दिल्ली में रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात: पीजी के बेड बॉक्स में मिली 35 वर्षीय महिला की लाश, प्रेमी समेत तीन दरिंदे गिरफ्तार

National Desk, tajnews.in | Thursday, April 09, 2026, 01:15:30 PM IST

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नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर एक ऐसे जघन्य और खौफनाक अपराध की गवाह बनी है, जिसने पूरी इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। बाहरी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में एक पेइंग गेस्ट (पीजी) के कमरे से उठ रही बदबू ने जब पुलिस को वहां पहुंचने पर मजबूर किया, तो अंदर का नजारा देखकर खाकी वर्दी वालों की भी रूह कांप गई। कमरे में रखे दीवान बेड के बॉक्स के अंदर एक 35 वर्षीय विवाहित महिला की सड़ी-गली लाश ठूंस कर छिपाई गई थी। महिला की बेहद बेरहमी से गला दबाकर हत्या की गई थी। इस दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस ने त्वरित और कड़ी कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर इस हत्याकांड की गुत्थी को सुलझा लिया और मुख्य आरोपी दीपक, जो मृतका का प्रेमी बताया जा रहा है, उसके दो अन्य साथियों सुरेंद्र और जोगिंदर के साथ गिरफ्तार कर लिया है। इन तीनों हैवानों पर हत्या के साथ-साथ यौन उत्पीड़न का भी खौफनाक आरोप है, जिसने इस पूरे मामले को और भी ज्यादा वीभत्स बना दिया है।

HIGHLIGHTS
  1. बेड बॉक्स में मिली लाश: मंगोलपुरी के एक पीजी कमरे में बेड बॉक्स के अंदर 35 वर्षीय विवाहित महिला का शव बरामद होने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
  2. गला दबाकर निर्मम हत्या: शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि महिला की बेरहमी से गला घोंटकर हत्या की गई थी।
  3. प्रेमी और दो साथी गिरफ्तार: दिल्ली पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रेमी दीपक और उसके दो साथियों सुरेंद्र और जोगिंदर को गिरफ्तार कर लिया है।
  4. यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप: हत्या से पहले महिला के साथ दरिंदगी और यौन उत्पीड़न के भी गंभीर आरोप लगे हैं, जिसकी पुलिस गहनता से जांच कर रही है।

कमरे से आ रही तेज बदबू और वह खौफनाक शाम

मंगोलपुरी का वह संकरा और भीड़भाड़ वाला इलाका मंगलवार, 7 अप्रैल की शाम तक अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में व्यस्त था। लेकिन शाम करीब 4:30 बजे उस वक्त वहां अफरातफरी का माहौल बन गया, जब एक पेइंग गेस्ट (पीजी) की इमारत से अजीब और असहनीय बदबू आने की शिकायत स्थानीय लोगों ने मकान मालिक से की। यह बदबू एक बंद कमरे से आ रही थी, जिस पर बाहर से ताला लटका हुआ था। शक गहराने पर मकान मालिक ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जब कमरे का ताला तोड़ा, तो अंदर का दृश्य किसी डरावनी फिल्म से कम नहीं था। कमरे का सारा सामान बिखरा पड़ा था और बदबू इतनी भयंकर थी कि वहां एक पल के लिए भी खड़ा होना मुश्किल था।

पुलिस ने जब कमरे की तलाशी लेनी शुरू की, तो उनकी नजर कमरे में रखे एक लकड़ी के दीवान बेड पर गई। बेड का बॉक्स बाहर से बंद था। जैसे ही पुलिसकर्मियों ने उस बेड बॉक्स को खोला, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें फटी की फटी रह गईं। बॉक्स के अंदर एक महिला की लाश को बेहद अमानवीय तरीके से मोड़कर और ठूंसकर छिपाया गया था। लाश को देखकर साफ पता चल रहा था कि हत्या एक या दो दिन पहले की गई थी। पुलिस ने तुरंत क्राइम ब्रांच की फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। फिंगरप्रिंट्स और अन्य अहम सुराग जुटाने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया गया। इस खौफनाक खुलासे के बाद पूरे मंगोलपुरी इलाके में सनसनी फैल गई और लोग दहशत में आ गए।

पुलिस जांच का दायरा: सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन ने खोला राज

बाहरी दिल्ली पुलिस के सामने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाने की एक बड़ी और गंभीर चुनौती थी। डीसीपी के नेतृत्व में तुरंत कई विशेष टीमों का गठन किया गया। सबसे पहले उस कमरे के किराएदार की कुंडली खंगाली गई, जहां से लाश बरामद हुई थी। मकान मालिक से पूछताछ में पता चला कि यह कमरा दीपक नाम के एक युवक ने किराए पर ले रखा था और वह पिछले दो दिनों से रहस्यमयी तरीके से गायब था। पुलिस को अब दीपक की तलाश थी। पुलिस टीमों ने सबसे पहले पीजी के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर को अपने कब्जे में लिया।

सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पुलिस को एक बहुत ही अहम सुराग मिला। घटना वाले दिन दीपक के साथ दो अन्य युवक भी उस कमरे में जाते हुए दिखाई दिए थे, लेकिन महिला के बाहर आने की कोई तस्वीर कैमरों में कैद नहीं हुई थी। इसके बाद पुलिस ने मृतका और दीपक के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकालनी शुरू की। टेक्निकल सर्विलांस और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस की टीमें आरोपियों के पीछे लग गईं। महज 24 घंटे की कड़ी मशक्कत और लगातार दबिश के बाद, 8 अप्रैल को दिल्ली पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक को उसके दो दोस्तों सुरेंद्र और जोगिंदर के साथ दिल्ली के ही एक गुप्त ठिकाने से धर दबोचा। पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई आरोपियों के लिए किसी झटके से कम नहीं थी, जो यह सोच कर बैठे थे कि वे पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब हो गए हैं।

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दरिंदगी और हत्या: पूछताछ में सामने आई खौफनाक रात की पूरी कहानी

पुलिस हिरासत में आने के बाद जब तीनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उन्होंने जो खौफनाक सच उगला, वह इंसानियत को झकझोर देने वाला था। जांच में सामने आया कि 35 वर्षीय मृतका एक विवाहित महिला थी और उसका मुख्य आरोपी दीपक के साथ पिछले कुछ समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। घटना वाले दिन दीपक ने किसी बहाने से महिला को मंगोलपुरी स्थित अपने पीजी के कमरे पर बुलाया था। लेकिन वहां पहले से ही उसके दो अन्य दोस्त, सुरेंद्र और जोगिंदर मौजूद थे। तीनों ने मिलकर शराब पी रखी थी और उनके इरादे बेहद खतरनाक थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कमरे में किसी बात को लेकर दीपक और महिला के बीच तीखी बहस हो गई। यह बहस जल्द ही हाथापाई में बदल गई। इसी दौरान महिला के साथ कथित तौर पर यौन उत्पीड़न और दरिंदगी की वारदात को अंजाम दिया गया। जब महिला ने इसका विरोध किया और पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी, तो आरोपियों के सिर पर खून सवार हो गया। उन्होंने महिला को चुप कराने के लिए उसे बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया और फिर गला दबाकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद तीनों घबरा गए और अपनी करतूत को छिपाने के लिए उन्होंने लाश को कमरे में रखे बेड के बॉक्स के अंदर ठूंस कर बंद कर दिया। बाहर से ताला लगाकर तीनों आरोपी फरार हो गए। उन्हें लगा कि कई दिनों तक किसी को लाश का पता नहीं चलेगा और तब तक वे पुलिस की पहुंच से बहुत दूर जा चुके होंगे, लेकिन बदबू ने उनके सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया।

दिल्ली में महिला सुरक्षा और पीजी प्रशासन पर उठते तीखे सवाल

इस दिल दहला देने वाली वारदात ने एक बार फिर दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई गंभीर और तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी दिल्ली, जिसे देश का दिल कहा जाता है, वहां महिलाओं के खिलाफ अपराध का ग्राफ लगातार क्यों बढ़ता जा रहा है? सबसे बड़ा सवाल उन पेइंग गेस्ट (पीजी) और किराए के मकानों पर उठता है जो बिना किसी उचित पुलिस वेरिफिकेशन के चलाए जा रहे हैं। मकान मालिक महज चंद पैसों के लालच में बिना किरायेदारों के बैकग्राउंड की जांच किए उन्हें कमरे दे देते हैं, जो बाद में अपराधियों की पनाहगाह बन जाते हैं। मंगोलपुरी के इस मामले में भी मकान मालिक की बड़ी लापरवाही सामने आई है।

समाजशास्त्रियों और कानून के जानकारों का मानना है कि केवल कानून बना देने से अपराध नहीं रुकेंगे, बल्कि प्रशासन को ऐसे अवैध पीजी हॉस्टल्स के खिलाफ सख्त अभियान चलाना होगा। पुलिस को हर एक किराएदार की बारीकी से जांच करनी चाहिए। मृतका के परिवार पर इस वक्त दुखों का जो पहाड़ टूटा है, उसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता। एक हंसता-खेलता परिवार इस दरिंदगी की भेंट चढ़ गया। पुलिस अब इन तीनों आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मजबूत चार्जशीट पेश करने की तैयारी कर रही है ताकि इन्हें जल्द से जल्द और सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। यह वारदात समाज के लिए एक खौफनाक चेतावनी है कि आंख बंद करके किसी पर भी भरोसा करना कभी-कभी जिंदगी की सबसे बड़ी और आखिरी भूल साबित हो सकता है।

Thakur Pawan Singh Editor in Chief Taj News

Thakur Pawan Singh

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