Agra Moves Better–2026 में सामने आए संकेत, 60 वर्ष से अधिक उम्र की 10 में 9 महिलाओं की स्क्रीनिंग वैल्यू −2.0 या उससे कम
Agra Desk, 🌐 tajnews.in | Sunday, 23 August, 2026, 4:13:14 PM IST.

tajnews.in | आगरा, 23 अगस्त 2026: आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी (AOS) के जन-जागरूकता अभियान “Agra Moves Better–2026” के तहत जिला कारागार, आगरा में महिला बंदियों और कारागार कर्मचारियों की Bone Mineral Density (BMD) Screening की गई। स्क्रीनिंग के दौरान 21 से 65 वर्ष आयु वर्ग की 50 महिला बंदियों के उपलब्ध आंकड़ों में हड्डियों की सेहत को लेकर महत्वपूर्ण संकेत सामने आए। इनमें 45 महिलाओं यानी 90 प्रतिशत की स्क्रीनिंग वैल्यू −1.0 से कम पाई गई।
AOS के अनुसार, स्क्रीनिंग के आंकड़ों में उम्र बढ़ने के साथ स्क्रीनिंग वैल्यू में गिरावट का रुझान भी दिखाई दिया। इन आंकड़ों से महिलाओं की बोन हेल्थ पर समय रहते ध्यान देने की आवश्यकता का संकेत मिलता है।

उम्र बढ़ने के साथ स्क्रीनिंग वैल्यू में दिखी गिरावट
जिला कारागार में की गई स्क्रीनिंग के आंकड़ों के अनुसार, 40 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में औसत स्क्रीनिंग वैल्यू −1.36 रही। वहीं 40 से 49 वर्ष आयु वर्ग में यह औसत −1.83 दर्ज किया गया।
इसी तरह 50 से 59 वर्ष की महिलाओं में औसत स्क्रीनिंग वैल्यू −2.11 रही, जबकि 60 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग में यह औसत −2.36 तक पहुंच गई।
सबसे महत्वपूर्ण संकेत 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं के समूह में देखने को मिला। इस आयु वर्ग की 10 महिलाओं में से 9 की स्क्रीनिंग वैल्यू −2.0 या उससे कम रही।
AOS ने इन आंकड़ों को महिलाओं की हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति समय रहते जागरूक होने की आवश्यकता का महत्वपूर्ण संकेत बताया है।

महिलाओं की बोन हेल्थ पर कम उम्र से ध्यान देने की जरूरत
आगरा ऑर्थोपेडिक सोसायटी का कहना है कि हड्डियों की मजबूती को लेकर अक्सर लोगों का ध्यान उम्र बढ़ने के बाद जाता है, जबकि हड्डियों के स्वास्थ्य पर जीवनशैली और पोषण का प्रभाव लंबे समय से पड़ता है।
AOS ने महिलाओं को संतुलित पोषण, पर्याप्त प्रोटीन, कैल्शियम एवं विटामिन-D, उचित धूप तथा नियमित शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देने की सलाह दी। इसके साथ ही जोखिम वाले लोगों में समय रहते बोन हेल्थ की जांच कराने पर भी जोर दिया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित शारीरिक सक्रियता और संतुलित जीवनशैली हड्डियों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। वहीं जिन लोगों में जांच के दौरान कमजोरी के संकेत दिखाई दें, उन्हें चिकित्सकीय सलाह के अनुसार आगे की जांच और उपचार की दिशा में कदम उठाना चाहिए।

पुरुष बंदियों और जेल कर्मचारियों की भी हुई जांच
जिला कारागार में आयोजित कार्यक्रम केवल महिला बंदियों तक सीमित नहीं रहा। पुरुष बंदियों और जेल कर्मचारियों की भी BMD स्क्रीनिंग की गई। जांच के बाद संबंधित लोगों को उनके परिणामों के अनुसार बोन हेल्थ के प्रति जागरूक किया गया।
इस पहल का उद्देश्य जेल परिसर में रहने वाले लोगों को हड्डियों की सेहत के प्रति जागरूक करना और संभावित जोखिम को समय रहते पहचानने के महत्व को समझाना रहा।
BMD स्क्रीनिंग को अंतिम बीमारी की जांच न मानें
AOS ने स्क्रीनिंग के आंकड़ों को लेकर एक महत्वपूर्ण सावधानी भी स्पष्ट की है। संस्था के अनुसार, शिविर में की गई BMD जांच एक screening tool है और इसे अपने आप में osteoporosis का अंतिम निदान नहीं माना जाना चाहिए।
जिन लोगों में स्क्रीनिंग वैल्यू काफी कम पाई गई, उन्हें चिकित्सकीय मूल्यांकन कराने की सलाह दी गई। आवश्यकता होने पर चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार DXA जैसी मानक जांच कराई जा सकती है।
इसका उद्देश्य लोगों को स्क्रीनिंग के आधार पर स्वयं बीमारी का निष्कर्ष निकालने के बजाय उचित चिकित्सकीय मूल्यांकन की ओर प्रेरित करना है।
ओम मेडिकल कॉम्प्लेक्स में भी लगा BMD कैंप
Agra Moves Better–2026 अभियान के तहत रविवार को दूसरा BMD Screening Camp ओम मेडिकल कॉम्प्लेक्स, खंदारी, आगरा में भी आयोजित किया गया। यहां भी लोगों की BMD जांच कर उन्हें हड्डियों की कमजोरी को समय रहते पहचानने और उससे बचाव के उपायों के प्रति जागरूक किया गया।
AOS के अनुसार, अगस्त माह में अलग-अलग वर्गों और स्थानों तक बोन एवं जॉइंट हेल्थ से जुड़ी जानकारी पहुंचाने का अभियान जारी है। अभियान के दौरान लोगों को osteoporosis, bone health, injury prevention और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जागरूक किया जा रहा है।
समय रहते जांच और जागरूकता पर जोर
जिला कारागार की महिला बंदियों की स्क्रीनिंग से सामने आए आंकड़े इस बात की ओर ध्यान आकर्षित करते हैं कि महिलाओं की हड्डियों की सेहत को लेकर जागरूकता और समय पर स्क्रीनिंग जरूरी है। खासकर उम्र बढ़ने के साथ बोन हेल्थ की निगरानी और जोखिम वाले लोगों का चिकित्सकीय मूल्यांकन महत्वपूर्ण हो जाता है।
AOS का संदेश है कि हड्डियों की कमजोरी का पता चलने तक इंतजार करने के बजाय समय रहते अपनी बोन हेल्थ के बारे में जानकारी हासिल की जाए और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह ली जाए।
Agra Moves Better–2026 का संदेश:
“हड्डियों की कमजोरी का इंतजार न करें—समय रहते जानें अपनी Bone Health.”
Better Bones • Better Life • Better Agra
Agra Orthopaedic Society (AOS)
यह भी पढ़ें

Pawan Kumar Singh
Chief Editor, Taj News
7579990777




