Edited by: Pawan Singh | tajnews.in | 14 March 2026, 01:54 AM IST
नई दिल्ली (New Delhi): पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध और तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक राहत की खबर सामने आई है। ईरान ने दो भारतीय टैंकरों को दी अनुमति और उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित गुजरने का रास्ता दे दिया है। दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य से इस समय कई अंतरराष्ट्रीय जहाज गुजरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। ऐसे में भारत के दो तरल प्राकृतिक गैस (LPG) टैंकरों को ईरान की ओर से मिली यह हरी झंडी वैश्विक ऊर्जा बाजार और भारत के लिए एक बहुत बड़ा सकारात्मक संकेत है।
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ईरान ने दो भारतीय टैंकरों को दी अनुमति: सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने स्पष्ट की स्थिति
भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने इस पूरे मामले पर बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इस्राइल के साथ शत्रुता और युद्ध के बावजूद ईरान ने इस रणनीतिक जलडमरूमध्य को कभी बंद नहीं किया है। उन्होंने मीडिया को बताया, “जलडमरूमध्य खुला है, लेकिन मौजूदा हालात और युद्ध की परिस्थितियों के कारण जहाज आसानी से नहीं गुजर पा रहे हैं। ईरान कभी इसे बंद नहीं करना चाहता था। कुछ जहाज अभी भी वहां से गुजर रहे हैं।”
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‘जिसने यह युद्ध शुरू किया, वही इसे रोक सकता है’, विश्व नेताओं से की अमेरिका पर दबाव बनाने की अपील
अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कड़ा अनुरोध करते हुए कहा कि इस युद्ध के कारण दुनिया भर के लोग पीड़ित हैं और ऊर्जा की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। उन्होंने अमेरिका को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “जिसने यह युद्ध शुरू किया है, वही इसे रोक सकता है। दुनिया के सभी नेताओं को एकजुट होकर अमेरिकी राष्ट्रपति पर भारी दबाव डालना चाहिए, ताकि इस अन्यायपूर्ण युद्ध को तुरंत रोका जा सके और वैश्विक शांति बहाल हो सके।”
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13वें दिन में पहुंचा अमेरिका-ईरान संघर्ष, आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भड़की थी भीषण आग
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में यह वर्तमान संघर्ष 28 फरवरी को शुरू हुआ था। एक तरफ अमेरिका और इस्राइल हैं, तो दूसरी तरफ ईरान खड़ा है। ईरान के 86 वर्षीय सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका-इस्राइल के संयुक्त हमलों में मौत के बाद यह संघर्ष एक भीषण युद्ध में तब्दील हो गया। इसके जवाब में ईरान ने भी कई खाड़ी देशों, अमेरिकी और इस्राइली ठिकानों पर जबर्दस्त हवाई हमले किए हैं, जिसने पूरे मिडिल ईस्ट को युद्ध की आग में झोंक दिया है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता से वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित, भारत के लिए कूटनीतिक सफलता
इस भीषण युद्ध और लगातार हो रहे मिसाइल हमलों के कारण समुद्री यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी अस्थिरता पैदा हो गई है। युद्ध अब अपने 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरी दुनिया की नजरें इस संकरे लेकिन बेहद अहम जलमार्ग पर टिकी हैं। ऐसे तनावपूर्ण और खौफनाक माहौल में जब ईरान ने दो भारतीय टैंकरों को दी अनुमति, तो इसे भारत सरकार (Government of India) की मजबूत विदेश नीति और ईरान के साथ उसके गहरे कूटनीतिक संबंधों की एक बहुत बड़ी सफलता माना जा रहा है।
Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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