क्राइम डेस्क, Taj News | Published by: ठाकुर पवन सिंह | Updated: Wednesday, 04 Feb 2026 04:30 PM IST
गाजियाबाद (Ghaziabad): राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद (Ghaziabad) जिले में मंगलवार की देर रात एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना घटी है, जिसने हर माता-पिता की रूह को कंपा कर रख दिया है। थाना टीला मोड़ क्षेत्र की पॉश भारत सिटी सोसाइटी (Bharat City Society) के एक फ्लैट की 9वीं मंजिल से तीन सगी बहनों ने एक साथ छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। एक ही घर से एक साथ उठीं तीन अर्थियों ने पूरे इलाके में मातम और सन्नाटा पसरा दिया है।
तीनों बहनों की उम्र बेहद कम थी—बड़ी बहन 16 वर्ष, मंझली 14 वर्ष और सबसे छोटी महज 12 वर्ष की थी। पुलिस को मौके से एक 8 पेज का विस्तृत सुसाइड नोट, दीवार पर लिखी कुछ बेहद रहस्यमयी बातें और मोबाइल फोन्स मिले हैं। शुरुआती जांच और पिता के बयानों ने इस मामले को महज एक आत्महत्या नहीं, बल्कि ऑनलाइन गेमिंग (Online Gaming) और ‘कोरियन कल्चर’ (Korean Culture) के एक खौफनाक जाल की ओर इशारा किया है। यह घटना ‘ब्लू व्हेल’ जैसे जानलेवा गेम्स की याद दिलाती है, जिसने बच्चों को मौत के मुंह में धकेल दिया था।

खौफनाक मंजर: देर रात 2 बजे की वो काली रात
घटना मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात करीब 2:15 बजे की है। भारत सिटी सोसाइटी के टावर में सब कुछ शांत था। लोग अपने घरों में गहरी नींद में सो रहे थे। सोसाइटी के गार्ड्स अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। अचानक एक के बाद एक तीन तेज धमाकों की आवाज ने सन्नाटे को चीर दिया। जब गार्ड और कुछ निवासी आवाज की दिशा में दौड़े, तो नीचे का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। खून से लथपथ तीन किशोरियां जमीन पर पड़ी थीं।
आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों को लोनी के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ये तीनों उसी सोसाइटी की 9वीं मंजिल पर रहने वाले एक परिवार की बेटियां थीं। उस वक्त माता-पिता दूसरे कमरे में सो रहे थे, उन्हें इस बात की भनक तक नहीं लगी कि उनकी लाड़लियां मौत को गले लगाने जा रही हैं।
सुसाइड नोट का रहस्य: ‘पापा, डायरी पढ़ लेना…’
पुलिस ने जब उस कमरे की तलाशी ली, जहां से बच्चियों ने छलांग लगाई थी, तो उन्हें वहां से कई चौंकाने वाली चीजें मिलीं। सबसे अहम सुराग एक 8 पेज का सुसाइड नोट है। यह नोट किसी सामान्य सुसाइड नोट जैसा नहीं है, बल्कि इसमें बच्चों की मासूमियत और एक गहरे अवसाद का मिश्रण दिखाई देता है।
- भावुक माफी: सुसाइड नोट में बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है—“आई एम सॉरी, पापा (I am sorry, Papa)।” इसके साथ ही एक रोती हुई लड़की की इमोजी (Crying Girl Emoji) बनाई गई है, जो यह दर्शाती है कि वे इस कदम को उठाते समय कितनी दुखी थीं।
- डायरी का राज: नोट में एक ‘डायरी’ का जिक्र प्रमुखता से किया गया है। इसमें लिखा है—“इस डायरी में जो कुछ भी लिखा है, वो सब पढ़ लो क्योंकि ये सब सच है।” पुलिस ने उस डायरी को अपने कब्जे में ले लिया है। माना जा रहा है कि इस डायरी में ही उन कारणों का खुलासा होगा कि आखिर क्यों इन तीन मासूमों ने इतना बड़ा कदम उठाया।
- दीवार पर संदेश: कमरे की दीवार पर अंग्रेजी में एक लाइन लिखी मिली—“Make me a heart of alone” (मुझे अकेलेपन का दिल बना दो)। यह वाक्य उनके मानसिक स्थिति और अकेलेपन की ओर इशारा करता है।
मौत का ‘खेल’: क्या था वो ‘आखिरी टास्क’?
इस सामूहिक आत्महत्या के पीछे की वजह बेहद डरावनी है। किशोरियों के पिता, जो ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम करते हैं, ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटियां मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलने की बुरी तरह आदी थीं।
- 50 टास्क वाला गेम: पिता ने आशंका जताई है कि उनकी बेटियां कोई ऐसा ऑनलाइन गेम खेल रही थीं, जिसमें अलग-अलग लेवल या ‘टास्क’ पूरे करने होते थे। उन्होंने बताया कि इस गेम में कुल 50 टास्क थे।
- मंगलवार का आखिरी टास्क: पिता के मुताबिक, मंगलवार को उस गेम का ‘आखिरी टास्क’ (Last Task) पूरा करना था। उन्हें शक है कि यह आखिरी टास्क ही ‘आत्महत्या’ करना था, जिसे पूरा करने के लिए तीनों बहनों ने 9वीं मंजिल से छलांग लगा दी। कूदने के लिए उन्होंने बकायदा एक दो-स्टेप वाली सीढ़ी का इस्तेमाल किया, ताकि वे रेलिंग के ऊपर चढ़ सकें।
- कोरियन लवर गेम: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्चियां पिछले कुछ महीनों से ‘कोरियन लवर गेम’ या टास्क बेस्ड गेम्स खेल रही थीं। वे कोरियन पॉप (K-Pop) और कोरियन ड्रामा की भी बहुत बड़ी फैन थीं।
पुलिस जांच: कोरियन कल्चर और डिजिटल फुटप्रिंट
गाजियाबाद के डीसीपी निमिष पाटिल ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि अभी तक की जांच में यह सामूहिक आत्महत्या का मामला लग रहा है।
- कोरियन प्रभाव: डीसीपी पाटिल ने कहा, “हमें मौके से जो नोट और सबूत मिले हैं, उनकी जांच की जा रही है। जांच में अभी किसी स्पेसिफिक ऐप का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन नोट में यह स्पष्ट लिखा है कि लड़कियां कोरियन कल्चर (Korean Culture) से बहुत ज्यादा प्रभावित थीं। संभव है कि इसी के चलते या किसी गेम के प्रभाव में आकर उन्होंने यह कदम उठाया हो।”
- मोबाइल की फॉरेंसिक जांच: पुलिस ने तीनों लड़कियों के मोबाइल फोन और घर में मौजूद अन्य डिजिटल उपकरणों को जब्त कर लिया है। इनकी फॉरेंसिक जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि वे कौन सा गेम खेल रही थीं, किससे बातें करती थीं और इंटरनेट पर उनकी गतिविधियां क्या थीं।
लीडर थी मंझली बहन, तीनों साथ करती थीं हर काम
परिवार और पड़ोसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, तीनों बहनों में गहरा प्यार था। वे हर काम एक साथ करती थीं—चाहे खाना हो, सोना हो या खेलना।
- गेम की मास्टरमाइंड: पिता ने बताया कि बीच वाली बेटी (14 वर्ष) इस गेम की ‘लीडर’ थी। संभवतः वही बाकी दोनों बहनों को गाइड कर रही थी।
- परिवार की स्थिति: एसीपी शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह ने बताया कि लड़कियों के पिता ऑनलाइन ट्रेडिंग का काम करते हैं और मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले हैं। वे पिछले 3 साल से भारत सिटी सोसाइटी में किराए पर रह रहे थे। यह भी जानकारी मिली है कि पिता ने दो शादियां की थीं और इन बच्चियों की माताएं अलग-अलग हैं, हालांकि वे साथ रह रहे थे।
समाज के लिए चेतावनी: बच्चों के मोबाइल पर रखें नजर
यह घटना हर अभिभावक के लिए एक खतरे की घंटी है। कोरोना काल के बाद से बच्चों में मोबाइल और ऑनलाइन गेमिंग की लत खतरनाक स्तर तक बढ़ गई है।
- व्यवहार में बदलाव: अगर बच्चा अचानक बहुत चुप रहने लगे, अकेले कमरे में वक्त बिताए या मोबाइल छिपाने लगे, तो सतर्क हो जाएं।
- इंटरनेट एक्टिविटी: बच्चे इंटरनेट पर क्या देख रहे हैं, कौन सा गेम खेल रहे हैं और किन लोगों से चैट कर रहे हैं, इसकी निगरानी बेहद जरूरी है।
- कोरियन कल्चर का नशा: आजकल किशोरों में बीटीएस (BTS) और कोरियन ड्रामा का क्रेज बढ़ा है। हालांकि यह सिर्फ मनोरंजन हो सकता है, लेकिन अगर यह जुनून बन जाए और वे अपनी वास्तविकता से कटने लगें, तो यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है।
गाजियाबाद पुलिस अब उस ‘डायरी’ के पन्नों को पलट रही है, जिसमें इन तीन बहनों की मौत का असली सच छिपा है। क्या वाकई यह किसी गेम का टास्क था या फिर डायरी में कोई और ही दर्दनाक कहानी लिखी है? यह जांच का विषय है, लेकिन इस घटना ने तीन हंसती-खेलती जिंदगियों को हमेशा के लिए खामोश कर दिया है।
घटनास्थल चित्रों में :-










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