ताजमहल के दोनों गेटों पर बैग स्कैनर तीन माह से खराब, मैनुअल चेकिंग से पर्यटकों की बढ़ी परेशानी

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सुरक्षा जांच में लग रहा अधिक समय, पूर्वी-पश्चिमी गेट पर लंबी कतारें; बैग स्कैनर की AMC का प्रस्ताव दिल्ली मुख्यालय में लंबित

पर्यटन डेस्क, 🌐 tajnews.in | मंगलवार, 25 अगस्त 2026, 10:39:15 AM IST

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पर्यटन डेस्क

tajnews.in | आगरा: दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक महत्वपूर्ण कमी सामने आई है। ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट पर लगे बैग स्कैनर पिछले करीब तीन माह से खराब पड़े हैं। इसके चलते केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान पर्यटकों के हैंड बैग की मैनुअल चेकिंग कर रहे हैं। मैनुअल जांच में अधिक समय लगने के कारण दोनों गेटों पर पर्यटकों की कतारें बढ़ रही हैं और स्मारक में प्रवेश के लिए उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।

HIGHLIGHTS
  1. ताजमहल के पूर्वी व पश्चिमी गेट पर 3 माह से खराब पड़े हैं बैग स्कैनर, मैनुअल चेकिंग से बढ़ीं कतारें।
  2. सीआईएसएफ (CISF) को हाथ से करनी पड़ रही जांच, विदेशी पर्यटकों के भ्रमण समय पर पड़ रहा असर।
  3. अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. स्मिता एस. कुमार बोलीं—बैग स्कैनर की AMC का प्रस्ताव दिल्ली मुख्यालय में लंबित।
  4. टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा के पूर्व अध्यक्ष राजीव सक्सेना ने विश्व प्रसिद्ध स्मारक पर मेंटेनेंस व्यवस्था पर उठाए सवाल।

खासकर विदेशी पर्यटकों को इस व्यवस्था के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पर्यटन से जुड़े लोगों का कहना है कि ताजमहल में प्रवेश प्रक्रिया पहले ही सुरक्षा जांच के कारण समय लेती है और स्कैनर खराब होने से मैनुअल जांच का अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है।

दोनों गेटों पर तीन माह से बंद हैं स्कैनर

ताजमहल की सुरक्षा व्यवस्था दो हिस्सों में विभाजित है। स्मारक परिसर वाले रेड जोन में CISF सुरक्षा संभालती है, जबकि स्मारक की 500 मीटर की परिधि वाले यलो जोन में पुलिस और PAC की जिम्मेदारी है।

ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट पर पर्यटकों की सुरक्षा जांच CISF के जवानों द्वारा की जाती है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की ओर से इन गेटों पर बैग स्कैनर लगाए गए थे, ताकि पर्यटकों के हैंड बैग की जांच मशीन के माध्यम से की जा सके।

लेकिन दोनों गेटों पर लगे बैग स्कैनर करीब तीन माह से खराब हैं। ऐसे में पर्यटकों के बैग की जांच जवानों को हाथ से करनी पड़ रही है।

मैनुअल चेकिंग से बढ़ रहा प्रवेश का समय

बैग स्कैनर के खराब होने का सीधा असर ताजमहल में पर्यटकों के प्रवेश पर पड़ रहा है। मशीन से बैग की जांच अपेक्षाकृत तेजी से हो सकती है, लेकिन मैनुअल चेकिंग में प्रत्येक पर्यटक के सामान की अलग-अलग जांच करनी पड़ती है।

पर्यटन सीजन और अधिक भीड़ वाले समय में इसका असर और ज्यादा दिखाई देता है। पर्यटकों को सुरक्षा जांच के लिए कतार में इंतजार करना पड़ रहा है। इससे ताजमहल के अंदर पहुंचने में भी अतिरिक्त समय लग रहा है।

विदेशी पर्यटकों के लिए यह समस्या इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उनके निर्धारित यात्रा कार्यक्रम में ताजमहल के लिए सीमित समय रहता है। प्रवेश में अधिक समय लगने से उनके भ्रमण का समय प्रभावित हो रहा है।

बैग स्कैनर की AMC का प्रस्ताव दिल्ली मुख्यालय में लंबित

बैग स्कैनर के रखरखाव और मरम्मत से जुड़ा Annual Maintenance Contract (AMC) का प्रस्ताव ASI के दिल्ली मुख्यालय में लंबित बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार इस संबंध में कई बार रिमाइंडर भी दिए जा चुके हैं और टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने की बात भी सामने आई है।

ASI आगरा सर्किल की अधीक्षण पुरातत्वविद् डॉ. स्मिता एस. कुमार के अनुसार बैग स्कैनर की AMC का मामला मुख्यालय में लंबित है। उनके मुताबिक इस संबंध में कई बार रिमाइंडर दिए जा चुके हैं और टेंडर हो चुका है।

पर्यटन कारोबारियों ने उठाए सुरक्षा और सुविधा पर सवाल

ताजमहल पर पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़े लोगों का कहना है कि आधुनिक सुरक्षा उपकरणों का उद्देश्य ही यही है कि जांच प्रभावी होने के साथ-साथ पर्यटकों को अनावश्यक इंतजार भी न करना पड़े।

टूरिज्म गिल्ड ऑफ आगरा के पूर्व अध्यक्ष राजीव सक्सेना ने कहा कि ताजमहल पर अत्याधुनिक डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) लगाए गए हैं और सुरक्षा जवानों को हैंड-हेल्ड डिवाइस भी उपलब्ध कराई गई हैं। इसी तरह हैंड बैग की जांच के लिए बैग स्कैनर लगाए गए थे, ताकि पर्यटकों को मैनुअल चेकिंग की असहज स्थिति से बचाया जा सके।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब ताजमहल जैसे विश्व प्रसिद्ध स्मारक की सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं तो उनका नियमित रखरखाव भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

सुरक्षा के साथ पर्यटक सुविधा भी जरूरी

ताजमहल पर सुरक्षा व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता, लेकिन सुरक्षा जांच की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिससे पर्यटकों को कम से कम असुविधा हो। तीन माह से दोनों गेटों पर बैग स्कैनर खराब होने के कारण CISF को मैनुअल चेकिंग करनी पड़ रही है।

अब निगाह इस बात पर है कि बैग स्कैनर की AMC और मरम्मत की प्रक्रिया कब पूरी होती है और दोनों गेटों पर मशीनें दोबारा कब काम शुरू करती हैं। तब तक पर्यटकों को मैनुअल सुरक्षा जांच और उससे जुड़ी लंबी कतारों से ही गुजरना पड़ेगा।

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Pawan Kumar Singh Editor in Chief Taj News

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