जंतर-मंतर पर भारी हंगामा, संसद मार्च पर अड़े प्रदर्शनकारी; सुरक्षा घेरा तोड़ने पर पुलिस का लाठीचार्ज, लुटियंस दिल्ली में धारा 163 लागू

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National Desk, 🌐 [tajnews.in] | Monday, 20 July, 2026, 12:45:00 PM IST.

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tajnews.in | नई दिल्ली: देश की राजधानी के सबसे हाई-प्रोफाइल लुटियंस दिल्ली क्षेत्र में सोमवार को उस समय भारी अराजकता, हंगामा और भीषण तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब सैकड़ों की संख्या में उत्तेजित छात्र और युवा कार्यकर्ता संसद भवन का घेराव करने के उद्देश्य से सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारी मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर एकत्रित होकर संसद मार्च निकालने की जिद पर अड़े थे। इलाके में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले से ही व्यापक पुलिस बल की मुस्तैदी की गई थी। आंदोलन के दौरान माहौल तब पूरी तरह नियंत्रण से बाहर हो गया, जब उग्र प्रदर्शनकारियों का जत्था सुरक्षा बैरिकेड्स को तोड़कर संसद भवन की ओर आक्रामक रूप से कूच करने लगा।

HIGHLIGHTS
  1. जंतर-मंतर बना अखाड़ा: मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन से संसद भवन की ओर बढ़ रही सैकड़ों छात्रों और युवाओं की उग्र भीड़ पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई।
  2. सुरक्षा बलों का लाठीचार्ज: कानून-व्यवस्था बहाल रखने और सुरक्षा घेरा टूटने से बचाने के लिए दिल्ली पुलिस व आरपीएफ ने किया बल प्रयोग।
  3. मेट्रो सेवाएं प्रभावित: आंदोलन की विभीषिका के दृष्टिगत राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट सहित पांच प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद।
  4. लुटियंस जोन में ग्रिड सुरक्षा: संसद के मॉनसून सत्र के चलते पूरे इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू।

सुरक्षा घेरा तोड़ आगे बढ़े आंदोलनकारी, लाठियां बरसते ही लुटियंस जोन में मची भारी भगदड़

न्यूज एजेंसी एएनआई (ANI) की आधिकारिक ग्राउंड रपट के अनुसार, संसद के चालू मॉनसून सत्र के बीच युवाओं का यह उग्र मार्च अचानक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन गया। प्रदर्शनकारी मंडी हाउस से मार्च शुरू करते हुए जंतर-मंतर के मार्ग पर दाखिल हुए थे। जैसे ही भीड़ पार्लियामेंट स्ट्रीट की तरफ बढ़ने लगी, वहां मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें कड़े प्रशासनिक विन्यास के तहत रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शनकारियों द्वारा आगे बढ़ने की निरंतर जिद और बैरिकेड्स पर चढ़कर नारेबाजी करने के बाद, दिल्ली पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों ने स्थिति को पूरी तरह बेकाबू होते देख बल प्रयोग शुरू किया। भीड़ को तितर-बितर करने और संसद भवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बलों को मजबूरन लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा।

पुलिस द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई और लाठियों की गूंज के बाद पूरे जंतर-मंतर और उसके आसपास के व्यापारिक व प्रशासनिक गलियारों में भारी भगदड़ मच गई। पुलिस बल ने रणनीतिक रूप से लाठियों का प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों के जत्थों को पीछे धकेला और भीड़ को विभिन्न दिशाओं में तितर-बितर कर दिया। इस गंभीर झड़प और पुलिसिया कार्रवाई की सूचना मिलते ही केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस मुख्यालय ने पूरे नई दिल्ली वीआईपी क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया है। लुटियंस जोन के चप्पे-चप्पे पर अतिरिक्त रिजर्व पुलिस लाइनों से बलों को बुलाकर तैनात किया गया है और खुफिया विभाग के अधिकारी ड्रोन कैमरों के माध्यम से स्थिति पर निरंतर नजर बनाए हुए हैं।

सेंट्रल विस्टा से कनॉट प्लेस तक सुरक्षा का थ्री-टियर सुरक्षा चक्र, पांच मेट्रो स्टेशन किए गए सील

संसद के मॉनसून सत्र की संवेदनशीलता और खुफिया इनपुट के मद्देनजर प्रशासन ने लुटियंस जोन के भीतर अत्यंत कड़े और अभेद्य सुरक्षा प्रबंधों का एक नया प्रशासनिक विन्यास लागू किया है। इसके तहत समूचे नई दिल्ली क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 (पूर्ववर्ती धारा 144) तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है, जिसके तहत किसी भी स्थान पर पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने अथवा किसी भी प्रकार का मार्च निकालने पर पूर्ण प्रतिबंध है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जंतर-मंतर, सेंट्रल विस्टा, शंकर चौक, कनॉट प्लेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट जैसे देश के सबसे संवेदनशील वीआईपी इलाकों को सुरक्षा की तीन परतों (थ्री-टियर ग्रिड) से पूरी तरह कवर कर दिया गया है। इन इलाकों में दिल्ली पुलिस के जांबाज जवानों के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (पैरामिलिट्री फोर्स) की कंपनियों को बख्तरबंद गाड़ियों के साथ तैनात किया गया है।

इसके अतिरिक्त, लुटियंस जोन के मुख्य चौराहों पर किसी भी अप्रिय या दंगा जैसी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटने के लिए विशेष रैपिड रिस्पॉन्स टीमों (RRT) को चौबीसों घंटे पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा गया है। इसी बीच, जंतर-मंतर की तरफ कूच कर रहे कई विपक्षी राजनैतिक दिग्गजों और जननेताओं को दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने रास्ते में ही रोककर हिरासत में ले लिया, ताकि कानून-व्यवस्था में व्यवधान न उत्पन्न हो सके। इस बड़े जनांदोलन और उग्र प्रदर्शन के सीधे असर को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को भी सुरक्षा विन्यास के तहत आपातकालीन कदम उठाने पड़े। सुरक्षा बलों के कड़े निर्देश पर व्यस्ततम राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय (सेंट्रल सेक्रेटेरिएट) और मंडी हाउस समेत पांच प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के सभी प्रवेश और निकास द्वारों को आम यात्रियों के लिए कई घंटों तक पूरी तरह बंद रखना पड़ा, जिससे दफ्तर जाने वाले आम नागरिकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। फिलहाल लुटियंस जोन में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में बनी हुई है।

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Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

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