National Desk, tajnews.in | 📍कुल्लू, हिमाचल प्रदेश | Sunday, April 5, 2026, 05:36:54 AM IST

कुल्लू: हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियां एक बार फिर से पर्यटकों के खून से पूरी तरह लाल हो गई हैं। ताज न्यूज़ की रपट के अनुसार, कुल्लू जिले में नेशनल हाईवे-305 पर शनिवार शाम एक बहुत ही भयानक और जानलेवा सड़क हादसा हुआ है। दरअसल, पर्यटकों से खचाखच भरी एक तेज रफ्तार ट्रैवलर गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर एक गहरी खाई में जा गिरी। गौरतलब है कि, इस खौफनाक हादसे ने मौके पर ही चार बेकसूर लोगों की दर्दनाक जान ले ली है। इसके परिणामस्वरूप, पूरे इलाके में चीख-पुकार और भारी दहशत का माहौल तुरंत पैदा हो गया। चूंकि अंधेरा और दुर्गम पहाड़ी रास्ता होने के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आ रही थीं। इसके बावजूद, स्थानीय लोगों और प्रशासन ने अपनी जान पर खेलकर 18 घायल पर्यटकों को उस मौत की खाई से सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। नतीजतन, पुलिस और प्रशासन ने सभी घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती करा दिया है।
- खौफनाक दुर्घटना: कुल्लू जिले में नेशनल हाईवे-305 पर पर्यटकों से भरी एक ट्रैवलर गाड़ी गहरी खाई में गिर गई।
- चार लोगों की मौत: इस दर्दनाक हादसे में मौके पर ही 2 पुरुष और 2 महिलाओं ने अपनी जान गंवा दी।
- बचाव अभियान सफल: स्थानीय लोगों और प्रशासन ने भारी मशक्कत करके 18 पर्यटकों को खाई से जिंदा बाहर निकाल लिया है।
- अस्पताल में भर्ती: पुलिस ने सभी 18 घायलों को तुरंत बंजार के सरकारी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचा दिया है।
कुल्लू में खौफनाक हादसा: जलोड़ी दर्रा से जीभी जा रहे थे पर्यटक
पहाड़ों का सुहाना सफर इन दुर्भाग्यपूर्ण पर्यटकों के लिए एक बहुत बड़े काल में बदल गया। दरअसल, यह दर्दनाक हादसा शनिवार शाम करीब 8:00 बजे के आसपास घटित हुआ। गौरतलब है कि, 22 पर्यटकों का एक समूह अपनी छुट्टियां मनाने के लिए हिमाचल प्रदेश के कुल्लू पहुंचा हुआ था। इसलिए, वे सभी लोग अपनी ट्रैवलर गाड़ी में सवार होकर जलोड़ी दर्रा से जीभी की ओर बहुत ही खुशी-खुशी जा रहे थे।
चूंकि उस गाड़ी में कुल 22 लोग सवार थे, जिनमें 20 वयस्क और दो छोटे मासूम बच्चे पूरी तरह से शामिल थे। विशेष रूप से, जलोड़ी दर्रा का यह पहाड़ी रास्ता अपनी घुमावदार और खतरनाक सड़कों के लिए हमेशा से जाना जाता है। नतीजतन, संकरे रास्तों पर गाड़ी चलाना किसी भी अनुभवी ड्राइवर के लिए एक बहुत बड़ी और भारी चुनौती होती है। इसी बीच, किस्मत ने अपना क्रूर खेल खेला और उनकी यह यात्रा एक भयंकर त्रासदी में पूरी तरह से बदल गई।
अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिरी ट्रैवलर, मची भारी चीख-पुकार
यह खौफनाक घटना घीयागी से करीब दो किलोमीटर पीछे सोझा की ओर भ्रागे जान नामक स्थान पर हुई। मुख्य रूप से, ढलान वाले रास्ते पर गाड़ी नीचे उतर रही थी, तभी चालक ने स्टीयरिंग से अपना नियंत्रण पूरी तरह खो दिया। इसके परिणामस्वरूप, तेज रफ्तार ट्रैवलर सड़क किनारे बनी रेलिंग को तोड़ती हुई सीधे एक बहुत गहरे और पथरीले नाले (खाई) में जा गिरी। गाड़ी खाई में गिरते ही कई बार बहुत बुरी तरह से पलटी।
नतीजतन, गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और अंदर बैठे पर्यटकों की भारी चीख-पुकार ने पूरे सन्नाटे को चीर कर रख दिया। इसके अलावा, खाई में नुकीले पत्थरों से टकराने के कारण चार लोगों ने मौके पर ही अपना दम तोड़ दिया। मृतकों में दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं, जिन्होंने इस भयानक हादसे में अपनी जान हमेशा के लिए गंवा दी है। स्थानीय निवासी प्रताप ठाकुर ने सबसे पहले उस जोरदार धमाके को सुना और वह दौड़कर तुरंत मौके पर पहुंच गए।
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स्थानीय लोगों और प्रशासन का महा-रेस्क्यू अभियान
हादसे की भयंकर आवाज सुनकर आसपास के दर्जनों ग्रामीण अपनी टॉर्च और रस्सियां लेकर तुरंत घटनास्थल पर जमा हो गए। दरअसल, ग्रामीणों ने बिना पुलिस का इंतजार किए खुद ही खाई में उतरकर बचाव कार्य शुरू कर दिया। गौरतलब है कि, उन्होंने गाड़ी में फंसे लहूलुहान लोगों को बहुत ही बहादुरी से बाहर निकालना शुरू किया। इसी बीच, स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को भी दुर्घटना की विस्तृत और सटीक सूचना फोन पर दे दी।
सूचना मिलते ही एसडीएम (SDM) बंजार पंकज शर्मा अपनी पुलिस और मेडिकल टीम के साथ मौके पर बहुत तेजी से पहुंच गए। उन्होंने स्थानीय लोगों की भारी मदद से एक विशाल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। चूंकि खाई बहुत गहरी थी, इसलिए घायलों को सड़क तक लाना एक बहुत ही चुनौतीपूर्ण और मुश्किल काम था। अंततः, प्रशासन और ग्रामीणों की अथक मेहनत रंग लाई और उन्होंने 18 लोगों को जिंदा बाहर निकाल लिया।
बंजार अस्पताल में घायलों का इलाज, मृतकों की पहचान जारी
बचाव दल ने सभी 18 घायल पर्यटकों को एंबुलेंस और निजी वाहनों के जरिए तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। मुख्य रूप से, प्रशासन ने सभी घायलों को बंजार के सिविल अस्पताल (CH Banjar) में भर्ती करा दिया है, जहां डॉक्टरों ने उनका सघन इलाज तुरंत शुरू कर दिया है। इसके अलावा, कई घायलों की हालत अभी भी बहुत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए कुल्लू रेफर किया जा सकता है।
एसडीएम पंकज शर्मा ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने चारों शवों को अपने कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हालांकि, अभी तक प्रशासन ने मृतकों और घायलों के नाम और पते की पूरी तरह से आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस मृतकों की पहचान करने के लिए उनके पहचान पत्रों और बैग्स की गहन तलाशी ले रही है। नतीजतन, पुलिस ने पर्यटकों के परिजनों को इस दर्दनाक हादसे की सूचना देने का काम भी शुरू कर दिया है।
पहाड़ी रास्तों पर सफर का भारी जोखिम और सुरक्षा चेतावनी
इस भयानक सड़क दुर्घटना ने एक बार फिर से हिमाचल प्रदेश के खतरनाक पहाड़ी रास्तों की भारी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, बाहरी राज्यों से आने वाले वाहन चालक अक्सर इन घुमावदार और दुर्गम पहाड़ी सड़कों के आदी बिल्कुल नहीं होते हैं। गौरतलब है कि, ओवरस्पीडिंग और सड़कों का सही ज्ञान न होना अक्सर ऐसे जानलेवा हादसों का मुख्य कारण बनता है।
इसलिए, कुल्लू पुलिस और प्रशासन ने सभी पर्यटकों के लिए एक बहुत बड़ी और अहम चेतावनी जारी की है। प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से अपील की है कि वे पहाड़ी रास्तों पर अपनी गाड़ियों की रफ्तार को पूरी तरह से नियंत्रित रखें। इसके अलावा, रात के समय ड्राइविंग करने से जितना हो सके उतना बचें। अंततः, ताज न्यूज़ सरकार से मांग करता है कि वे ऐसे दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) पर क्रैश बैरियर और सुरक्षा जाली तुरंत लगवाएं ताकि भविष्य में मासूम जानें बचाई जा सकें।
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Pawan Singh
Chief Editor, Taj News
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