार्थना पत्र देकर अपने पेंशन खाते पर लगी रोक हटाने की मांग की थी। उसका कहना था कि वह बैंक का सेवानिवृत्त कर्मचारी है और केनरा बैंक का पेंशन खाता ही उसकी नियमित आय का स्रोत है।
उसने अदालत को बताया था कि चढ़ावा चोरी मामले की जांच के दौरान उसके बैंक खातों से निकासी और जमा पर रोक लगा दी गई थी। पेंशन खाता फ्रीज होने से परिवार के जीवन-यापन पर असर पड़ने का दावा किया गया था।
मामले में अदालत पहले भी विवेचक से खाते में जमा विभिन्न धनराशियों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने को कह चुकी थी।
चढ़ावा चोरी की जांच में सामने आ चुके हैं गंभीर आरोप
राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला जून 2026 में सामने आने के बाद जांच के दायरे में आया। एसआईटी की जांच में 27 अप्रैल से 5 जून के बीच 42 दिनों में 70 बार चोरी होने की बात सामने आने की रिपोर्ट प्रकाशित हुई थी।
मामले में सुभाष श्रीवास्तव समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की है और उनकी भूमिका की जांच जारी है। जुलाई में सुभाष समेत आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड भी ली गई थी।
हालांकि मामले में आरोपियों की भूमिका और अंतिम जिम्मेदारी का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगा।
नई व्यवस्था में जवाबदेही की असली परीक्षा
जितेंद्र मिश्र के शुरुआती दौर में अधिकारियों और करीब एक हजार कर्मचारियों से सीधे संवाद को मंदिर प्रशासन की व्यवस्था को समझने और प्राथमिकताएं तय करने की प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। अभी उन्होंने भविष्य की विस्तृत रणनीति सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन अनुशासन, श्रद्धालु सुविधा और जिम्मेदारी के साथ सेवा पर जोर उनकी शुरुआती प्राथमिकताओं का संकेत देता है।
आने वाले दिनों में उनकी प्रशासनिक, वित्तीय और श्रद्धालु सुविधाओं से जुड़ी कार्ययोजना सामने आना महत्वपूर्ण होगा। राम मंदिर में श्रद्धालुओं का अनुभव बेहतर बनाना जहां उनकी पहली बड़ी कसौटी होगी, वहीं व्यवस्था में पारदर्शिता, वित्तीय निगरानी और कर्मचारियों की जवाबदेही बनाए रखना भी उतना ही अहम होगा।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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