क्राइम डेस्क, Taj News | Published by: ठाकुर पवन सिंह | Updated: Wednesday, 04 Feb 2026 10:15 PM IST
गाजियाबाद (Ghaziabad): दिल्ली से सटे गाजियाबाद के साहिबाबाद (Sahibabad) में तीन सगी बहनों के सामूहिक आत्महत्या (Mass Suicide) मामले ने पूरे देश को सन्न कर दिया है। 9वीं मंजिल से कूदकर जान देने वाली इन तीन किशोरियों (निशिका, प्राची और पाखी) की मौत की गुत्थी जैसे-जैसे सुलझ रही है, वैसे-वैसे बेहद चौंकाने वाले और डरावने खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह कोई क्षणिक आवेश में उठाया गया कदम नहीं था, बल्कि इसके पीछे 9 साल पुरानी एक लत थी—‘कोरियन कल्चर’ (Korean Culture) की लत। यह लत इस कदर हावी थी कि इन बच्चियों ने अपनी भारतीय पहचान को नकार दिया था और खुद को पूरी तरह से ‘कोरियन’ मान बैठी थीं ।+1

एक ‘रील’ ने बदल दी जिंदगी: 9 साल पहले पड़ी थी नींव
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस त्रासदी की नींव करीब 9 साल पहले पड़ी थी। सबसे बड़ी बहन निशिका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पहली बार एक कोरियन रील (Korean Reel) देखी थी । उस छोटी सी वीडियो क्लिप ने उसके बालमन पर इतना गहरा असर डाला कि उसका रुझान कोरियन कंटेंट की ओर बढ़ता चला गया। निशिका की देखा-देखी उसकी छोटी बहनें प्राची और पाखी भी धीरे-धीरे इस रंग में रंगने लगीं। जो शुरुआत एक मनोरंजन से हुई थी, वह धीरे-धीरे एक खतरनाक जुनून में तब्दील हो गई। बाद में तीनों बहनें पूरी तरह से कोरियन कल्चर की जद में आ गईं ।+1

कोरोना काल: जब लत बनी जानलेवा
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, कोरोना काल (COVID-19 Lockdown) इस परिवार के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। लॉकडाउन के दौरान जब स्कूल बंद थे और बच्चे घरों में कैद थे, तब इन तीनों बहनों का स्क्रीन टाइम खतरनाक हद तक बढ़ गया ।+1
- दिन-रात कोरियन कंटेंट: किशोरियां घंटों तक अपने कमरे में बंद होकर कोरियन संगीत (K-Pop), फिल्में, वेब सीरीज और वीडियो देखती रहती थीं ।
- पहचान का संकट: उन पर कोरियन संस्कृति का असर इतना गहरा हुआ कि वे खुद को भारतीय की जगह कोरियन मानने लगीं ।+1
- भाषा और रहन-सहन: उन्होंने वीडियो और इंटरनेट की मदद से कोरियन भाषा सीख ली थी। वे आपस में हिंदी की बजाय कोरियन भाषा में ही बात करती थीं । उनका पहनावा, खाने-पीने का तरीका और यहां तक कि बात करने का लहजा भी पूरी तरह बदल चुका था ।+2
- पिता से कहा- ‘आप इंडियन हो, हम कोरियन’: स्थिति मानसिक रूप से इतनी विकृत हो चुकी थी कि वे अपने पिता चेतन से साफ कहती थीं कि आप भारतीय हैं, लेकिन हम कोरियन हैं ।

पढ़ाई छूटी, स्कूल से नाता टूटा
इस लत का सबसे बुरा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ा।
- निशिका: कक्षा 4 तक पढ़ी।
- प्राची: कक्षा 3 तक पढ़ी।
- पाखी: केवल कक्षा 2 तक पढ़ी। पढ़ाई-लिखाई में रुचि खत्म होने के कारण तीनों बहनें फेल हो गईं, जिसके बाद उन्होंने स्कूल जाना ही बंद कर दिया । परिवार की आर्थिक तंगी (Financial Crisis) भी एक वजह रही, जिसके चलते पिता चेतन भी उनकी पढ़ाई पर ज्यादा जोर नहीं दे पाए और बच्चियां घर की चारदीवारी और मोबाइल की दुनिया में सिमट कर रह गईं ।

यूट्यूब चैनल और ‘डिजिटल दुनिया’
तीनों बहनों ने मिलकर कुछ समय पहले अपना एक यूट्यूब चैनल (YouTube Channel) भी बनाया था ।+1
- कंटेंट: इस चैनल पर वे कोरियन कल्चर पर आधारित कंटेंट अपलोड करती थीं ।
- पिता की सख्ती: जब पिता को इस बात का पता चला और उन्होंने देखा कि बेटियां हाथ से निकल रही हैं, तो उन्होंने उनसे मोबाइल फोन छीन लिए थे ।
- चैनल डिलीट: शायद पकड़े जाने के डर से या किसी टास्क के तहत, उन्होंने करीब एक माह पहले खुद ही इस चैनल को डिलीट कर दिया था । पुलिस अब इस चैनल के डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रही है ताकि उनकी मानसिकता को समझा जा सके।
छोटी बहन को भी अपने रंग में रंगने की कोशिश
इस त्रासदी का एक और पहलू यह है कि तीनों बहनें अपनी चार वर्षीय सबसे छोटी बहन को भी अपने साथ मिलाना चाहती थीं ।
- आइसोलेशन: उन्होंने छोटी बहन को अपने पास रखना शुरू कर दिया था। वे उसे कोरियन वीडियो दिखाती थीं और कोरियन भाषा सिखाने की कोशिश करती थीं ।
- पिता का हस्तक्षेप: जब पिता चेतन ने यह देखा, तो उन्होंने तीनों बड़ी बेटियों को कड़ी डांट लगाई और छोटी बेटी को इन सबसे दूर रखने की हिदायत दी ।
- बातचीत बंद: सूत्रों के अनुसार, उस दिन के बाद से तीनों बहनों ने अपनी छोटी बहन से पूरी तरह दूरी बना ली थी और उससे बातचीत करना भी बंद कर दिया था ।
वो आखिरी रात: मां को चूमा और कहा ‘I Love You’
मंगलवार की रात जो हुआ, वह किसी भी मां के लिए सबसे बुरा सपना है।
- आखिरी पल: तीनों किशोरियां अपने पिता की पहली पत्नी (मां) के साथ कमरे में सो रही थीं ।
- विदाई: रात करीब डेढ़ बजे (1:30 AM) तीनों अचानक उठीं। उन्होंने सोती हुई मां के गालों को चूमा और धीरे से कहा- “आई लव यू” (I Love You) ।
- छलांग: मां को लगा कि बेटियां प्यार जता रही हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह उनका आखिरी अलविदा है। इसके बाद तीनों कमरे से निकलीं और बालकनी से छलांग लगा दी। वे आखिरी शब्द मां के कानों में अब भी गूंज रहे हैं और उन्हें चैन से सोने नहीं दे रहे ।
पोस्टमार्टम और जांच
घटना के बाद तीनों शवों को हिंडन पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। बुधवार रात पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए, जिन्हें वे घर ले गए। गाजियाबाद के डीसीपी निमिष पाटिल और उनकी टीम इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वे किसी ‘कोरियन गेम’ (Korean Game) या किसी ऑनलाइन चैलेंज का शिकार हुईं, जैसा कि ‘ब्लू व्हेल’ के मामलों में देखा गया था
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