प्लास्टर गिरने से बच्चे की मौत के बाद एसएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने उठाया कदम; इमरजेंसी की पहली मंजिल पर मरीजों की आवाजाही बंद, पीडब्ल्यूडी को भेजा पत्र
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | मंगलवार, 25 अगस्त 2026, 07:22:00 AM IST

tajnews.in | आगरा: एसएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में प्लास्टर गिरने से बच्चे की मौत के बाद कॉलेज प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से इमरजेंसी की पहली मंजिल को खाली करा दिया है। यहां फिलहाल केवल आयुष्मान कक्ष संचालित किया जा रहा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पहली मंजिल पर मरीजों की आवाजाही रोक दी है। घटना को लेकर संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए गए हैं।
मामला शुक्रवार का है, जब इमरजेंसी में भर्ती 10 वर्षीय बच्चे के ऊपर प्लास्टर का हिस्सा गिर गया था। हादसे में बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने इमरजेंसी भवन की पहली मंजिल को खाली कराने का निर्णय लिया। शनिवार को बच्चे को वहां से दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया और मरम्मत का काम शुरू कराया गया।
इमरजेंसी की पहली मंजिल पर अब नहीं जाएंगे मरीज
पहली मंजिल को खाली कराने के बाद वहां मरीजों की आवाजाही रोक दी गई है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल यहां केवल आयुष्मान कक्ष संचालित हो रहा है।
मामले की जांच के लिए कॉलेज प्रशासन ने संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। प्रशासन की ओर से घटना के कारणों और भवन की स्थिति से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी को भेजा गया पत्र
घटना के बाद कॉलेज प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को पत्र भेजकर पुराने भवन की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्राचार्य की ओर से भेजे गए पत्र में पीडब्ल्यूडी से भवन की स्थिति का परीक्षण कराने को कहा गया है।
इसके बाद पीडब्ल्यूडी की इंजीनियरिंग टीम ने भी स्थिति का जायजा लिया। टीम द्वारा भवन का निरीक्षण किए जाने के बाद रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
90 करोड़ की इमारत की जर्जर हालत पर भी सवाल
इसी रिपोर्ट में एसएन मेडिकल कॉलेज की करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से बनी सर्जरी एंड एलाइड स्पेशियलिटी ब्लॉक की जर्जर हालत का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भवन के कुछ हिस्सों में दरारें आने के बाद मरम्मत कराई गई थी।
इमरजेंसी में प्लास्टर गिरने की घटना के बाद विद्युत विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में भवन के कई हिस्सों की जांच किए जाने की बात भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान एक हिस्से में प्लास्टर गिरने की घटना हुई थी।
निर्माण के कुछ वर्षों बाद ही जर्जर होने का दावा
अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, एसएन मेडिकल कॉलेज में करीब 90 करोड़ रुपये की लागत से बनी इमारत के निर्माण के करीब 10 साल बाद ही जर्जर होने और टाइल्स गिरने की शिकायतें सामने आई थीं। इसकी मरम्मत भी कराई गई थी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भवन के विभिन्न हिस्सों में दरारें और अन्य समस्याएं सामने आने के बाद समय-समय पर मरम्मत कार्य कराया जाता रहा है।
इमरजेंसी में प्लास्टर गिरने से बच्चे की मौत की घटना ने एक बार फिर एसएन मेडिकल कॉलेज के पुराने और जर्जर भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन ने पहली मंजिल खाली कराकर मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है और भवन की तकनीकी जांच के लिए पीडब्ल्यूडी से कार्रवाई कराने की प्रक्रिया शुरू की है।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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