International Desk, 🌐 [tajnews.in] | Monday, 20 July, 2026, 04:30:00 PM IST.

tajnews.in | तेहरान: मध्य पूर्व के समुद्री विन्यास में जारी भारी सैन्य तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिलाकर रख देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान की सेना के सबसे ताकतवर विंग इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आधिकारिक रूप से दावा किया है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक भीषण विस्फोट के बाद दो विशाल तेल टैंकर पूरी तरह से मलबे में तब्दील होकर तबाह हो गए हैं। ईरानी सेना के इस चौंकाने वाले दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनय और वैश्विक तेल बाजारों में कड़ा हड़कंप मच गया है। ईरान ने इस पूरी घटना के लिए सीधे तौर पर अमेरिकी सेना को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया है कि वाशिंगटन ने जानबूझकर इन जहाजों को एक असुरक्षित समुद्री मार्ग की तरफ धकेला था, जिसके चलते यह भयावह विनाश हुआ।
असुरक्षित दक्षिणी मार्ग पर हुआ जहाजों का शिकार, पेंटागन ने साधी कूटनीतिक चुप्पी
ईरानी सेना के विन्यास आईआरजीसी द्वारा जारी आधिकारिक सैन्य वक्तव्य के अनुसार, दोनों तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट के अत्यंत संवेदनशील दक्षिणी समुद्री मार्ग का उपयोग कर रहे थे. ईरान का कड़ा आरोप है कि अमेरिकी नौसेना ने इन नागरिक जहाजों को जानबूझकर इस खतरनाक रास्ते से गुजरने के लिए प्रेरित किया था, जबकि यह विन्यास पूरी तरह से असुरक्षित घोषित किया जा चुका था. ईरान ने साफ लफ्जों में चेतावनी दी है कि जब तक खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सेना की अनधिकृत मौजूदगी और उसकी आक्रामक साम्राज्यवादी गतिविधियां जारी रहेंगी, तब तक इस समुद्री मार्ग पर किसी भी वाणिज्यिक पोत की सुरक्षा सुनिश्चित करना नामुमकिन होगा. हालांकि, इस गंभीर और सीधे आरोप पर अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) अथवा व्हाइट हाउस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक या विधिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जिससे रहस्य और गहरा गया है.
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा एजेंसियों और जहाजरानी विशेषज्ञों ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद सावधानी और संदेह के नजरिए से देखना शुरू कर दिया है. आईआरजीसी ने अपने सैन्य दावे में यह बिल्कुल स्पष्ट नहीं किया है कि जिन दो जहाजों में धमाके हुए हैं, उनके नाम क्या हैं, वे किस देश के झंडे (फ्लैग स्टेट) के तहत संचालित हो रहे थे, या उन पर कुल कितने चालक दल के सदस्य सवार थे. धमाके के कारण किसी प्रकार के मानवीय हताहत होने अथवा समुद्र में तेल रिसाव (ऑयल स्पिल) जैसे बड़े पर्यावरणीय नुकसान की जानकारी भी अभी तक साझा नहीं की गई है. यही कारण है कि स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और स्वतंत्र पर्यवेक्षकों द्वारा इस घटना की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि जब तक निष्पक्ष स्रोतों से जांच रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक इसे केवल एक रणनीतिक सैन्य दावा ही माना जाएगा.
क्यों थमी पूरी दुनिया की सांसें? वैश्विक कच्चे तेल का सबसे बड़ा लाइफलाइन है होर्मुज रूट
होर्मुज जलडमरूमध्य का राजनैतिक और भौगोलिक विन्यास इस कदर महत्वपूर्ण है कि यहां होने वाली मामूली सी हलचल भी पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला कर रख देती है. यह रणनीतिक जलमार्ग फारस की खाड़ी को सीधे अरब सागर और ओमान की खाड़ी से जोड़ता है. दुनिया के सबसे बड़े तेल उत्पादक देशों जैसे सऊदी अरब, इराक, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और ईरान का अधिकांश कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) इसी बेहद संकरे रास्ते से होकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों और औद्योगिक देशों तक पहुंचती है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस रूट पर सुरक्षा संबंधी तनाव लंबे समय तक बना रहा, तो जहाजों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो जाएगी, जिससे वैश्विक शिपिंग और बीमा लागत पांच गुना तक बढ़ सकती है. इसका सीधा असर भारत सहित दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि के रूप में देखने को मिल सकता है.
ईरानी गार्ड ने अपने आक्रामक बयान में साफ संकेत दिया है कि मौजूदा विस्फोटक परिस्थितियों में यह पूरा समुद्री विन्यास तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के सुरक्षित आवागमन के लिए बिल्कुल भी उपयुक्त नहीं बचा है. संगठन ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि खाड़ी में तनाव को कम करने के कूटनीतिक प्रयास तुरंत शुरू नहीं हुए, तो आने वाले समय में वैश्विक नौवहन के लिए और भी बड़े जोखिम पैदा हो सकते हैं. इस गंभीर सैन्य चेतावनी के बाद अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार (IEA) और समुद्री सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञ पल-पल की स्थिति पर करीब से नजर बनाए हुए हैं. अब पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस संवेदनशील मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC), अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन की अगली आधिकारिक प्रतिक्रिया क्या होती है, क्योंकि यहां से बढ़ा तनाव एक नए वैश्विक महायुद्ध की चिंगारी बन सकता है.
यह भी पढ़ें

Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
7579990777




