आर्य समाज नाई की मंडी में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर विद्वानों ने नीति, सत्य और कर्तव्य पर रखे विचार, भजनोपदेशक गौरव शास्त्री ने भजनों से बांधा समां
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | रविवार, 6 सितंबर 2026, 11:46:28 AM IST

tajnews.in | आगरा। आर्य समाज नाई की मंडी में रविवार को योगेश्वर श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में आर्य जगत के विद्वान आचार्य ब्रजेश ने श्रीकृष्ण के जीवन और व्यक्तित्व के विभिन्न पक्षों पर विचार रखते हुए कहा कि सत्य, न्याय और लोककल्याण के लिए निर्णायक रूप से खड़े होना ही उनके जीवन की प्रमुख सीख है।

आचार्य ब्रजेश ने कहा कि श्रीकृष्ण केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं, बल्कि श्रेष्ठ नीतिज्ञ और सत्य के पक्ष में खड़े होने वाले महापुरुष थे। उन्होंने शांति स्थापित करने के प्रयास किए, लेकिन जब सत्य और न्याय की रक्षा के लिए संघर्ष अपरिहार्य हुआ तो उससे पीछे नहीं हटे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी समाज और विश्व को ऐसे लोगों की आवश्यकता है, जो सत्य के लिए साहस के साथ खड़े हो सकें।
श्रीकृष्ण को ‘रसिया-छलिया’ तक सीमित करना उचित नहीं

आचार्य ब्रजेश ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने श्रीकृष्ण को ‘आप्त पुरुष’ बताया है। उनके अनुसार श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, नीति और लोककल्याण की भावना से प्रेरित था।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के चरित्र को केवल ‘रसिया’ या ‘छलिया’ जैसे संबोधनों तक सीमित करके प्रस्तुत करना उनके व्यक्तित्व के व्यापक और आदर्श स्वरूप को संकुचित करना है। उन्होंने महापुरुषों के जीवन चरित्र में समय के साथ जुड़ी विकृतियों और मिलावट को दूर कर उनके वास्तविक आदर्शों को समाज तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई।
गीता के संदेश को भजनों के माध्यम से प्रस्तुत किया

दिल्ली से आए भजनोपदेशक गौरव शास्त्री ने श्रीकृष्ण के गीता संदेश को भजनों के माध्यम से प्रस्तुत किया। उनके भजनों ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को भाव-विभोर कर दिया। श्रोताओं ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया और कार्यक्रम का वातावरण भक्तिमय हो गया।
सत्य के साथ खड़े होने का दिया संदेश

कार्यक्रम का संचालन आर्य अश्वनी ने किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण के जीवन से सबसे महत्वपूर्ण प्रेरणा यह मिलती है कि सत्य और असत्य के बीच तटस्थ रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सत्य की विजय के लिए उसके पक्ष में खड़ा होना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि यदि श्रीकृष्ण दुर्योधन और युधिष्ठिर दोनों के साथ समान रूप से खड़े रहते और सत्य-असत्य के बीच कोई पक्ष नहीं लेते तो धर्म और सत्य की विजय संभव नहीं होती। सत्य के पक्ष में खड़े होने के लिए आवश्यकता पड़ने पर त्याग और बलिदान के लिए भी तैयार रहना पड़ता है।
बड़ी संख्या में आर्यजन हुए शामिल

श्रीकृष्ण जन्मोत्सव में आगरा के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आर्य समाज के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में भारत भूषण सामा, अनुज आर्य, विकास आर्य, मनोज खुराना, वीरेंद्र कनवर, तुलसीराम आर्य, प्रदीप डेंबला, अभय यादव, उमेश पाठक, राजकुमार आहूजा, तारारानी आहूजा, वंदना आर्या, मिथिलेश दुबे, प्रीति आर्या और मालती अरोरा सहित अन्य आर्यजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर श्रीकृष्ण के जीवन से सत्य, नीति, कर्तव्य और साहस की प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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