नेटफ्लिक्स पर आ रहा ‘ऑपरेशन सफेद सागर’: 1999 के कारगिल युद्ध में वायुसेना के शौर्य की अमर गाथा, 27 साल बाद पर्दे पर दिखेगी जांबाजी

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Entertainment Desk, 🌐 tajnews.in | Tuesday, 21 July, 2026, 01:08:25 PM IST.

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tajnews.in | मुंबई: साल 1999 के ऐतिहासिक कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय वायु सेना (IAF) द्वारा चलाए गए अभूतपूर्व हवाई अभियान ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की शौर्यगाथा अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दस्तक देने जा रही है। प्रसिद्ध निर्देशक ओनी सेन के निर्देशन में बनी वेब सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ आगामी 7 अगस्त 2026 को मशहूर ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस बहुप्रतीक्षित सीरीज में बॉलीवुड अभिनेता जिमी शेरगिल और दक्षिण भारतीय फिल्मों के सुपरस्टार सिद्धार्थ मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। यह सीरीज भारतीय वायु सेना के जांबाज ‘गोल्डन एरो स्क्वाड्रन’ और अति-ऊंचाई वाले इलाकों में किए गए दुनिया के सबसे कठिन हवाई अभियानों के अनसुने पहलुओं से पर्दा उठाएगी।

HIGHLIGHTS
  1. 7 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर रिलीज: निर्देशक ओनी सेन का नया शो ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ कारगिल युद्ध की सच्ची घटना पर आधारित।
  2. दमदार स्टारकास्ट: मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे जिमी शेरगिल और सिद्धार्थ, वायुसेना अधिकारियों के किरदार जीवंत करेंगे।
  3. 18,000 फीट की ऊंचाई पर युद्ध: भारतीय वायु सेना द्वारा 16,000 से 18,000 फीट की कठिन चोटियों पर चलाए गए हवाई अभियानों पर केंद्रित।
  4. 5,000 से अधिक सॉर्टीज़: मिराज-2000, मिग और कैनबरा विमानों के माध्यम से दुश्मन के ठिकानों को किया गया था पूरी तरह ध्वस्त।

कारगिल की बर्फिली चोटियों पर वायुसेना का शौर्य: ‘ऑपरेशन विजय’ का मजबूत संबल

ऐतिहासिक संदर्भों के अनुसार, ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ कारगिल युद्ध के दौरान थल सेना के ‘ऑपरेशन विजय’ को हवाई सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया भारतीय वायु सेना का आधिकारिक कोड-नाम था। मई 1999 में जब भारतीय सेना की गश्ती टीमों ने द्रास, कारगिल और बटालिक सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पार पाकिस्तानी घुसपैठियों और सैनिकों की मौजूदगी का पता लगाया, तब 26 मई 1999 को वायुसेना ने इस अभियान की कमान संभाली। श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग को सुरक्षित करने और दुर्गम पहाड़ियों पर बैठे दुश्मनों का सफाया करने के लिए भारतीय वायुसेना को 16,000 से 18,000 फीट की अत्यधिक ऊंचाई पर कॉम्बैट ऑपरेशन्स संचालित करने पड़े, जो विश्व सैन्य इतिहास में सबसे ऊंचाई पर लड़े गए हवाई अभियानों में शामिल हैं।

सीरीज में दिखाया जाएगा कि कैसे शून्य से नीचे के तापमान और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच भारतीय वायुसेना के वीरों ने अदम्य साहस का परिचय दिया। शुरुआती दौर में दुश्मन की सटीक लोकेशन ट्रेस करने के लिए मिग-25, मिग-21 और कैनबरा विमानों का उपयोग टोही (रेकी) उड़ानों के लिए किया गया। इसके बाद मिराज-2000 और जगुआर लड़ाकू विमानों से दुश्मन के बनकरों और आपूर्ति डिपो पर सटीक लेजर-गाइडेड बमबारी की गई। मिग-21, मिग-23 और मिग-27 विमानों ने दुर्गम चोटियों पर लड़ रहे भारतीय थल सेना के जवानों को क्लोज एयर सपोर्ट देकर दुश्मन के हौसले पस्त कर दिए।

हेलीकॉप्टरों की ऐतिहासिक भूमिका और 5,000 उड़ानों का रिकॉर्ड

‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की सफलता में भारतीय वायुसेना की हेलीकॉप्टर फ्लीट का योगदान स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। Mi-17 और Mi-8 जैसे हेलीकॉप्टरों के पायलटों ने दुश्मन की भारी एंटी-एयरक्राफ्ट गन फायरिंग और शोल्डर-फायर्ड मिसाइलों के मंडराते खतरों के बीच हजारों उड़ानें भरीं। इन हेलीकॉप्टरों ने न केवल दुर्गम चोटियों तक रसद, हथियार और गोला-बारूद पहुंचाए, बल्कि घायल सैनिकों को तत्काल एयरलिफ्ट कर सुरक्षित अस्पतालों तक पहुंचाया।

अभियान के दौरान यद्यपि भारतीय वायुसेना को अपने कुछ जांबाज अधिकारियों और विमानों का नुकसान सहना पड़ा, लेकिन वायुसेना ने दो महीनों के भीतर लगभग 5,000 से ज्यादा सॉर्टीज (उड़ानें) भरकर पाकिस्तानी घुसपैठियों की रीढ़ तोड़ दी। जुलाई 1999 में जब पाकिस्तानी सेना पूरी तरह परास्त होकर पीछे हटने पर मजबूर हो गई, तब ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अभिनेता जिमी शेरगिल और सिद्धार्थ अभिनीत यह सीरीज अब 27 साल बाद उन सभी गुमनाम नायकों और गोल्डन एरो स्क्वाड्रन के जांबाजों को श्रद्धांजलि अर्पित करेगी, जिन्होंने भारत माता की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

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Thakur Pawan Singh

Chief Editor, Taj News


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