तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में ट्रॉली बैग से मिले थे मानव अंग; करीब 350 CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद गुडुवांचेरी तक पहुंची जांच, दो संदिग्धों की तलाश
क्राइम डेस्क, 🌐 tajnews.in | मंगलवार, 25 अगस्त 2026, 09:54:12 AM IST

tajnews.in | आगरा: तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच में ट्रॉली बैग के भीतर मानव अंग मिलने के मामले की जांच करते हुए पुलिस चेन्नई के गुडुवांचेरी क्षेत्र तक पहुंची है। पुलिस के अनुसार, वहां एक किराए के मकान से मृतका का कटा हुआ सिर बरामद किया गया। मृतका की पहचान 45 वर्षीय हयातुन निशा के रूप में बताई गई है, जो मूल रूप से ओडिशा के जगतसिंहपुर की रहने वाली थी और गुडुवांचेरी क्षेत्र में एक निजी फर्म में काम करती थी।
पुलिस के अनुसार, महिला की हत्या के बाद शव के अलग-अलग हिस्सों को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। जांच में यह भी सामने आया है कि शरीर के कुछ हिस्सों को मैदा और सब्जी में मिलाकर पकाए जाने की बात सामने आई है। मामले में महिला के साथ किराए के मकान में रहने वाले माणिकुद्दीन लश्कर और भगवती साली घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है।
आगरा कैंट स्टेशन पर ट्रॉली बैग से शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत 5 अगस्त की सुबह आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हुई। तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में एक लाल रंग का ट्रॉली बैग लावारिस हालत में मिला। बैग के भीतर पॉलीथिन में लिपटे मानव अंगों के टुकड़े बरामद हुए थे। सूचना मिलने के बाद जीआरपी ने बैग को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।
रेलवे स्टेशन पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालने पर एक युवक और युवती लाल रंग का ट्रॉली बैग लेकर ट्रेन की ओर जाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने उनके आने-जाने के रास्ते और संभावित ठिकानों की जानकारी जुटानी शुरू की।
करीब 350 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने करीब 350 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस के अनुसार, चेन्नई रेलवे स्टेशन की फुटेज में 3 अगस्त को एक युवक और युवती उसी तरह का ट्रॉली बैग लेकर दिखाई दिए।
जांच के मुताबिक दोनों ने ट्रॉली बैग को तमिलनाडु एक्सप्रेस की जनरल बोगी में रखा और ट्रेन रवाना होने से पहले ही वहां से उतर गए। इसके बाद दोनों लोकल ट्रेन से आगे गए। CCTV फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर जांच गुडुवांचेरी क्षेत्र तक पहुंची।
किराए के मकान से मिला महिला का सिर
पुलिस के अनुसार, संदिग्धों के ठिकाने की तलाश के दौरान एक मकान से दुर्गंध आने की जानकारी मिली। पुलिस ने मकान की तलाशी ली तो एक बर्तन में छिपाकर रखा गया मानव सिर बरामद हुआ।
पुलिस का कहना है कि बरामद सिर की पहचान हयातुन निशा के रूप में की गई है। मकान के फर्श पर खून के निशान मिलने की बात भी जांच में सामने आई है।
शव के अन्य हिस्सों को ठिकाने लगाने के तरीके को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। शरीर के कुछ हिस्सों को मैदा और सब्जी में मिलाकर पकाए जाने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को जांच में शामिल किया है।
घटना से करीब 15 दिन पहले किराए पर रहने आई थी महिला
पुलिस के अनुसार, हयातुन निशा घटना से करीब 15 दिन पहले उस मकान में रहने आई थी। वह गुडुवांचेरी क्षेत्र में एक निजी कंपनी में काम करती थी।
बताया गया है कि उसके साथ माणिकुद्दीन लश्कर और भगवती साली भी रहते थे। घटना के बाद दोनों के फरार होने के कारण पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद हत्या की परिस्थितियों और शव को ठिकाने लगाने के पीछे की पूरी कहानी स्पष्ट हो सकती है।
संबंध और पैसों के विवाद की आशंका
पुलिस की प्रारंभिक जांच में माणिकुद्दीन लश्कर और हयातुन निशा के बीच कथित संबंध होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि संबंध या पैसों से जुड़े विवाद के कारण हत्या हुई हो सकती है। हालांकि, हत्या का वास्तविक कारण अभी जांच का विषय है और संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद ही स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
मृतका के बेटे से भी ली गई जानकारी
जांच के दौरान पुलिस ने हयातुन निशा के बेटे से भी जानकारी ली। बताया गया है कि वह पहले अपनी मां के साथ रहता था, लेकिन बाद में अलग रहने लगा था।
पुलिस ने मृतका के पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंधों से जुड़े पहलुओं की जानकारी भी जुटाई है। वहीं, उसके साथ रहने वाले युवक-युवती के अचानक गायब होने के बाद जांच का फोकस उन दोनों पर केंद्रित है।
मामला चेन्नई जीआरपी को स्थानांतरित
सीओ जीआरपी राजेश दीक्षित के अनुसार, हयातुन निशा मूल रूप से ओडिशा के जगतसिंहपुर की रहने वाली थी और गुडुवांचेरी में एक निजी फर्म में काम करती थी। उसके साथ रहने वाले माणिकुद्दीन लश्कर और भगवती साली की तलाश की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों ने हत्या के बाद शव के अलग-अलग हिस्सों को अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगाने का प्रयास किया। मामला चेन्नई स्थानांतरित किया जा चुका है और आगे की जांच चेन्नई जीआरपी द्वारा की जाएगी।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता दोनों फरार संदिग्धों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार करना है। उनकी गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही हत्या के कारण, शव के साथ की गई कार्रवाई और आगरा कैंट तक मानव अंगों से भरा ट्रॉली बैग पहुंचाने की पूरी घटना की कड़ियां स्पष्ट हो सकेंगी।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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