मेरठ डेस्क, 🌐 tajnews.in | Saturday, 04 July, 2026, 04:14:28 PM IST.

tajnews.in | मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाकर सोशल मीडिया पर पुलिस को खुली चुनौती देने वाली शातिर लुटेरी दुल्हन आखिरकार कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकी। मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में हुए चर्चित पेटीएम टीम लीडर लूटकांड की मुख्य महिला आरोपी ज्योति चौधरी को पुलिस ने उत्तराखंड के पवित्र तीर्थ स्थल हरिद्वार से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता प्राप्त की है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह शातिर महिला आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद हाल ही में रची गई अपनी शादी के बाद पति संग हनीमून मनाने हरिद्वार पहुंची थी। फरारी काट रही यह आरोपी पुलिसिया कार्रवाई से बेखौफ होकर लगातार इंस्टाग्राम पर अपनी रील्स और तस्वीरें पोस्ट कर रही थी। सोशल मीडिया पर उसकी इसी बेलगाम सक्रियता ने पुलिस के सर्विलांस तंत्र को सटीक रास्ता दिखाया। तकनीकी निगरानी (सर्विलांस विंग) के जरिए सटीक लोकेशन मिलते ही मेरठ पुलिस ने हरिद्वार में घेराबंदी कर शनिवार तड़के उसे धर दबोचा।
पूरे मामले का खुलासा करते हुए क्षेत्राधिकारी (सीओ) सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी महिला ज्योति चौधरी मूल रूप से किठौर थाना क्षेत्र के गांव छुछाई की रहने वाली है। पुलिस की प्राथमिक तफ्तीश में जो तथ्य सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले और किसी फिल्मी स्क्रिप्ट की तरह हैं। ज्योति चौधरी रागनी कार्यक्रमों में नृत्य करने का काम करती थी, जहाँ से उसे सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरने का चस्का लगा। महंगे शौक पूरे करने और आलीशान जिंदगी जीने की चाहत में वह धीरे-धीरे अपराध की दलदल में उतर गई। पुलिस का दावा है कि वह अपने मौजूदा गिरोह के साथ मिलकर वेस्ट यूपी के विभिन्न जनपदों में राहजनी, लूट और चोरी की गंभीर वारदातों को अंजाम देने लगी थी।
पुलिस के मुताबिक, इस सनसनीखेज लूटकांड की शुरुआत 12 जून की रात को हुई थी। मुजफ्फरनगर जिले के रतनपुरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव मुजाहिदपुर के निवासी आकाश शर्मा, जो पेटीएम कंपनी में बड़ौत जोन के टीम लीडर के पद पर कार्यरत हैं, देर रात अपनी मोटरसाइकिल से घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान सरधना क्षेत्र के अंतर्गत रार्धना-पाली कांवड़ पटरी मार्ग पर स्थित पाली पुल के समीप दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार बेखौफ बदमाशों ने हथियारों के बल पर उन्हें रोक लिया। बदमाशों ने पीड़ित के साथ बेरहमी से मारपीट की और उनकी बाइक व मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। पीड़ित आकाश शर्मा ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और यह विशेष रूप से रेखांकित किया था कि वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह में एक युवती भी सक्रिय रूप से शामिल थी, जो लड़कों से ज्यादा आक्रामक व्यवहार कर रही थी।
घटना पंजीकृत होने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टीमों का गठन किया। सरधना थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में पहले ही तीन शातिर बदमाशों को दबोच लिया था। पुलिस ने उनके पास से लूटी गई बाइक, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली थी। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम की मास्टरमाइंड मानी जा रही ज्योति चौधरी पुलिस की गिरफ्त से लगातार दूर चल रही थी। पुलिस जब उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थी, उसी दौरान आरोपी महिला ने पुलिस को ठेंगा दिखाते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दिया। इस वीडियो में उसने बेहद फिल्मी अंदाज में एक विलेन का डायलॉग बोलते हुए चुनौती दी थी कि “शाका मारा जा सकता है, लेकिन पकड़ा नहीं जा सकता।”
इस खुली चुनौती को मेरठ पुलिस ने अत्यंत गंभीरता से लिया और उसकी गिरफ्तारी के लिए साइबर सेल को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई। पुलिस को चकमा देने के लिए ज्योति ने इसी बीच 23 जून को मोहित नागर नाम के युवक से शादी रचा ली। शादी की रस्में पूरी होने के तुरंत बाद वह अपने पति के साथ हनीमून मनाने और फरारी काटने के इरादे से हरिद्वार रवाना हो गई। उसे लगा कि वह उत्तराखंड के पहाड़ों और धार्मिक स्थलों में छिपकर पुलिस की नजरों से बच जाएगी। परंतु अपनी लोकप्रियता की भूख के कारण वह हरिद्वार में गंगा घाटों और होटलों से लगातार इंस्टाग्राम पर रील्स और फोटो अपलोड करती रही। साइबर सेल की टीम ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर पैनी नजर रखी हुई थी। जैसे ही तकनीकी साक्ष्यों और आईपी एड्रेस के माध्यम से उसकी सटीक लोकेशन हरिद्वार में ट्रेस हुई, मेरठ पुलिस की एक विशेष टीम तुरंत रवाना की गई और शनिवार की सुबह तड़के उसे गिरफ्तार कर मेरठ लाया गया।
गहन पूछताछ में पुलिस को यह भी पता चला है कि ज्योति चौधरी पहले से ही विवाहित थी। उसकी पहली शादी बुलंदशहर जिले के ककोड़ थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर जाट निवासी सुनील उर्फ नीतू से हुई थी। पहली शादी टूटने या उसमें विवाद के बाद वह नृत्य कला के जरिए अपराधियों के संपर्क में आई और आर्थिक लाभ के लिए इस खूनी खेल का हिस्सा बन गई। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला आरोपी की विधिक गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे नेक्सस का पर्दाफाश किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह ने एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में और कितनी बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। इस गिरफ्तारी से जहां अपराधियों में खौफ का माहौल है, वहीं पुलिस ने यह साफ संदेश दे दिया है कि सोशल मीडिया पर रील बनाकर कानून को चुनौती देने वालों का अंजाम सिर्फ और सिर्फ जेल की सलाखें ही होंगी।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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