साइबर ठगी से बचने के लिए आगरा में जागरूकता गोष्ठी, लोगों को बताए डिजिटल सुरक्षा के जरूरी तरीके

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फिशिंग, पहचान की चोरी और फर्जी निवेश योजनाओं से सावधान रहने की दी सलाह; युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने लिया हिस्सा

Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Wednesday, 19 August, 2026, 7:00:00 PM IST.

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tajnews.in | आगरा: साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच ऑनलाइन ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव को लेकर ऑल इंडिया क्राइम प्रिवेंशन सोसाइटी और लॉ विस्टा कंसल्टेंसी की ओर से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें स्थानीय नागरिकों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में साइबर अपराध के सामान्य तरीकों, निजी जानकारी की सुरक्षा और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को लेकर व्यावहारिक जानकारी दी गई।

HIGHLIGHTS
  1. ऑल इंडिया क्राइम प्रिवेंशन सोसाइटी व लॉ विस्टा कंसल्टेंसी ने आगरा में साइबर जागरूकता गोष्ठी आयोजित की।
  2. फिशिंग स्कैम, फर्जी निवेश और पहचान की चोरी से सुरक्षित रहने के बताए गए व्यावहारिक उपाय।
  3. कबीर पुरस्कार से सम्मानित डॉ. सिराज कुरैशी व समी आगा ने साइबर-जागरूक समाज के निर्माण पर दिया जोर।
  4. पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के जागरूकता अभियान की सराहना, निरंतर गोष्ठी जारी रखने का संकल्प।

कार्यक्रम का आयोजन पुलिस कमिश्नर की ओर से साइबर अपराध के प्रति आम लोगों में जागरूकता बढ़ाने की अपील के बाद किया गया। पुलिस विभाग के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में साइबर अपराध के बढ़ते खतरे पर चिंता जताई गई थी। इसके साथ ही एनजीओ, शिक्षण संस्थानों और सामुदायिक संगठनों से लोगों के बीच सक्रिय रूप से साइबर जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया था।

फिशिंग और फर्जी निवेश से लेकर पहचान की चोरी तक पर चर्चा

जागरूकता कार्यक्रम में ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग स्कैम, पहचान की चोरी और फर्जी निवेश योजनाओं सहित साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं। ऐसे में किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने, अनजान व्यक्ति के साथ निजी जानकारी साझा करने या बिना सत्यापन के ऑनलाइन लेन-देन करने से बचना जरूरी है।

वक्ताओं ने व्यक्तिगत जानकारी को सुरक्षित रखने और मजबूत पासवर्ड के इस्तेमाल पर भी जोर दिया। साथ ही संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि या साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में उचित अधिकारियों के माध्यम से शिकायत करने की आवश्यकता बताई गई।

युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से किया जागरूक

कार्यक्रम में युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी रही। वक्ताओं ने डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा से जुड़ी जानकारी केवल स्वयं तक सीमित न रखकर परिवार और आसपास के लोगों तक भी पहुंचाई जानी चाहिए, ताकि अधिक लोग संभावित ऑनलाइन धोखाधड़ी से सावधान रह सकें।

डॉ. सिराज कुरैशी डॉ. सिराज कुरैशी

ऑल इंडिया क्राइम प्रिवेंशन सोसाइटी की गवर्निंग बॉडी के सदस्य एवं कबीर पुरस्कार से सम्मानित डॉ. सिराज कुरैशी ने साइबर-जागरूक समाज के निर्माण के लिए पुलिस विभाग के प्रयासों का समर्थन करने की प्रतिबद्धता जताई।

भारतीय मुस्लिम विकास परिषद के अध्यक्ष समी आगा ने प्रतिभागियों से डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सावधानी से करने और साइबर सुरक्षा से संबंधित उपयोगी जानकारी परिवार एवं समुदाय के लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

वास्तविक घटनाओं पर हुआ संवाद

कार्यक्रम के अंत में इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया। इसमें उपस्थित लोगों ने साइबर धोखाधड़ी से जुड़े अपने अनुभव और वास्तविक घटनाओं पर चर्चा की। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों के सवालों के जवाब देते हुए ऑनलाइन स्कैम से बचने के व्यावहारिक तरीके बताए।

लॉ विस्टा कंसल्टेंसी के प्रतिनिधि ने सामुदायिक भागीदारी बढ़ाने के लिए पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाना सामूहिक जिम्मेदारी है और आम जनता के हित में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जारी रखे जाएंगे।

कार्यक्रम का समग्र संदेश यही रहा कि डिजिटल सुविधाओं का इस्तेमाल करते समय सतर्कता, निजी जानकारी की सुरक्षा और किसी भी संदिग्ध गतिविधि का समय रहते संज्ञान लेना साइबर धोखाधड़ी के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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Pawan Kumar Singh Editor in Chief Taj News

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