"कानपुर देहात हत्या मामला – तांत्रिक द्वारा व्यापारी की हत्या"

कानपुर देहात का शांत इलाका शिवली बीते कुछ दिनों से सनसनी के केंद्र में है। गांव अरसदपुर में 22 वर्षीय गल्ला व्यापारी राजाबाबू की हत्या ने न केवल पुलिस को उलझाया, बल्कि पूरे गांव को अविश्वास के गहरे झटके में डाल दिया। शुरुआती जांच में मामला साधारण रंजिश या लूट जैसा लग रहा था, लेकिन जब पुलिस की तहकीकात आगे बढ़ी तो घटनाक्रम किसी अपराध-थ्रिलर से कम नहीं निकला।

जिस युवक की हत्या हुई, वही अपनी जिंदगी बचाने के लिए तंत्र विद्या की मदद ले रहा था — और उसी तंत्र के चक्कर में उसकी जान चली गई। हत्या का आरोप उसी तांत्रिक नीलू गौतम पर लगा, जिसने कुछ महीने पहले खुद को “वशीकरण विशेषज्ञ” बताकर राजाबाबू को जाल में फांस लिया था। लेकिन कहानी इससे कहीं ज़्यादा खतरनाक और उलझी हुई है।

राजाबाबू अपने गांव की ही एक युवती से प्रेम करता था और उससे शादी करने के लिए बेचैन था। अप्रैल महीने में युवती की शादी किसी और से हो गई। इसके बाद भी वह उसे अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहता था। इसी कमजोरी को तांत्रिक नीलू ने पहचान लिया और उसका फायदा उठाया। राजाबाबू को उसने विश्वास दिलाया कि वह “तंत्र” के माध्यम से लड़की को उसके पास वापस ला सकता है।

राजाबाबू ने इस झांसे पर भरोसा कर लिया — और इसी भरोसे ने उसकी जान ले ली।

Raja Babu and Police officer

कैसे शुरू हुई तांत्रिक और व्यापारी की ‘खतरनाक’ दोस्ती?

पुलिस पूछताछ में आरोपी नीलू गौतम ने स्वीकारा कि वह पिछले एक वर्ष से राजाबाबू को जानता था। वह बिहारीपुरवा शिवली का रहने वाला है और अक्सर गांव में आता-जाता था। खुद को तांत्रिक बताने का उसका तरीका बेहद चालाकी भरा था। चूंकि कभी उसकी बहन की बीमारी में एक तांत्रिक के संपर्क में आने के बाद वह इस दुनिया से परिचित हुआ था, इसलिए धीरे-धीरे उसने खुद भी लोगों को अपनी ‘विद्या’ दिखाना शुरू कर दी।

राजाबाबू, जो पहले ही प्रेम में असफलता के कारण मानसिक तनाव झेल रहा था, इस प्रकार की बातों में आसानी से फँस गया।

नीलू ने पहली बार उससे 36 हजार रुपये लिए — यह कहते हुए कि वह लड़की पर वशीकरण करेगा और उसे वापस खींच लाएगा। उसी समय युवती का अपने पति से झगड़ा होने पर मायके आ जाना, राजाबाबू के दिमाग में और भरोसा पैदा कर गया कि “तांत्रिक का काम कर गया”।

यही वह मोड़ था, जहां से यह कहानी मौत की तरफ मुड़ गई।


दूसरा वशीकरण — और मांग गया छह लाख रुपये

करीब एक महीने बाद युवती वापस ससुराल चली गई। यह बात राजाबाबू को तोड़ गई। वह फिर से नीलू के पास पहुंचा और दोबारा वशीकरण करने को कहा। इस बार नीलू ने छह लाख रुपये की मांग कर दी। उसके मुताबिक यह दूसरा चरण अधिक कठिन था।

राजाबाबू इतने बड़े रकम का इंतजाम नहीं कर सकता था। उसने दो लाख रुपये देने की बात कही। नीलू ने “दोस्ती” का हवाला देकर उसे दो लाख में ही तैयार होने का झांसा दिया — जबकि उसके मन में पहले ही कोई और योजना पनप रही थी।

24 नवंबर को दोनों की मुलाकात होने वाली थी। इसके लिए तय किया गया स्थान था — भेवान और औनाहा के बीच का सुनसान इलाका।

यहीं से हत्या की पटकथा लिखनी शुरू हुई।


हत्या वाली शाम — शराब, मिठाई और धोखे की परतें

24 नवंबर की शाम वह दोनों पहले भेवान में मिले। राजाबाबू एक बैग लेकर आया जिसमें बतौर शुल्क डेढ़ लाख रुपये बताए जा रहे थे। तांत्रिक ने उसके साथ शराब के ठेके पर जाकर तीन क्वार्टर शराब खरीदी। इसके अलावा “तंत्र क्रिया” के लिए 60 रुपये की पांच तरह की मिठाइयाँ भी ली गईं।

तांत्रिक नीलू अपने साथ नींबू, कलावा और एक धारदार चाकू पहले से रखकर आया था — जिसे उसने “क्रिया की आखिरी सामग्री” बताया था।

दोनों औनाहा रोड के पास सैय्यद बाबा मजार से लगे ऊसर खेत में चले गए। इसी जगह पर नीलू ने हत्या को अंजाम दिया।


कैसे हुआ हमला?

जब रुपयों की बात फिर उठी और राजाबाबू ने डेढ़ लाख रुपये होने की बात कही, तो नीलू ने अचानक क्रोध का नाटक करते हुए बहस शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, इसी बहस के बीच उसने बैग में रखा चाकू निकाला और राजाबाबू के सीने पर कई वार कर दिए।

उसने न केवल हत्या की, बल्कि इसे आत्महत्या दिखाने की भी कोशिश की।

नीलू ने मौके से राजाबाबू का मोबाइल, रुपये और तंत्र सामग्री उठाई और वहाँ से भाग निकला। लेकिन उसने जो चालाकी दिखाई, वही उसके पकड़े जाने का कारण बन गई।


शराब क्वार्टर के QR कोड ने कैसे खोला पूरा राज?

घटना स्थल पर पड़े शराब के क्वार्टर पर QR कोड था। जांच में पुलिस ने QR कोड स्कैन किया तो सीधे ठेके तक पहुंच गई। वहाँ के CCTV फुटेज में नीलू और राजाबाबू दोनों दिखाई दिए।

यह पहला बड़ा सुराग था।

इसके बाद मोबाइल लोकेशन मिलान की गई — दोनों की लोकेशन कई घंटों तक एक ही स्थान पर थी।

यही वो बिंदु था जहां से पुलिस का शक पुख्ता हो गया।

हत्या का राज कैसे खुला? — सर्विलांस, फुटेज और बातचीत ने जोड़ा पूरा पहेली-खाका

पुलिस ने जब शक की दिशा तय कर ली, तो नीलू गौतम की कॉल डिटेल्स और व्हाट्सऐप चैट की बारीकी से जांच की। कई संदेश एक-दूसरे विरोधाभासी थे। इसके अलावा घटना के समय दोनों की लोकेशन एक ही इलाके में पाई गई। यह सबसे बड़ा तकनीकी सबूत था।

पूछताछ में नीलू पहले मुकरता रहा, लेकिन जब पुलिस ने लगातार सबूतों की कड़ियाँ उसके सामने रखनी शुरू कीं, तो वह टूट गया और पूरा सच खोल दिया। उसने बताया कि हत्या के बाद वह सीधे कानपुर गया और वहीं जुए में 50 हजार रुपये भी हार गया।

उसने जिस चाकू से हत्या की, वह भी पुलिस ने बरामद कर लिया। वहीं, पूजा सामग्री पास के गड्ढे में मिली।


ये कागज क्या था? — ‘युवती मेरी जिंदगी…’ वाला पत्र

नीलू की चालाकी यहीं खत्म नहीं हुई। उसने राजाबाबू से एक कागज पर यह लिखवाया:

“युवती मेरी जिंदगी है… मैं अपनी जान दांव पर लगा रहा हूं… मैंने डेढ़ लाख रुपये युवती के पीछे लगा दिए हैं…”

यह पत्र उसने “देवताओं का आह्वान” बताकर लिखवाया था।
वास्तव में, नीलू चाहता था कि यह आत्महत्या जैसा लगे।

हत्या के बाद उसने यह कागज राजाबाबू के सीने के पास रखा, दो ब्लेडों पर खून लगाया और उन्हें वहीं फेंक दिया — ताकि पुलिस को भ्रम हो कि राजाबाबू ने खुद पर हमला किया।

लेकिन तकनीक और जांच कौशल ने यह पूरा नाटक खोल दिया।


गांव में लोग क्या कह रहे हैं?

अरसदपुर में आज भी हर गली, हर चौपाल पर एक ही बात चर्चा में है —
एक पढ़े-लिखे व्यापारी को “वशीकरण” के नाम पर इतना कैसे बहकाया जा सकता है?

गाँव के बुजुर्गों का कहना है कि राजाबाबू शांत स्वभाव और मेहनती लड़का था, लेकिन युवती से प्रेम में असफलता ने उसे अंदर से तोड़ दिया। इसी कमजोरी को तांत्रिक ने निशाना बनाया।

महिलाओं में सबसे बड़ा डर यह है कि युवाओं पर तांत्रिकों की ठगी का असर बढ़ता जा रहा है।
कई लोग इसे “अंधविश्वास का घातक परिणाम” बता रहे हैं।


प्रेम कहानी और मौत — क्या सच में युवती को पता था?

पुलिस के अनुसार युवती का इस हत्या से कोई सीधा संबंध नहीं है।
वह अब अपनी ससुराल में है और इस पूरे मामले से अनजान बताई जा रही है।

लेकिन गांव में whispers (फुसफुसाहट) यह ज़रूर है कि युवती और नीलू दोनों को राजाबाबू के प्रेम की गहराई का अंदाजा था — और इसी वजह से वह ठगी का आसान निशाना बन गया।


तंत्र विद्या और ठगी — कितना खतरनाक हो चुका है यह जाल?

इस घटना के बाद पुलिस ने इलाके के अन्य कथित तांत्रिकों की भी जांच शुरू कर दी है।
कई लोगों का मानना है कि ऐसे फर्जी तांत्रिक अपने शिकार की मानसिक कमजोरी का फायदा उठाकर भारी रकम ऐंठते हैं।

तंत्र विद्या के नाम पर होने वाले अपराध तेजी से बढ़े हैं —
अक्सर इनका अंत इसी तरह किसी हत्या या हिंसा में होता है।


आरोपी नीलू की कहानी — कैसे एक दर्जी बना ‘तांत्रिक’?

नीलू पहले दिल्ली में सिलाई का काम करता था।
वह घर में सबसे छोटा था और आर्थिक रूप से कमजोर भी।

कुछ साल पहले उसकी बहन की तबीयत खराब हो गई। इलाज से फायदा नहीं हुआ तो वह एक तांत्रिक के संपर्क में आया। इसके बाद वह इस “विद्या” में दिलचस्पी लेने लगा — और धीरे-धीरे खुद को तांत्रिक बताने लगा।

उसे लगा कि
“बिना मेहनत, ज्यादा पैसा — यही रास्ता सही है।”

इसी लालच में पहले उसने लोगों को डराना शुरू किया, फिर झाड़-फूंक, वशीकरण के नाम पर पैसे कमाने लगा।
जब कमाई बढ़ी तो उसका लालच भी बढ़ता गया — और अन्ततः वही लालच हत्या में बदल गया।


वारदात वाली रात — पुलिस की नजरों में क्या था?

पुलिस को शुरुआत में यह मामला आत्महत्या जैसा लगा, क्योंकि कागज और ब्लेड वहीं पड़े थे।
लेकिन शव की हालत देखकर डॉक्टरों ने बताया कि यह आत्महत्या नहीं हो सकती — चोटों की दिशा और गहराई हत्या की ओर इशारा कर रही थी।

इसके बाद ही पुलिस ने शक की दिशा बदली और तांत्रिक नीलू की ओर धागे खुलने लगे।


आखिरकार गिरफ्तारी — सबूतों के आगे अपराध कबूल

घटना के 4 दिन बाद पुलिस ने नीलू को हरदियानाला के पास से गिरफ्तार किया।
उसके पास से मिले:

  • हत्या में प्रयुक्त चाकू
  • एक लाख रुपये
  • राजाबाबू का मोबाइल
  • पूजा सामग्री — नींबू, कलावा
  • मोटरसाइकिल

नीलू को न्यायालय ने जेल भेज दिया है।


मृतक का परिवार — सदमे और आक्रोश में

राजाबाबू के पिता संतराम आज भी यह मानने को तैयार नहीं कि उनका बेटा किसी तांत्रिक की बातों में आ सकता था।
परिवार के सभी सदस्य सदमे में हैं।

गाँव में चारों ओर चर्चा है कि राजाबाबू की मौत उसी प्रेम ने कराई जिसे वह जीवनभर पाने के लिए तड़प रहा था।


क्या बनेगा आगे का कानूनी रास्ता?

पुलिस अब यह जांच भी कर रही है कि
क्या तांत्रिक नीलू ने इससे पहले भी किसी से ऐसे पैसे ऐंठे थे?
क्या कोई और भी इस गिरोह में शामिल है?

आने वाले दिनों में इस केस में और भी परतें खुल सकती हैं।

Also 📖: दिल्ली ब्लास्ट: एनआईए ने लखनऊ में डॉ. शाहीन के घर मारा छापा, देश भर में आठ ठिकानों पर कार्रवाई

संपादन: ठाकुर पवन सिंह | ताज न्यूज़ – आईना सच का | www.tajnews.in | Email: pawansingh@tajnews.in | Tajnews.in

#KanpurNews #UPCrime #TantrikFraud #MurderCase #Vashikaran #CrimeReport #UttarPradesh #AmaarUjalaStyle

10 हज़ार में तमंचा, शादी से बचने को दादी की हत्या — पोती के खतरनाक प्लान का पर्दाफाश

By Thakur Pawan Singh

✍️ संपादन: ठाकुर पवन सिंह 📧 pawansingh@tajnews.in 📱 अपनी खबर सीधे WhatsApp पर भेजें: 7579990777 👉 Taj News WhatsApp Channel

2 thoughts on “युवती की शादी, प्रेमी और तांत्रिक खेल — गांव में हत्या से पहले क्या पक रहा था?”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *