92वें दीक्षांत समारोह में 79,832 विद्यार्थियों को मिली उपाधि, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शिक्षा के साथ संस्कारों पर दिया जोर

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Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Monday, 03 August, 2026, 06:05:00 PM IST.

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tajnews.in | आगरा: डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के 92वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि जिम्मेदार, संवेदनशील और राष्ट्रहित में योगदान देने वाले नागरिक तैयार करना भी है। समारोह में 79,832 विद्यार्थियों को विभिन्न पाठ्यक्रमों की उपाधियां प्रदान की गईं, जबकि 64 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 88 पदकों से सम्मानित किया गया।

HIGHLIGHTS
  1. 92वां दीक्षांत समारोह: आगरा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की शिरकत।
  2. उपाधि व पदक वितरण: 79,832 विद्यार्थियों को मिलीं डिग्रियां, 64 मेधावियों को 88 पदकों से नवाजा गया।
  3. मानद उपाधि: पश्चिम बंगाल के पारंपरिक हस्तशिल्प कलाकार अरधेंदु शेखर दास को दी गई मानद उपाधि।
  4. विकास परियोजनाओं की सौगात: परिसर में 6 नई परियोजनाओं का लोकार्पण एवं बालिकाओं का नि:शुल्क एचपीवी टीकाकरण।

विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर स्थित शिवाजी मंडपम में आयोजित समारोह में राज्यपाल ने पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध गोल्डन ग्रास (मदुर) शिल्पकार अरधेंदु शेखर दास को भारतीय पारंपरिक हस्तशिल्प और ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद उपाधि प्रदान की।

शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी

अपने संबोधन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि केवल शैक्षणिक उपलब्धियां पर्याप्त नहीं हैं। उन्होंने हाल के जंतर-मंतर पर हुए एक प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि शिक्षा के साथ संस्कार न हों तो समाज और राष्ट्र दोनों प्रभावित होते हैं। उनके अनुसार विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों और शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

महिला सशक्तिकरण पर जताया विश्वास

राज्यपाल ने कहा कि आने वाले वर्षों में महिलाएं हर क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करेंगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान दीक्षांत समारोह में भी छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में योग्यता और कार्यक्षमता के आधार पर महिलाओं को नेतृत्व के अवसर देने की आवश्यकता पर बल दिया।

शिक्षकों से कहा—सकारात्मक कार्य जारी रखें

राज्यपाल ने शिक्षकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि सकारात्मक कार्य करने वालों को आलोचनाओं से घबराना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में निरंतर सुधार और नवाचार के प्रयास जारी रहने चाहिए, क्योंकि समाज का निर्माण शिक्षकों के योगदान से ही संभव है।

नई शिक्षा नीति का किया उल्लेख

नई शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा उत्तीर्ण कराना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में जिम्मेदारी, संवेदनशीलता और नैतिक मूल्यों का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि बेहतर शैक्षणिक वातावरण और प्रेरक शिक्षक ही विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को सही दिशा देते हैं।

समारोह के दौरान राज्यपाल ने एक मेडलिस्ट छात्रा के परिवार का उल्लेख करते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी की, जिस पर सभागार तालियों और मुस्कान से गूंज उठा।

79,832 विद्यार्थियों को मिली उपाधि (उपाधि वितरण विवरण)

विश्वविद्यालय ने इस वर्ष कुल 79,832 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं। उपाधियों का संपूर्ण पाठ्यक्रमवार ब्यौरा नीचे तालिका में दिया गया है:

पाठ्यक्रम / श्रेणी (Course / Category)लाभान्वित विद्यार्थियों की संख्या
स्नातक (UG)55,686
स्नातकोत्तर (PG)9,150
प्रोफेशनल पाठ्यक्रम (Professional Courses)14,826
पीएचडी (Ph.D.)167
डी.लिट्. (D.Litt.)3
कुल डिग्रियां (Total Degrees)79,832

समारोह में विभिन्न संकायों के 64 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 88 स्वर्ण, रजत एवं अन्य पदकों से सम्मानित किया गया।

छह नई परियोजनाओं का लोकार्पण

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में विकसित छह नई परियोजनाओं का भी लोकार्पण किया। इनमें मॉडल स्कूल का जीर्णोद्धार, मियावाकी निधिवन, चाणक्य सदन, सुल्तानगंज स्थित शताब्दी भवन, कणाद हाई-टेक सेंटर और डॉ. आंबेडकर प्रतिमा स्थल का नवीनीकरण शामिल है।

बच्चों की प्रस्तुति और स्वास्थ्य पहल बनी आकर्षण

कार्यक्रम में बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण और जल बचाओ विषय पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुति से प्रभावित होकर राज्यपाल मंच पर पहुंचीं, बच्चों से संवाद किया और उन्हें चॉकलेट वितरित की। वहीं महिला स्वास्थ्य को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सहयोग से 14-15 वर्ष आयु वर्ग की 100 बालिकाओं का नि:शुल्क एचपीवी टीकाकरण भी कराया गया। राज्यपाल ने सभी बालिकाओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किए।

समारोह में एनसीटीई के चेयरमैन प्रो. पंकज अरोड़ा मुख्य अतिथि रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में राज्यमंत्री रजनी तिवारी शामिल रहीं। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने अतिथियों का स्वागत किया। इससे पूर्व आगरा आगमन पर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने एयरपोर्ट पर राज्यपाल का स्वागत किया।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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