National Desk, 🌐 tajnews.in | Saturday, 18 July, 2026, 10:24:00 AM IST.

tajnews.in | नई दिल्ली/लखनऊ: दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनशन पर बैठे विख्यात सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस द्वारा जबरन उठाए जाने और सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद देश का राजनीतिक पारा पूरी तरह गरमा गया है। इस संवेदनशील घटनाक्रम को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) की वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने सामाजिक कार्यकर्ता को हटाए जाने की पुलिसिया कार्रवाई की घोर आलोचना करते हुए इसे देश में लोकतांत्रिक आवाजों को कुचलने वाला कदम बताया है। सांसद ने साफ शब्दों में कहा कि एक स्वस्थ लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का सदैव सम्मान होना चाहिए।
डिंपल यादव ने एक्स (X) पर व्यक्त किया आक्रोश, भाजपा को घेरा
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर केंद्र की सत्ताधारी दल की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा करते हुए एक मर्मस्पर्शी संदेश पोस्ट किया है। उन्होंने सरकार की दमनकारी नीतियों की विधिक व राजनीतिक आलोचना करते हुए लिखा:
“बीजेपी वाले देश के लिए सफेद चादर का कफ़न लेकर आए हैं। जब शांतिपूर्ण आवाज़ों को दबाया जाता है, तो संविधान और लोकतंत्र भी आहत होते हैं। सोनम वांगचुक जैसे लोगों की आवाज़ दबाना, देश की आत्मा को दबाना है।”
सांसद ने स्पष्ट किया कि सोनम वांगचुक जैसे निस्वार्थ भाव से समाज की आवाज उठाने वाले व्यक्ति के साथ इस प्रकार का प्रशासनिक दुर्व्यवहार किया जाना किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा और संसद से लेकर सड़क तक दमनकारी नीतियों का विधिक विरोध जारी रखेगा।
पेपर लीक मामले में अनशन और जंतर-मंतर पर पुलिसिया कार्रवाई का सच
गौरतलब है कि सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक देश में हुए कथित पेपर लीक मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग को लेकर पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर कड़े आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। लंबे समय तक अन्न-जल त्यागने के कारण उनके महत्वपूर्ण शारीरिक पैरामीटर तेजी से गिर रहे थे और उनका वजन करीब 9.5 किलोग्राम कम हो चुका था, जिससे उनकी जान पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था। इस बीच, दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र और दिल्ली सरकार को सख्त निर्देश दिए थे कि वांगचुक का प्रतिदिन गहन मेडिकल परीक्षण कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल उच्च विधिक स्वास्थ्य उपचार उपलब्ध कराया जाए। इसी न्यायिक आदेश के विन्यास का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस शनिवार सुबह उन्हें जबरन एम्बुलेंस में डालकर सफदरजंग अस्पताल लेकर गई।
हालांकि, इस पुलिसिया कार्रवाई के दौरान जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों और छात्रों ने पुलिस बल का कड़ा विधिक विरोध किया, जिससे मौके पर भारी हंगामे और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठन के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सुबह सात बजे जब वे कार्यक्रम स्थल से कुछ देर के लिए हटे, तो पुलिस बल ने वहां पहुंचकर 60 वर्षीय बुजुर्ग कार्यकर्ता के साथ अभद्रता की और उन्हें जबरन घसीटकर ले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीच-बचाव करने की कोशिश करने पर पुलिस ने उनके और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की। इस घटना के बाद देश भर के विभिन्न राजनीतिक दलों ने केंद्र सरकार की तानाशाही प्रवृत्ति के खिलाफ अपनी-अपनी तीखी प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया है।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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