आईएपी आगरा चैप्टर और मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक की संगोष्ठी में मातृ दुग्धदान को जन-आंदोलन बनाने का लिया संकल्प
Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Friday, 7 August, 2026, 12:15:00 AM IST.

tajnews.in | आगरा: मातृ दुग्ध बैंक की उपयोगिता को जन-जन तक पहुंचाने और मातृ दुग्धदान को जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से प्रताप नगर स्थित श्री चंद्रभान साबुन वाले सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक में इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) आगरा चैप्टर के सहयोग से नीतिगत समीक्षा एवं संचालन पर संगोष्ठी आयोजित की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि यदि किसी नवजात को जन्म के बाद अपनी मां का दूध उपलब्ध नहीं हो पाता, तो किसी दूसरी स्वस्थ मां द्वारा स्वेच्छा से दान किया गया मातृ दुग्ध उसके जीवन के लिए अमृत साबित हो सकता है।
संगोष्ठी में देशभर में संचालित मदर मिल्क बैंकों के अनुभवों पर चर्चा करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि मां का दूध नवजात के लिए पहली वैक्सीन, पहला पोषण और सबसे सुरक्षित आहार है। यदि किसी कारणवश मां अपने शिशु को स्तनपान नहीं करा पाती, तो वैज्ञानिक प्रक्रिया से सुरक्षित रखा गया डोनर मदर मिल्क उसके जीवन की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। वक्ताओं ने कहा कि मातृ दुग्धदान केवल चिकित्सा सेवा नहीं, बल्कि मानवता की सबसे संवेदनशील सेवाओं में से एक है।
विशेषज्ञों ने बताए मातृ दुग्ध के स्वास्थ्य लाभ
आईएपी आगरा चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने कहा कि जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करना और छह माह तक केवल मां का दूध पिलाना प्रत्येक शिशु के स्वस्थ भविष्य की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि समय से पूर्व जन्मे, कम वजन वाले और गंभीर रूप से बीमार नवजातों के लिए डोनर मदर मिल्क किसी संजीवनी से कम नहीं है।
आईएपी की कोषाध्यक्ष डॉ. स्वाति द्विवेदी ने कहा कि मां का दूध संक्रमण से सुरक्षा, बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता और शिशु के मानसिक एवं शारीरिक विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सुझाव दिया कि मातृ दुग्ध बैंक में प्रशिक्षित काउंसलर की नियुक्ति की जाए, ताकि प्रसूताओं को जागरूक कर अतिरिक्त दुग्धदान के लिए प्रेरित किया जा सके।
डॉ. शुभिका गर्ग ने कहा कि समाज में मदर मिल्क बैंक के प्रति अभी भी पर्याप्त जागरूकता नहीं है। अस्पतालों, नर्सिंग होम और चिकित्सकों को प्रसूताओं तथा उनके परिवारों को मातृ दुग्धदान की वैज्ञानिक प्रक्रिया और उसके महत्व से अवगत कराना चाहिए।
जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्णय
श्री चंद्रभान साबुन वाले सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष अशोक कुमार अग्रवाल (एडवोकेट) ने कहा कि मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक समाज की संवेदनशीलता और सहयोग का प्रतीक है। ट्रस्ट का उद्देश्य है कि आगरा का कोई भी जरूरतमंद नवजात मातृ दुग्ध के अभाव में जीवन संकट का सामना न करे।
मदर मिल्क बैंक के समन्वयक राजकुमार गर्ग ने बताया कि बैंक में मातृ दुग्ध का संग्रह, परीक्षण, पाश्चुरीकरण और सुरक्षित भंडारण निर्धारित वैज्ञानिक मानकों के अनुसार किया जाता है। चिकित्सकीय आवश्यकता होने पर यह दूध नवजातों को उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने स्वस्थ माताओं से इस जीवनरक्षक अभियान से जुड़ने की अपील की।
संगोष्ठी में मुंबई और सूरत में संचालित सफल मदर मिल्क बैंकों के मॉडल पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि वहां अपनाए गए दिशा-निर्देशों और मानकों को आगरा में भी प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। उन्होंने यह भी बताया कि चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप उपचार प्राप्त कर रही टीबी से ग्रसित माताएं भी निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार दुग्धदान कर सकती हैं।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स और मुंशी पन्ना मातृ दुग्ध बैंक संयुक्त रूप से शहर के अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, प्रसूति केंद्रों, सामाजिक संस्थाओं और जनसंचार माध्यमों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाएंगे, ताकि अधिक से अधिक परिवार मातृ दुग्ध बैंक की उपयोगिता को समझ सकें।
175 माताओं ने किया दुग्धदान, 45 नवजातों को मिला लाभ
संगोष्ठी के बाद चिकित्सकों ने केंद्र की कोल्ड चेन प्रणाली का निरीक्षण किया। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष रमेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि अब तक 175 माताओं ने दुग्धदान किया है और 45 नवजात शिशुओं को मातृ दुग्ध उपलब्ध कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि केंद्र में आवश्यक सभी निर्धारित व्यवस्थाएं और मानक 15 अगस्त तक पूरी तरह लागू कर दिए जाएंगे।
कार्यक्रम का संचालन सचिन गोयल ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सुधा बंसल, डॉ. अल्का सेन, डॉ. अनिल अग्रवाल, डॉ. अरुण जैन, डॉ. संजय सक्सेना, डॉ. पायल मित्तल, डॉ. अंशु अग्रवाल, मदर मिल्क बैंक के समन्वयक राजकुमार गर्ग, राकेश गर्ग, निधि अग्रवाल, हृदेश बंसल, कांता महेश्वरी, राजीव जैन सहित अनेक चिकित्सक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
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