वैश्य समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की रणनीति, यूपी में 100 प्रत्याशी उतारने की तैयारी

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भारतीय वैश्य महासभा का ऐलान—वैश्य बाहुल्य सीटों पर सभी दलों से समाज के प्रत्याशियों को टिकट देने की मांग; सहमति नहीं बनी तो संगठन अपने स्तर पर चुनाव लड़ने पर करेगा विचार

Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Monday, 17 August, 2026, 8:40:00 PM IST.

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tajnews.in | आगरा: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय वैश्य महासभा ने उत्तर प्रदेश में वैश्य समाज की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने की रणनीति पर मंथन शुरू कर दिया है। लोहामंडी स्थित श्री अग्रसेन भवन में आयोजित महासभा के मंडलीय सम्मेलन में पदाधिकारियों ने कहा कि वैश्य बाहुल्य विधानसभा क्षेत्रों में सभी राजनीतिक दलों से समाज के प्रत्याशियों को टिकट देने की अपील की जाएगी। संगठन के अनुसार, यदि राजनीतिक दल इस मांग पर सहमत नहीं होते हैं तो महासभा उत्तर प्रदेश में अपने स्तर पर कम से कम 100 प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारने की रणनीति पर काम करेगी।

HIGHLIGHTS
  1. लोहामंडी स्थित अग्रसेन भवन में भारतीय वैश्य महासभा का मंडलीय सम्मेलन आयोजित।
  2. वैश्य बाहुल्य सीटों पर टिकट न मिलने पर यूपी में 100 प्रत्याशी उतारने की रणनीति का ऐलान।
  3. मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने समाज के ऐतिहासिक और सामाजिक योगदान को सराहा।
  4. राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डॉ. संजीव वार्ष्णेय व राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रकाश अग्रवाल ने एकजुटता पर दिया जोर।

सम्मेलन में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन की राजनीतिक भूमिका, वैश्य समाज की भागीदारी और प्रदेशभर में संगठन विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि समाज की आबादी और सामाजिक-आर्थिक भूमिका के अनुरूप राजनीतिक प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित होना चाहिए। इसी उद्देश्य से महासभा संगठन को प्रदेश के विभिन्न जिलों में मजबूत करने और समाज को एकजुट करने की दिशा में काम कर रही है।

भारतीय वैश्य महासभा के मंडलीय सम्मेलन में दीप प्रज्ज्वलन करते मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल व पदाधिकारी

लखनऊ में बड़ा कार्यक्रम कर राजनीतिक दलों तक पहुंचाएंगे संदेश

भारतीय वैश्य महासभा के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डॉ. संजीव वार्ष्णेय ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में महासभा का संगठन 51 जिलों में खड़ा किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि जल्द ही लखनऊ में एक बड़े कार्यक्रम के आयोजन की तैयारी है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सभी राजनीतिक दलों तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा कि वैश्य बाहुल्य विधानसभा सीटों पर समाज के लोगों को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया जाए और उन्हें टिकट मिले।

महासभा सम्मेलन को संबोधित करते राष्ट्रीय प्रधान महासचिव डॉ. संजीव वार्ष्णेय

उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक दल महासभा की मांग पर विचार नहीं करते हैं तो संगठन अपने स्तर पर वैश्य समाज के लोगों को चुनाव मैदान में उतारने की रणनीति तैयार करेगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष रवि प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि भारतीय वैश्य महासभा वैश्य समाज में राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से काम कर रही है। उन्होंने समाज को एकजुट करने पर जोर देते हुए कहा कि राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए संगठनात्मक एकता आवश्यक है।

भारतीय वैश्य महासभा के मंडलीय सम्मेलन में मंचासीन अतिथि एवं राष्ट्रीय पदाधिकारी

रवि प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि यदि राजनीतिक दल महासभा के प्रस्ताव पर सहमति नहीं देते हैं तो उत्तर प्रदेश के चुनावी मैदान में कम से कम 100 प्रत्याशियों को उतारने की दिशा में संगठन आगे बढ़ेगा।

पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने गिनाईं समाज की भूमिकाएं

सम्मेलन के मुख्य अतिथि विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि देश और समाज के सामने जब भी प्रतिकूल परिस्थितियां आईं, वैश्य समाज ने आगे बढ़कर अपनी भूमिका निभाई।

सम्मेलन में उपस्थित वैश्य समाज के प्रमुख समाजसेवी और पदाधिकारी

उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आपातकाल और कोरोना काल तक समाज के योगदान का उल्लेख करते हुए संगठन की एकजुटता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सामाजिक योगदान के साथ संगठन की मजबूती भी समाज की प्रभावी भूमिका के लिए आवश्यक है।

राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाना महासभा का लक्ष्य

मंडल अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल ने कहा कि महासभा का उद्देश्य अधिक से अधिक वैश्य समाज के लोगों को संगठन से जोड़ना और उन्हें राजनीतिक भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता के साथ राजनीतिक स्तर पर प्रभावी प्रतिनिधित्व हासिल करने के लिए संगठन लगातार प्रयास करेगा।

अग्रसेन भवन लोहामंडी में आयोजित सम्मेलन में मंचासीन प्रमुख वक्तागण

सम्मेलन के दौरान भारतीय वैश्य महासभा की कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया। उन्हें स्मृति चिह्न प्रदान करने के साथ पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। संगठन से जुड़े 31 नए सदस्यों को प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए गए।

नवमनोनीत पदाधिकारियों को प्रशस्ति पत्र एवं पटका पहनाकर सम्मानित करते अतिथि

संगठन विस्तार के साथ युवाओं को जोड़ने पर जोर

सम्मेलन में वक्ताओं ने संगठन को प्रदेशभर में मजबूत करने के साथ वैश्य समाज के युवाओं और अन्य वर्गों को भी सक्रिय रूप से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के लिए केवल चुनाव के समय सक्रिय होने के बजाय संगठनात्मक स्तर पर लगातार काम करने की जरूरत है।

भारतीय वैश्य महासभा के सम्मेलन में उपस्थित आगरा मंडल के सैकड़ों पदाधिकारी एवं सदस्य

आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सम्मेलन में राजनीतिक प्रतिनिधित्व के साथ संगठन की भूमिका और आगे की रणनीति पर भी चर्चा हुई। महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज के लोगों को एकजुट कर उनकी राजनीतिक भागीदारी बढ़ाना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद

सम्मेलन में राष्ट्रीय सचिव महेंद्र खंडेलवाल, राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजीव गोयल, राष्ट्रीय प्रवक्ता पंकज गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजीव गुप्ता, मंडल महामंत्री सुनील अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विजय सिंघल, जिलाध्यक्ष डॉ. अशोक अग्रवाल, श्रीनिवास ठाकुर, रामबाबू अग्रवाल, राकेश गुप्ता, डॉ. प्रकाश चंद्र गुप्ता, मंडल टीम से विनोद अग्रवाल, गौरव मंगल, संतोष गोयल, नितिन गुप्ता, मंडल वरिष्ठ उपाध्यक्ष नागेश मित्तल, भरत मित्तल, कल्पना अग्रवाल, एकता जैन, मुकेश गुप्ता, राजेश गुप्ता, मनोज सिंघल, आशीष अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, नितिन अग्रवाल, राम गोपाल अग्रवाल, मनीष सिंघल, सोमेश गर्ग, मनीष अग्रवाल, अनुपम अग्रवाल, जितेंद्र अग्रवाल, नरेश अग्रवाल और अनुज गोयल सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

सम्मेलन में संगठन विस्तार, वैश्य समाज की राजनीतिक भागीदारी और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। संगठन की ओर से 100 प्रत्याशी मैदान में उतारने की बात फिलहाल रणनीतिक घोषणा के रूप में सामने आई है। इसका वास्तविक स्वरूप आगामी राजनीतिक परिस्थितियों और संगठन के अगले निर्णयों पर निर्भर करेगा।

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