मुड़ी चौराहे से कलेक्ट्रेट कूच का था ऐलान; पुलिस-PAC ने संभाला मोर्चा, प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई तीखी नोकझोंक
आगरा डेस्क, 🌐 tajnews.in | रविवार, 20 सितंबर 2026, 09:05:12 PM IST

आगरा, 20 सितंबर 2026। UGC के 2026 के नए नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर आगरा में रविवार को प्रदर्शन तेज हो गया। UGC मुक्ति मोर्चा के आह्वान पर खंदौली थाना क्षेत्र के मुड़ी चौराहे पर जुटे प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टर मार्च निकालकर जिला मुख्यालय पहुंचने और कलेक्ट्रेट का घेराव करने का ऐलान किया था।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने मुड़ी चौराहे समेत आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी। पुलिस बल और PAC की तैनाती के साथ कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी। शनिवार देर रात से ही मुड़ी चौराहे पर धरना शुरू हो गया था और रविवार सुबह तक सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ ग्रामीणों के जुटने की रिपोर्ट सामने आई।
बैरिकेडिंग पर पुलिस से हुई तीखी नोकझोंक
रविवार को प्रदर्शनकारी ट्रैक्टर लेकर आगे बढ़े तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और कुछ ट्रैक्टर यमुना एक्सप्रेसवे की ओर पहुंच गए।
यमुना एक्सप्रेसवे पर प्रदर्शनकारियों के पहुंचने के बाद हंगामे की स्थिति बनी और वाहनों की लंबी कतार लग गई। इससे एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रभावित हुआ और जाम की स्थिति पैदा हो गई।
कुछ प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों की भीड़ बाद में नाई की सराय पहुंची, जहां पथराव की स्थिति बनी। इसके बाद पुलिस ने लाठी चलाकर भीड़ को वहां से हटाया। इस घटनाक्रम की विस्तृत आधिकारिक पुष्टि और दर्ज मामलों की जानकारी अभी सामने नहीं आई है। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की नाकाबंदी के बावजूद कुछ प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टर खेतों के रास्ते निकालकर यमुना एक्सप्रेसवे तक पहुंचाए।
UGC के नए नियमों का विरोध और मांगें
आंदोलनकारी UGC के 2026 के समानता एवं शिकायत निवारण से जुड़े प्रावधानों का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि नए प्रावधानों से सवर्ण समाज के विद्यार्थियों के अधिकार और शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था प्रभावित होगी। आंदोलन से जुड़े संगठनों ने नियमों को वापस लेने की मांग की है।
ये आंदोलनकारियों के आरोप और दावे हैं। UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर 2026 में जारी University Grants Commission (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) Regulations, 2026 सूचीबद्ध हैं। UGC की वेबसाइट पर विद्यार्थियों की शिकायतों से संबंधित 2023 के नियम भी अलग से उपलब्ध हैं। इसलिए नए नियमों के वास्तविक कानूनी प्रभाव और आंदोलनकारियों के आरोपों को अलग-अलग संदर्भ में देखा जाना जरूरी है।
पुलिस-प्रशासन पहले से था अलर्ट
ट्रैक्टर मार्च और कलेक्ट्रेट घेराव के ऐलान को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने पहले से सुरक्षा इंतजाम किए थे। मुड़ी चौराहे पर पुलिस और PAC की तैनाती की गई थी तथा अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई थी।
प्रकाशित रिपोर्टों में आंदोलन से जुड़े करीब 80 लोगों को नोटिस दिए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, नोटिस की कुल संख्या और उसकी कानूनी कार्रवाई की स्थिति के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। आंदोलनकारियों की संख्या को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं। संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने हजारों ट्रैक्टरों और बड़ी संख्या में लोगों के जुटने का दावा किया, जबकि मौके से प्रकाशित रिपोर्टों में सैकड़ों ट्रैक्टरों के पहुंचने की बात कही गई है। इसलिए आधिकारिक आंकड़ा सामने आने तक प्रदर्शनकारियों की निश्चित संख्या बताना उचित नहीं होगा।
UGC नियमों के विरोध का आंदोलन
आगरा का यह प्रदर्शन UGC के 2026 में जारी समानता संबंधी नियमों को लेकर चल रहे विरोध का स्थानीय हिस्सा है। देश के अन्य हिस्सों में भी इन नियमों को लेकर विरोध और राजनीतिक-सामाजिक बहस सामने आई है।
आंदोलनकारी संगठनों ने नियमों को वापस लेने की मांग की है, जबकि UGC की आधिकारिक सूची में इन्हें उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने से संबंधित नियमों के रूप में दर्ज किया गया है। आगरा में रविवार के प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेडिंग, ट्रैक्टर मार्च और यमुना एक्सप्रेसवे पर जाम के कारण स्थिति तनावपूर्ण रही।

Sonu Kashyap
Reported by: Sonu Kashyap | Taj News
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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