National Desk, 🌐 tajnews.in | Saturday, 18 July, 2026, 09:57:00 AM IST.

tajnews.in | नई दिल्ली: देश की राजधानी के जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे सुप्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को लेकर शनिवार तड़के दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के बाद दिल्ली का सियासी पारा अचानक सातवें आसमान पर पहुंच गया है। दिल्ली पुलिस के जवान भारी बल के साथ जंतर-मंतर पहुंचे और अनशन के कारण कमजोर हो चुके सोनम वांगचुक को जबरन उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गए, जहां उन्हें इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया है। इस कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर पर डटे प्रदर्शनकारियों और छात्रों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ना शुरू कर दिया है। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर जंतर-मंतर जाने वाले सभी रास्तों को पूरी तरह सील कर दिया गया है।

वांगचुक की पत्नी की चेतावनी और संगठन का पुलिस पर तीखा प्रहार
अस्पताल में भर्ती कराए जाने के तुरंत बाद सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत करते हुए एक बेहद कड़ा बयान जारी किया है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन और केंद्र सरकार को आगाह करते हुए कहा कि उनकी और उनके निजी डॉक्टरों की विधिक सहमति के बिना सोनम वांगचुक को कोई भी दवा या अनजाना मेडिकल ट्रीटमेंट नहीं दिया जाना चाहिए। दूसरी तरफ, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संगठन के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके (अभिजीत दीपके) ने दिल्ली पुलिस पर बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सुबह करीब सात बजे पुलिस के लोग वहां आए और 20 दिनों से भूखे 60 साल के एक बुजुर्ग को गालियां देते हुए जबरन घसीटकर ले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बीच-बचाव करने पर पुलिस ने उनके साथ भी मारपीट की है। संगठन के प्रवक्ता सौरभ दास ने भी दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया है और कल देर रात भी सोनम वांगचुक पर हमले का प्रयास किया गया था।
न्यायालय के आदेश का हवाला और विपक्ष का सत्ता के अहंकार पर हमला
इस पूरे घटनाक्रम पर सफाई देते हुए नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने आधिकारिक बयान में कहा कि माननीय हाई कोर्ट के आदेशानुसार और डॉक्टरों की मेडिकल सलाह को ध्यान में रखते हुए सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत के मद्देनजर उन्हें जरूरी मेडिकल विन्यास और इलाज के लिए एक उपयुक्त सरकारी अस्पताल में शिफ्ट किया गया है, जहां उनके वाइटल्स पूरी तरह स्थिर हैं। पुलिस ने संयम बरतते हुए यह काम सुरक्षित तरीके से किया है। पुलिस ने बचे हुए प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर खाली करने की अपील की है। हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार को आड़े हाथों लेना शुरू कर दिया है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरासर गुंडागर्दी और सत्ता का अहंकार है। पिछले 21 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे व्यक्ति की जायज मांगें सुनने के बजाय उन्हें जबरन गिरफ्तार कर अस्पताल में डाल दिया गया, जिसका जवाब देश का युवा देगा। संगठन ने भी साफ कर दिया है कि वे झुकेंगे नहीं और 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च हर हाल में किया जाएगा।
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Thakur Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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