आगरा की सड़कें पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित बनें, यूरोप की तरह हो लेन अनुशासन

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जेब्रा क्रॉसिंग, लाल रंग की साइकिल लेन, ट्रैफिक कैमरे और बेवजह हॉर्न पर रोक की मांग

आगरा डेस्क | 🌐 tajnews.in | 4 अक्टूबर 2026 | 21:18 बजे

आगरा डेस्क

आगरा में सड़क पर चलना अब सामान्य नागरिक के लिए भी किसी जोखिम भरे सफर से कम नहीं है। स्कूली बच्चे तेज रफ्तार वाहनों से बचते हुए सड़क पार करते हैं, बुजुर्ग टूटे और अतिक्रमित फुटपाथों के कारण सड़क पर चलने को मजबूर हैं और साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित रास्ते लगभग गायब हैं।

रिवर कनेक्ट कैंपेन ने रविवार शाम आयोजित सभा में टीटीजेड अध्यक्ष, मंडलायुक्त, नगर निगम और यातायात पुलिस से आगरा में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के अधिकार तथा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल विशेष अभियान शुरू करने की मांग की है।

सभा में यमुना आरती से जुड़े भक्तों ने भी यमुना किनारा रोड पर किले से वाटर वर्क्स तक पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए लाल रंग से अलग लेन चिह्नित करने, जेब्रा क्रॉसिंग बनाने और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए होमगार्ड तैनात करने की मांग की। उनका कहना था कि उत्सव, विसर्जन, जुलूस और झांकियों के लिए भी अलग मार्ग निर्धारित किए जाएं, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

आगरा में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों की सुरक्षित सड़क व्यवस्था की मांग

आगरा में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित सड़क व्यवस्था की मांग को दर्शाती तस्वीर।

HIGHLIGHTS
  • यमुना किनारा रोड पर पैदल और साइकिल के लिए अलग लाल रंग की लेन की मांग।
  • प्रमुख चौराहों, स्कूलों, अस्पतालों और पर्यटन स्थलों पर जेब्रा क्रॉसिंग की मांग।
  • फुटपाथ और साइकिल लेन से अतिक्रमण तथा अवैध पार्किंग हटाने की मांग।
  • दुर्घटना संभावित स्थानों पर आधुनिक सीसीटीवी और यातायात निगरानी कैमरे लगाने की मांग।
  • आगरा के 25 सबसे खतरनाक चौराहों और सड़क मार्गों की पहचान कर समयबद्ध सुधार योजना बनाने का सुझाव।

यूरोप से सीखने की जरूरत, लोगों के लिए बने आगरा

बृज खंडेलवाल ने कहा कि हाल में यूरोप की यात्रा के दौरान उन्होंने देखा कि वहां सड़क व्यवस्था में पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है। उनके अनुसार लाल रंग से स्पष्ट साइकिल लेन, चौड़ी जेब्रा क्रॉसिंग, पैदल यात्री सिग्नल, निर्धारित लेन और कैमरों से लगातार निगरानी सड़क अनुशासन का हिस्सा हैं।

बृज खंडेलवाल ने कहा, “आगरा को भी अब गाड़ियों का शहर नहीं, लोगों का शहर बनाने की जरूरत है। सड़क पर पहला अधिकार इंसान का होना चाहिए, केवल मोटर वाहन का नहीं।”

यमुना किनारा रोड पर अलग लेन की मांग

यमुना आरती से जुड़े भक्तों ने मांग की कि यमुना किनारा रोड पर किले से वाटर वर्क्स तक लाल रंग से अलग लेन चिह्नित की जाए, जिस पर केवल पैदल यात्री और साइकिल चालक चलें। इसके साथ जेब्रा क्रॉसिंग बनाई जाएं और होमगार्ड तैनात किए जाएं, ताकि यातायात रोककर पैदल यात्रियों को सुरक्षित सड़क पार कराई जा सके।

सभा में यह सवाल भी उठाया गया कि जब दुनिया के कई शहरों में यातायात नियंत्रण के लिए वन-वे व्यवस्था लागू की जाती है, तो आगरा में ऐसी व्यवस्था प्रभावी ढंग से क्यों नहीं हो सकती।

फुटपाथ और साइकिल लेन से अतिक्रमण हटाने की मांग

रिवर कनेक्ट कैंपेन ने आगरा की प्रमुख सड़कों पर पैदल यात्रियों के लिए स्पष्ट और बाधामुक्त फुटपाथ तथा साइकिल चालकों के लिए अलग लेन बनाने की मांग की। साइकिल लेन को लाल रंग से स्पष्ट रूप से चिन्हित करने और फुटपाथों पर पार्किंग तथा अतिक्रमण पूरी तरह रोकने की मांग भी की गई।

सभी प्रमुख चौराहों, स्कूलों, अस्पतालों, बाजारों और पर्यटन स्थलों पर स्पष्ट एवं चमकीले जेब्रा क्रॉसिंग बनाए जाने तथा व्यस्त चौराहों पर पैदल यात्रियों के लिए अलग ट्रैफिक सिग्नल लगाने की मांग की गई।

लेन अनुशासन और बेवजह हॉर्न पर रोक

बृज खंडेलवाल ने कहा कि आगरा को लेन अनुशासन की नई संस्कृति अपनाने की जरूरत है। गलत दिशा में वाहन चलाना, लालबत्ती तोड़ना, खतरनाक ओवरटेकिंग, फुटपाथ या साइकिल लेन पर वाहन चलाना और अवैध पार्किंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “बेवजह हॉर्न बजाना भी सड़क अनुशासन का उल्लंघन है। हर चौराहे पर हॉर्न बजाना कोई उपलब्धि नहीं है। यह शहर के लोगों के कान और दिमाग दोनों पर हमला है।”

सीसीटीवी और यातायात निगरानी मजबूत करने की मांग

रिवर कनेक्ट अभियान ने प्रमुख चौराहों और दुर्घटना संभावित स्थानों पर आधुनिक सीसीटीवी और यातायात निगरानी कैमरे लगाने की मांग की। अभियान के अनुसार इन कैमरों का इस्तेमाल केवल चालान करने के लिए नहीं, बल्कि यातायात के व्यवहार और सड़क सुरक्षा की लगातार निगरानी के लिए भी किया जाना चाहिए।

पर्यटन स्थलों तक सुरक्षित पैदल मार्ग जरूरी

ताजमहल आने वाले विदेशी और देशी पर्यटकों के लिए भी सुरक्षित पैदल मार्ग विकसित करने की मांग की गई। फतेहाबाद रोड, एमजी रोड, सिकंदरा, शाहगंज और यमुना किनारे के मार्गों को प्राथमिकता के आधार पर पैदल यात्री अनुकूल बनाने का सुझाव दिया गया।

बृज खंडेलवाल ने कहा कि “जिस शहर में बच्चा सुरक्षित सड़क पार न कर सके, बुजुर्ग फुटपाथ पर न चल सके और साइकिल चालक सड़क पर अपनी जान बचाता फिरे, उसे स्मार्ट सिटी कहने का कोई अर्थ नहीं है।” उन्होंने प्रशासन से आगरा के 25 सबसे खतरनाक चौराहों और सड़क मार्गों की पहचान कर तत्काल सुधार योजना बनाने तथा उसके लिए निश्चित समय सीमा तय करने की मांग की।

सड़क सुरक्षा को नागरिक गरिमा से जोड़ने की जरूरत

पर्यावरणविद डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा कि सुरक्षित पैदल मार्ग केवल सुविधा का मामला नहीं है। यह नागरिकों की गरिमा, सड़क सुरक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और आगरा की पर्यटन छवि से जुड़ा सवाल है।

डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा कि वाहनों से पहले इंसानों की कद्र और इज्जत होनी चाहिए।

संयुक्त बैठक बुलाकर योजना बनाने की मांग

रिवर कनेक्ट कैंपेन ने मांग की है कि मंडलायुक्त की अध्यक्षता में नगर निगम, विकास प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी और यातायात पुलिस की संयुक्त बैठक बुलाकर ‘आगरा पैदल यात्री और साइकिल सुरक्षा योजना’ बनाई जाए। अभियान ने योजना की प्रगति सार्वजनिक किए जाने की भी मांग की।

अभियान का कहना है कि सड़क सुरक्षा की योजना में पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों, बच्चों, बुजुर्गों और पर्यटकों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

सवाल यही—आगरा की सड़कें आखिर किसके लिए?

अभियान ने अंत में सवाल उठाया कि आगरा की सड़कें आखिर किसके लिए हैं—सिर्फ गाड़ियों के लिए या उन इंसानों के लिए भी, जो इस शहर में रहते हैं और इसे देखने आते हैं?

सभा में रंजन शर्मा, राज कुमार माहेश्वरी, चतुर्भुज तिवारी, सत्यम शर्मा, राजवीर सिंह, मुकेश चौधरी, गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय, प्रशांत कौशिक आदि उपस्थित रहे।

Pawan Singh
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Editor in chief, Taj News Network
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