BMD स्क्रीनिंग कैंप में महिलाओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की हुई जांच; चिकित्सकों ने कैल्शियम, विटामिन-डी, सक्रिय जीवनशैली और समय पर जांच पर दिया जोर
Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Wednesday, 19 August, 2026, 9:15:00 PM IST.

tajnews.in | आगरा: मेनोपॉज़ के बाद महिलाओं में हड्डियों की सेहत को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो जाती है। इसी उद्देश्य से आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी (AOS) के माहव्यापी जन-जागरूकता अभियान ‘Agra Moves Better–2026’ के तहत बुधवार को गोयल हॉस्पिटल में विशेष Bone Mineral Density (BMD) Screening Camp और महिला अस्थि स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिविर में महिलाओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की BMD जांच कर हड्डियों की मजबूती का आकलन किया गया।
जांच के बाद प्रतिभागियों को उनकी रिपोर्ट के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई और हड्डियों को स्वस्थ रखने के उपाय बताए गए। कार्यक्रम का मुख्य फोकस Post-Menopausal Osteoporosis को लेकर महिलाओं में जागरूकता बढ़ाना रहा।

मेनोपॉज़ के बाद क्यों बढ़ सकता है ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा
कार्यक्रम में डॉ. मुकेश गोयल और डॉ. मेघल गोयल ने महिलाओं को मेनोपॉज़ के बाद हड्डियों की सेहत में होने वाले बदलावों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेनोपॉज़ के बाद महिलाओं में हड्डियों का घनत्व कम होने का खतरा बढ़ सकता है।
चिकित्सकों ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के धीरे-धीरे बढ़ता रहता है। ऐसे में हड्डियों के कमजोर होने का पता समय रहते नहीं चल पाता। कई मामलों में मामूली चोट के बाद होने वाला फ्रैक्चर इसका पहला संकेत हो सकता है। इसलिए जोखिम वाले लोगों में समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह को महत्वपूर्ण बताया गया।

कैल्शियम और विटामिन-डी के साथ सक्रिय जीवनशैली जरूरी
महिलाओं को हड्डियों की मजबूती बनाए रखने के लिए पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन-डी, संतुलित आहार तथा नियमित वजन सहने वाले व्यायाम करने की सलाह दी गई। चिकित्सकों ने नियमित रूप से धूप लेने, सक्रिय जीवनशैली अपनाने और गिरने से बचाव के उपायों पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों में ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम अधिक है, उन्हें चिकित्सकीय सलाह के अनुसार समय पर BMD जांच करानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर उचित उपचार शुरू करना भी महत्वपूर्ण है।
महिलाओं ने मेनोपॉज़ और हड्डियों से जुड़े सवाल पूछे
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने मेनोपॉज़ के बाद होने वाले शारीरिक बदलाव, हड्डियों की कमजोरी, कमर एवं जोड़ों के दर्द, कैल्शियम-विटामिन डी तथा ऑस्टियोपोरोसिस से जुड़े सवाल पूछे। चिकित्सकों ने प्रतिभागियों के सवालों का जवाब देते हुए उनकी शंकाओं का समाधान किया और हड्डियों की सेहत को लेकर आवश्यक सावधानियां बताईं।
बीमारी से पहले जागरूकता पर AOS का जोर
आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी के अनुसार, ‘Agra Moves Better–2026’ का उद्देश्य केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को समय रहते अपनी Bone Health के प्रति जागरूक करना भी है। अभियान के माध्यम से लोगों को ऐसी स्वस्थ आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिनसे भविष्य में ऑस्टियोपोरोसिस और fragility fractures के जोखिम को कम करने में मदद मिल सके।
अभियान का संदेश है—“मेनोपॉज़ के बाद हड्डियों को न भूलें—Know Your Bone Strength.”
आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी की ओर से डॉ. अतुल कुलश्रेष्ठ अध्यक्ष, डॉ. संजय चतुर्वेदी सचिव तथा डॉ. डी. वी. शर्मा चेयरमैन, Agra Moves Better–2026 हैं।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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